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AI का डर: नौकरियों पर संकट कितना बड़ा, भविष्य कैसा होगा और क्या है समाधान?

AI का डर: नौकरियों पर संकट कितना बड़ा, भविष्य कैसा होगा और क्या है समाधान?

मेरे आसपास बैठने वाले तमाम लोग आजकल परेशान हैं. एक अनकही चिंता उन्हें रहती है. मैं एक पत्रकार हूं और मेरे आसपास रिपोर्टर, प्रोड्यूसर, प्रेजेंटर, प्रोडक्ट, मार्केटिंग, SEO, डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी के लोग बैठते हैं. सबके मन में एक अनकही चिंता है. जो लोग पेशे में नए आए हैं, वे थोड़ा कम परेशान हैं. लेकिन जो 30 से 40 साल के बीच हैं या मिड-करियर में हैं, उनकी चिंताएं थोड़ी ज्यादा हैं. चिंता यह है कि क्या AI हमसे हमारी नौकरियां ले लेगा?

एक तरफ जहां जॉब की चिंता है वहीं दूसरी तरफ AI की दिशा में सरकार के प्रयास तेजी से बढ़ रहे हैं. दुनिया के बड़े टेक प्लेयर्स जहां अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाने की जुगत में हैं, वहीं भारत भी इस क्षेत्र में तेजी से अपने पैर पसार रहा है. एआई के बजट बढ़ाए जा रहे हैं. दिल्ली में फरवरी 2026 में बुलाया गया ग्लोबल AI समिट इसी कड़ी का एक हिस्सा है.

सरकार के स्तर पर चल रहीं एआई से जुड़ी इन तमाम कोशिशों के बीच अगर आप भी व्हाइट कॉलर जॉब करते हैं, तो शायद आपने भी ऐसी चिंताएं अपने आसपास महसूस की होंगी. तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के बीच पैरेंट्स के मन में भी चिंता है कि वे अपने बच्चों को हायर एजुकेशन किस फील्ड में कराएं.

एक ज़माने में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का क्रेज़ था, लेकिन अब AI इंसानों से बेहतर कोडिंग कर रहा है. ऐसे में 4-5 साल बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स का क्या होगा? जो बच्चे आज सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कर रहे हैं, वे भविष्य में क्या करेंगे?

AI बदलाव की स्पीड – कोविड जैसा शॉक?

यह लिखने से पहले मैं Matt Shumer का आर्टिकल पढ़ रहा था. मैट शूमर एक अमेरिकी टेक उद्यमी और AI स्टार्टअप के फाउंडर हैं. उन्होंने AI से बदलती दुनिया की तुलना 2020 के कोविड से की है. जैसे कोविड आने के बाद 3-4 हफ्तों में पूरी दुनिया की स्थिति बदल गई थी, वैसे ही AI अगले कुछ सालों में दुनिया को बदल सकता है. मैट शूमर लिखते हैं कि AI चीजों को लोगों की उम्मीद से ज्यादा तेजी से बदल सकता है.

खास बात यह है कि AI अब खुद अगला और एडवांस AI बना रहा है. 5 फरवरी को ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने GPT-5.3 Codex रिलीज़ किया. कंपनी ने अपने टेक्निकल डॉक्युमेंटेशन में लिखा:

GPT-5.3-Codex is our first model that was instrumental in creating itself. The Codex team used early versions to debug its own training, manage its own deployment, and diagnose test results and evaluations.

नया फेज: AI अब खुद AI बना रहा है

इन दिनों आपने आईटी शेयरों में जबरदस्त गिरावट की खबरें पढ़ी होंगी. Infosys और TCS जैसी दिग्गज कंपनियों समेत ज्यादातर IT शेयरों में गिरावट रिकॉर्ड स्तर पर देखी जा रही है. यह गिरावट Anthropic के प्रोडक्ट Claude Cowork में कई नए प्लग-इन और टूल लॉन्च होने के बाद देखी गई. ये प्लग-इन और टूल इंसानों के बहुत से काम खुद कर सकते हैं – वे काम जिनके लिए बड़ी-बड़ी आईटी कंपनियां टूल बनाती हैं और दूसरी कंपनियों को उनका सब्सक्रिप्शन बेचती हैं.

Ai Creating Ai

AI creating AI

Dario Amodei, Anthropic के CEO हैं. उन्होंने हाल ही में कहा कि उनकी कंपनी का ज्यादातर कोड अब AI खुद लिख रहा है. अभी का AI अगली पीढ़ी का AI बना रहा है. हर महीने मिलने वाले फीडबैक से यह और बेहतर होता जा रहा है. हम सिर्फ 1-2 साल दूर हैं उस समय से, जब अभी का AI अगली पीढ़ी के AI को पूरी तरह बना देगा.

इतिहास क्या कहता है? (कंप्यूटर vs AI)

मैं समझ सकता हूं कि यह पढ़ते हुए आपकी चिंताएं बढ़ती जा रही होंगी. यह 90 के दशक की तरह है, जब कंप्यूटर हमारे आम जीवन में आना शुरू हुए थे. तब भी इसी तरह के डर थे – क्या कंप्यूटर इंसानों का काम छीन लेगा? हालांकि ऐसा नहीं हुआ. कंप्यूटर ने नई नौकरियां पैदा कीं और पुराने काम आसान किए. कंप्यूटर बनाने से लेकर कोडिंग और एप्लिकेशन बनाने तक, मार्केट में नई जॉब्स आईं.

इस तरह के और भी उदाहरण हैं. ATM आने से कैशियर का रोल हल्का हुआ, लेकिन बैंक बंद नहीं हुए. मोबाइल आने से डाकिया खत्म नहीं हुआ, रोल बदल गया. अब डिलिवरी एजेंट है.

Computer Vs Ai

Computer Vs AI

हालांकि AI की तुलना कंप्यूटर से पूरी तरह करना ठीक नहीं है. कंप्यूटर पर काम इंसानों को ही करना होता था. हर चीज के लिए कंप्यूटर पर कमांड देनी पड़ती थी – डेटा एंट्री, प्रेजेंटेशन बनाना, शॉपिंग करना, नेट बैंकिंग से पैसा ट्रांसफर करना, टिकट बुक करना, कोडिंग करना, वेबसाइट बनाना – यह सब इंसान कंप्यूटर को कमांड देकर करता था.

AI क्या अलग करता है?

AI की खास बात यह है कि यह इंसानों की तरह सोच सकता है और कई काम खुद ऑटोमेट कर सकता है. अगर आपने एक बार कमांड दिया, तो यह ऑनलाइन वह शॉपिंग साइट खोज सकता है जहां iPhone 17 सबसे कम कीमत पर मिल रहा होगा और आपके behalf पर ऑर्डर भी कर सकता है.

यहां तक कि आपका एड्रेस डाल सकता है, आपके नाम से आपके अकाउंट से पेमेंट कर सकता है. अगर उसके पास आपका डेटा मौजूद है, तो iPhone 17 का कलर भी चुन सकता है. यानी आपके behalf पर प्रोडक्ट सर्च करने से लेकर ऑर्डर करने तक की पूरी प्रक्रिया खुद कर सकता है.

यह काम कंप्यूटर खुद नहीं कर सकता था. ये सभी टास्क इंसान को कंप्यूटर पर खुद करने पड़ते थे. अभी तक एक बात साफ है – कंप्यूटर आने से दुनिया बदली थी, लेकिन AI उससे कहीं बड़ा बदलाव लेकर आएगा. AI हमारे जीवन में 360 डिग्री बदलाव ला सकता है.

Iphone

AI – 360 Degree

यह बदलाव सिर्फ नेगेटिव नहीं होंगे. हर नई चीज कुछ नए रास्ते खोलती है और कुछ पुराने रास्तों को बेहतर बनाती है. लंबे रास्तों को बंद करती है और उनकी जगह छोटे, आसान रास्ते खोलती है.

ऐसा बिल्कुल नहीं होगा कि दुनिया को AI Vs Human में चुनना पड़ेगा. दुनिया AI + Human Vs Human होगी. यानी उन लोगों की डिमांड ज्यादा होगी जो AI के साथ काम करना सीखेंगे.

High Risk Jobs

अब नेगेटिव पहलू पर बात करते हैं – किन नौकरियों पर सबसे ज्यादा खतरा है. जहां रिस्क ज्यादा है, वहां डेटा एंट्री, क्लर्किकल काम, बेसिक BPO और टेलीमार्केटिंग शामिल हैं.

Medium Risk Jobs

जहां काफी काम AI कर सकता है लेकिन इंसानों की जरूरत बनी रहेगी – वहां रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और काफी हद तक IT सपोर्ट आते हैं.

Lower Risk Jobs

जहां अभी कम रिस्क दिखता है – वहां हेल्थकेयर, स्किल्ड ट्रेड्स, मैनेजमेंट और कॉम्प्लेक्स क्रिएटिव स्ट्रेटेजी जैसे काम आते हैं.

सीधी बात – जो काम रिपीटिटिव है, डेस्क पर बैठकर कंप्यूटर की मदद से आसानी से किया जा सकता है, जो टास्क-बेस्ड और रूल-बेस्ड है – वहां खतरा ज्यादा है.

रिस्क लेवलजॉब टाइप्सक्यों (कारण)AI प्रभाव
बहुत ज्यादा जोखिमडेटा एंट्री, बेसिक क्लेरिकल, बेसिक BPO, टेलीमार्केटिंग, ट्रांसक्रिप्शन, बैक ऑफिस प्रोसेसिंग, बेसिक बुककीपिंग, बेसिक कंटेंट राइटिंग, SEO बेसिक कंटेंट, टेम्पलेट बेस्ड कोडिंग, बेसिक टेस्टिंग, टिकट रिजॉल्वर (L1 सपोर्ट), सिंपल MIS रिपोर्टिंगरिपिटेटिव + रूल बेस्ड + डिजिटल कामपूरी तरह ऑटोमेशन या भारी कटौती
ज्यादा जोखिमजूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर (रूटीन काम), बेसिक ग्राफिक डिजाइन, वीडियो एडिटिंग (टेम्पलेट), रिटेल कैशियर, वेयरहाउस पैकिंग/सॉर्टिंग, बेसिक लीगल ड्राफ्टिंग, बेसिक फाइनेंस एनालिसिस, ट्रैवल एजेंट (सिंपल बुकिंग), बैंक प्रोसेसिंग स्टाफAI + ऑटोमेशन बड़े हिस्से का काम कर सकताह्यूमन रोल सुपरविजन / एक्सेप्शन हैंडलिंग में शिफ्ट
मीडियम जोखिमरिटेल सेल्स एग्जीक्यूटिव, मैन्युफैक्चरिंग मशीन ऑपरेटर, लॉजिस्टिक्स प्लानिंग, IT सपोर्ट (L2/L3), HR ऑपरेशन, डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूशन, जर्नलिज्म (रूटीन न्यूज), इंश्योरेंस प्रोसेसिंग, कॉल सेंटर एडवांस सपोर्ट, अकाउंटिंग (नॉन स्ट्रेटेजिक)कुछ काम ऑटोमेट होगा, कुछ में ह्यूमन जरूरतAI असिस्टेड जॉब बनेगी
कम जोखिमटीचर्स, नर्स, फील्ड सेल्स, बिजनेस एनालिस्ट, प्रोडक्ट मैनेजर, कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर, चार्टर्ड अकाउंटेंट (एडवाइजरी), फार्मा सेल्स, UX डिजाइन (रिसर्च बेस्ड), मिड लेवल मैनेजरह्यूमन जजमेंट + रिलेशन + ऑन ग्राउंड समझAI हेल्प करेगा, रिप्लेस नहीं
बहुत कम जोखिमडॉक्टर, सर्जन, साइकोलॉजिस्ट/थेरेपिस्ट, स्किल्ड ट्रेड (इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, मैकेनिक), सीनियर मैनेजमेंट, रिसर्च साइंटिस्ट, स्ट्रेटेजी कंसल्टेंट, एंटरप्रेन्योर, डिफेंस/क्राइसिस रोलरियल वर्ल्ड काम + भरोसा + एक्सपर्ट निर्णयAI सिर्फ टूल रहेगा

AI के Positive Impact

अब कुछ पॉजिटिव बातें. ऐसे काम जहां अभी नौकरियां ज्यादा सुरक्षित हैं – वे काम जो फिजिकली होते हैं, जैसे कंस्ट्रक्शन और स्किल-बेस्ड काम.

AI की मदद से इंसानों की प्रोडक्टिविटी तेजी से बढ़ेगी. जिन कोड को लिखने में काफी समय लगता था, वे अब जल्दी लिखे जा सकेंगे. AI डिसीजन मेकिंग में मदद करेगा. डॉक्टर डायग्नोस्टिक रिपोर्ट देखकर जल्दी फैसले ले सकेंगे. किसान AI की मदद से फसलों की उत्पादन क्षमता बढ़ा सकेंगे.

शिक्षा आसान होगी और भाषा की दिक्कतें कम होंगी. मार्केट में AI ट्रेनर्स, प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स और ऑटोमेशन स्पेशलिस्ट की डिमांड बढ़ेगी.

आपको क्या करना चाहिए?

AI को अपनाएं, उससे डरें नहीं: AI आपका दुश्मन नहीं, बल्कि एक प्रोडक्टिविटी टूल है. जो लोग AI का उपयोग करना जानते हैं, वे उन लोगों से आगे निकलेंगे जो इसे नहीं जानते. अपने क्षेत्र से जुड़े AI टूल्स (जैसे ChatGPT, Midjourney या डेटा एनालिसिस टूल्स) का उपयोग करना सीखें. समझें कि AI आपके काम को आसान और तेज़ कैसे बना सकता है.

Core Future Reality
Old ThinkingNew Reality
AI vs HumanAI + Human vs Human
Degree Based CareerSkill Based Career
Linear CareerDynamic Career
Static LearningLifelong Learning

Soft Skills: AI डेटा और गणना में माहिर है, लेकिन मानवीय संवेदनाओं की नकल पूरी तरह नहीं कर सकता. इन स्किल्स पर काम करें:

Critical Thinking: जटिल समस्याओं का समाधान इंसान ही करेंगे.

Emotional Intelligenceछ दूसरों की भावनाओं को समझना और टीम का नेतृत्व करना

Communication: प्रभावी ढंग से अपनी बात रखना और बातचीत करना

Lifelong Learning: अब वह दौर खत्म हो गया है जब एक बार पढ़ाई कर ली और जिंदगी भर वही काम किया.

Upskilling: अपने मौजूदा कौशल को बेहतर बनाएं.

Reskilling: अगर आपका क्षेत्र तेजी से ऑटोमेशन की ओर बढ़ रहा है, तो नई टेक्नोलॉजी सीखें. उन क्षेत्रों को चुनें जहां मानवीय टच (स्पर्श) जरूरी है. कुछ क्षेत्रों में AI पूरी तरह इंसान की जगह नहीं ले पाएगा, जैसे:

  • Creative Arts – मौलिक लेखन, पेंटिंग और संगीत
  • Healthcare – डॉक्टर, नर्स और थेरेपिस्ट (जहां सहानुभूति जरूरी है)
  • Strategy & Leadership – बड़े निर्णय लेना और विजन तैयार करना

Prompt Engineering और डेटा साक्षरता: भविष्य में मशीन से सही सवाल पूछना और उससे सही काम करवाना एक बड़ी स्किल होगी. यह समझना जरूरी है कि डेटा कैसे काम करता है और AI के परिणामों को कैसे Verify किया जाता है.

Khabar Monkey
the authorKhabar Monkey

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