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Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या पर घर में सुख-शांति के लिए करें इस देवता का जाप, दूर होंगी सभी परेशानियां!

Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या पर घर में सुख-शांति के लिए करें इस देवता का जाप, दूर होंगी सभी परेशानियां!
Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या पर घर में सुख-शांति के लिए करें इस देवता का जाप, दूर होंगी सभी परेशानियां!

फाल्गुन अमावस्या 2026Image Credit source: PTI

Falgun Amavasya 2026 Date: फाल्गुन मास की अमावस्या घर में सुख और शांति स्थापित करने के लिए एक बहुत ही शुभ और प्रभावशाली तिथि मानी जाती है. 17 फरवरी 2026 को पड़ने वाली यह अमावस्या इस बार सूर्य ग्रहण के साये में है, जिससे इसका आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ गया है. अक्सर हमारे घरों में बिना किसी बड़े कारण के तनाव या मनमुटाव की स्थिति बनी रहती है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव माना जाता है.

अमावस्या के दिन कुछ खास देवी-देवताओं का ध्यान और मानसिक जाप करने से घर के वातावरण में सकारात्मकता का संचालन होने लगता है. इस पावन अवसर पर यदि आप सही विधि और श्रद्धा के साथ पूजा करते हैं, तो मानसिक शांति के साथ-साथ परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम बढ़ने की संभावना भी प्रबल हो जाती है.

भगवान विष्णु और शिव की आराधना से लाएं घर में सुकून

घर में शांति और स्थिरता लाने के लिए भगवान विष्णु और महादेव की पूजा सबसे उत्तम मानी गई है. भगवान विष्णु जगत के पालनहार हैं, इसलिए अमावस्या पर ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करने से घर की कलह दूर होती है और सुख-समृद्धि का मार्ग साफ होता है. इसके साथ ही, यदि घर में अशांति का माहौल अधिक रहता है, तो भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र ‘ॐ नम: शिवाय’ का जाप करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है.

शिव जी को शांति और वैराग्य का देवता माना जाता है, उनके नाम का स्मरण करने से मन के भीतर का क्रोध शांत होता है और परिवार में धैर्य बढ़ता है. इन मंत्रों का शांत मन से किया गया मानसिक जाप न केवल आपके घर की नकारात्मकता को खत्म करता है, बल्कि आपके जीवन के सही संचालन के लिए जरूरी ऊर्जा भी प्रदान करता है.

पितरों का आशीर्वाद और हनुमान जी की भक्ति के लाभ

अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है, इसलिए इस दिन अपने पूर्वजों के नाम का ध्यान करना घर में सुख-शांति के लिए बहुत आवश्यक है. यदि पितृ प्रसन्न होते हैं, तो घर की बाधाएं अपने आप दूर होने लगती हैं और परिवार में शांति आने की संभावना बढ़ जाती है. आप अपने पितरों के निमित्त ‘ॐ पितृभ्य: नम:’ का जाप कर सकते हैं. इसके अलावा, घर से नकारात्मक शक्तियों और अज्ञात भय को दूर करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ या ‘ॐ हनुमते नम:’ मंत्र का जाप करना भी बहुत प्रभावशाली माना जाता है. हनुमान जी की शक्ति और भक्ति परिवार के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बना देती है, जिससे बाहरी तनाव घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाते. पितरों और देवताओं का यह संयुक्त स्मरण आपके घर के माहौल को पवित्र और खुशहाल बना देता है.

शांति स्थापना के लिए जरूरी नियम और सरल सावधानियां

फाल्गुन अमावस्या के दिन घर में शांति बनाए रखने के लिए केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखना भी बहुत जरूरी है. इस दिन घर में किसी भी प्रकार का विवाद, ऊंची आवाज में बात करना या मांस-मदिरा का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ने की आशंका रहती है. सुबह स्नान के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें और मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं ताकि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सके. शाम के समय कपूर जलाकर पूरे घर में उसका धुआं दिखाएं, इससे मानसिक स्पष्टता आती है और घर के सदस्यों का मन शांत रहता है. इन छोटे-छोटे और मीठे उपायों को अपनाकर आप इस अमावस्या पर अपने घर को खुशियों और सुकून से भर सकते हैं. शुद्ध भाव और सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी प्रकार के सुझाव के लिएastropatri.comपर संपर्क करें.

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