Saturday, April 11, 2026
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Exclusive: LTTE की साजिश और मौत का वो स्टेज! सुदेश भोसले ने बताया कैसे बाल-बाल बचे थे उदित नारायण और प्यारेलाल

Sudesh Bhosle Navbharat-Navarashtra Interview: नागपुर में आज सुरेश भट सभागृह में होने वाले ‘नवभारत उत्सव’ के लिए सिटी पहुंचे संगीत जगत के दिग्गज गायक सुदेश भोसले ने शुक्रवार की शाम ‘नवभारत-नवराष्ट्र’ के कार्यालय में संपादकीय टीम से चर्चा की। अपनी जादुई आवाज और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए मशहूर सुदेश ने अपने 45 साल लंबे करिअर के पन्ने पलटे जिनमें सफलता की चमक भी थी और मौत को करीब से देखने का खौफ भी।

Exclusive: LTTE की साजिश और मौत का वो स्टेज! सुदेश भोसले ने बताया कैसे बाल-बाल बचे थे उदित नारायण और प्यारेलाल
Exclusive: LTTE की साजिश और मौत का वो स्टेज! सुदेश भोसले ने बताया कैसे बाल-बाल बचे थे उदित नारायण और प्यारेलाल

1993 का वो काला दिन जब स्टेज बना था ‘डेथ ट्रैप’

सुदेश ने साल 1993 के उस रूह कंपा देने वाले वाकये को याद किया जब वे लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की टीम के साथ कोलंबो (श्रीलंका) में परफॉर्म करने गए थे। इस टीम में असरानी, उदित नारायण, कविता कृष्णमूर्ति और मनहर उदास जैसे करीब 50 दिग्गज कलाकार शामिल थे। उन्होंने बताया, ‘वहां तत्कालीन राष्ट्रपति रणसिंघे प्रेमदासा का एक जुलूस निकल रहा था।

लिट्टे (LTTE) ने उन्हें मारने के लिए 8 जगहों पर साजिश रची थी और बदकिस्मती से हमारा परफॉर्मिंग स्टेज उस साजिश का आखिरी पड़ाव था। स्टेज के ठीक नीचे भारी मात्रा में विस्फोटक लगाए गए थे। हम लाखों की भीड़ के सामने परफॉर्म करने के लिए तैयार खड़े थे, मौत हमारे पैरों के नीचे दबी थी।’

धमाका और वो खौफनाक टैक्सी सफर

(Sudesh bhosle) ने आगे बताया कि राष्ट्रपति स्टेडियम पहुंचने ही वाले थे कि एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। धमाका इतना जोरदार था कि उसकी गूंज स्टेडियम तक सुनाई दी। राष्ट्रपति प्रेमदासा की मौके पर ही मौत हो गई। अफरा-तफरी के बीच भारतीय कलाकारों को तुरंत वहां से निकलने को कहा गया। सुदेश और संगीतकार प्यारेलाल एक टैक्सी में बैठकर एयरपोर्ट की तरफ भागे।

सुदेश याद करते हैं, ‘टैक्सी में प्यारेलाल जी ने दुखी होकर कहा कि राष्ट्रपति के साथ बहुत बुरा हुआ, यह सुनते ही टैक्सी ड्राइवर भड़क गया और बोला- जो हुआ अच्छा हुआ। हम सन्न रह गए और पूरे रास्ते खामोश रहे। बाद में समझ आया कि अगर वह धमाका रास्ते में न होता तो वो सीधा हमारे स्टेज पर होता और पूरा बॉलीवुड उस दिन खत्म हो जाता।’

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45 साल से अपनी आवाज ढूंढ रहा हूं

अपने प्लेबैक सिंगिंग के करिअर में उन्होंने संजीव कुमार, अशोक कुमार, अमिताभ बच्चन, राजकुमार, अनिल कपूर, गोविंदा, मिथुन जैसे तमाम दिग्गजों को आवाज दी है। गायकी पर बात करते हुए जब उनसे पूछा गया कि आज सुदेश भोसले कहां है।

सुदेश भोसले (Sudesh bhosle) ने कहा, ‘मैंने लगभग हर बड़े सुपरस्टार के लिए आवाज दी है। लोग मुझे ‘वॉयस ऑफ बिग बी’ कहते हैं लेकिन सच यह है कि पिछले 45 साल से मैं भी उसी सुदेश भोसले को खोज रहा हूं।’ इसका मतलब है कि आज भी वह अपने लिए कुछ नया करने की चाह रखते हैं।

आज सजेगी सुरों की महफिल

‘नवभारत’ अपने पाठकों के साथ 93 वर्षों के अटूट विश्वास और स्नेह के रिश्ते का जश्न मना रहा है। इस कड़ी में 11 अप्रैल को ‘’ के तहत पगारिया ग्रुप पावर्ड बाय ‘सुरों से सजी, यादों से भरी एक संगीतमय शाम’ में मशहूर गायक सुदेश भोसले शानदार प्रस्तुति देंगे। शाम 6 बजे से रेशिमबाग स्थित सुरेश भट सभागृह में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में भोसले अपनी पूरी टीम के साथ नागपुरवासियों का मनोरंजन करेंगे।

उनके साथ जानी-मानी गायिका रूपाली आनंद व मकरंद पाटनकर भी अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे। कार्यक्रम के एसोसिएट स्पॉन्सर भूमेश रिएल्टर्स, ल्यूमेन सोलर, शुभ आरंभ रियल इस्टेट, प्रोजोन पाम्स, वैनगंगा रियल्टीज, एचसीजी, मेट्रो ग्रुप, प्रफुल देशमुख, नाइल प्रॉपर्टीज, निर्मल उज्ज्वल क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव व मर्कलैंड हैं।

  • नवभारत लाइव पर नागपुर से स्वाती पाल की रिपोर्ट
khabarmonkey@gmail.com

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