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हर ओर पीला ही पीला… निजामुद्दीन की दरगाह पर ऐसी मनाई गई बसंत पंचमी, बारिश में कम नहीं हुआ जोश

हर ओर पीला ही पीला… निजामुद्दीन की दरगाह पर ऐसी मनाई गई बसंत पंचमी, बारिश में कम नहीं हुआ जोश
हर ओर पीला ही पीला... निजामुद्दीन की दरगाह पर ऐसी मनाई गई बसंत पंचमी, बारिश में कम नहीं हुआ जोश

निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर पहुंचे लोग

दिल्ली की हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर शुक्रवार को बसंत पंचमी महोत्सव मनाया गया. शुक्रवार को आयोजित वसंत पंचमी के इस त्योहार पर कई सूफी प्रेमियों ने भी हिस्सा लिया. निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह पर पीले कपड़े पहने हुए श्रद्धालुओं का एक बड़ा समूह सरसों के फूल और गेंदे के फूल लेकर सालाना बसंत पंचमी कव्वाली के लिए इकट्ठा हुए. दिल्ली में मौसम खराब होने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग दरगाह पर पहुंचे.

वसंत पंचमी महोत्सव हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर पिछले 700 सालों से मनाया जा रहा है. यह एक महोत्सव सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक भी बन गए हैं. हालांकि, इस साल दरगाह समिति ने कुछ हेरिटेज वॉक समूहों द्वारा समारोहों के “व्यावसायीकरण” पर चिंता जताई है.

बसंत पंचमी के मौके पर हजरत निजामुद्दीन औलिया को विशेष रूप से पीली चादर पेश की गई, जो फूलों से लदी थी. इसके साथ ही वहां मौजूद लगभग सभी लोगों ने पीला लिबास पहना था. बड़ी संख्या में लोग सरसों के फूल लेकर पहुंचे थे. यहां दिल्ली के साथ-साथ आस-पास के कई इलाकों के लोग पहुंचे थे.

शाम को सजी कव्वाली की महफिल

दिन में लोग निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर माथा टेकते रहे. शाम ढलते-ढलते कव्वाली की अंतिम महफिल के साथ उत्सव समापन की ओर बढ़ा, लेकिन सूफी प्रेमियों के दिलों में इसकी मिठास लंबे समय तक बनी रहेगी. यहां कई ग्रुप कव्वाली की गा रहे थे. खास बात यह है कि सूफी बसंत का हिस्सा सिर्फ एक विशेष धर्म के लोग नहीं होते हैं, बल्कि ईसाई, सिख और हिंदू भी होते हैं.

दरगाह कमेटी की तरफ से की गई थी अपील

दिल्ली की हजरत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह दरगाह की तरफ से 16 जनवरी को आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल ने एक पोस्ट किया जिसमें कहा गया, “कृपया नकली पेजों और इंस्टाग्राम अकाउंट से सावधान रहें. जो सूफी बसंत कार्यक्रम के लिए टिकट बेच रहे हैं. हम सभी को स्पष्ट रूप से सूचित करना चाहते हैं कि सूफी बसंत हर साल दरगाह शरीफ में मनाया जाता है और यह पूरी तरह से मुफ्त है. सभी धर्मों के लोगों का दरगाह शरीफ आने और कार्यक्रम में मुफ्त में शामिल होने के लिए स्वागत है.”

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