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क्या दूध वाकई कैल्शियम की कमी को पूरा करता है?

क्या दूध वाकई कैल्शियम की कमी को पूरा करता है?
क्या दूध वाकई कैल्शियम की कमी को पूरा करता है?

दूध और कैल्शियमImage Credit source: Getty Images

बचपन से ही हमें दूध पीने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसे शरीर के विकास और मजबूती से जोड़ा जाता है. बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की आदतों के बीच आज भी दूध को पोषण का आसान सोर्स समझा जाता है. खासतौर पर हड्डियों और दांतों की सेहत की बात आते ही दूध का नाम सबसे पहले लिया जाता है. वहीं, आजकल कैल्शियम की कमी से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से सामने आ रही हैं, जिससे लोग अपनी डाइट को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं. ऐसे में यह सवाल और भी अहम हो जाता है कि क्या रोज़ाना दूध पीना ही कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए काफी है या नहीं.

कई लोग मानते हैं कि दूध से कैल्शियम की जरूरत पूरी हो जाती है, जबकि कुछ लोग इसे लेकर असमंजस में रहते हैं. यही कारण है कि दूध और कैल्शियम को लेकर सही जानकारी होना बेहद ज़रूरी हो जाता है. आइए जानते हैं कि क्या दूध सच में शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा कर सकता है या नहीं.

क्या दूध सच में कैल्शियम की कमी को पूरा करता है?

लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में डॉ. एल.एच. घोटेकर बताते हैं कि एक गिलास दूध पीने से शरीर को अच्छी मात्रा में कैल्शियम मिलता है, जिसे शरीर आसानी से एब्जॉर्ब कर लेता है. दूध में मौजूद विटामिन डी कैल्शियम को शरीर में बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है. इसी वजह से हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए दूध को फायदेमंद माना जाता है.

हालांकि, हर व्यक्ति की कैल्शियम की जरूरत एक जैसी नहीं होती. यह उम्र, लिंग, लाइफस्टाइल और सेहत पर निर्भर करती है. अगर शरीर में कैल्शियम की कमी ज्यादा है, तो केवल दूध पीना काफी नहीं होता.

ऐसे मामलों में दूध के साथ दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल और बादाम जैसी चीजों को डाइट में शामिल करना जरूरी होता है. इससे शरीर को अलग-अलग सोर्स से कैल्शियम मिलता है. कुल मिलाकर, दूध कैल्शियम की कमी को पूरा करने में मदद करता है, लेकिन संतुलित डाइट के बिना पूरी कमी को दूर करना मुश्किल हो सकता है.

एक दिन में कितना दूध पिएं?

आमतौर पर एक स्वस्थ एडल्ट के लिए रोज़ 2 गिलास यानी 400 से 500 ml दूध पर्याप्त माना जाता है. इससे रोज़ की कैल्शियम ज़रूरत का बड़ा हिस्सा पूरा हो सकता है. बच्चों, टीनेजर और प्रेगनेंट महिलाओं को अपनी ज़रूरत के अनुसार मात्रा बढ़ानी पड़ सकती है.

वहीं, जिन लोगों को लैक्टोज से परेशानी होती है, वे डॉक्टर की सलाह से मात्रा तय करें. ध्यान रखें कि जरूरत से ज़्यादा दूध पीना भी फायदेमंद नहीं होता, संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है.

ये भी ज़रूरी

दूध के साथ विटामिन डी का स्तर सही होना चाहिए.

रोज़ाना धूप में कुछ समय बिताएं.

सिर्फ दूध नहीं, कैल्शियम-रिच डाइट लें.

जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें.

प्रोसेस्ड फूड और सोडा का सेवन कम करें.

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