Politics

Republic Day 2026: परेड में न लेकर जाएं ये सामान, एंट्री मिलने में हो सकती है दिक्कत

Republic Day 2026: परेड में न लेकर जाएं ये सामान, एंट्री मिलने में हो सकती है दिक्कत
Republic Day 2026: परेड में न लेकर जाएं ये सामान, एंट्री मिलने में हो सकती है दिक्कत

गणतंत्र दिवस परेड.

भारत आज 77वें गणतंत्र दिवस परेड समारोह में अपनी विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करेगा. देशवासियों के लिए यह दिन बेहद खास होता है. दरअसल, 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था, जिसके बाद से हर साल इसी दिन देशभर में बड़े ही धूमधाम से गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. बता दें कि देश के महामहिम राष्ट्रपति सलामी मंच से इस परेड को सलामी देते हैं.

इस दिन दिल्ली में कर्तव्य पथ पर शानदार परेड का आयोजन किया जाता है. जिसको देखने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई नेता और आम जनता भी कर्तव्य पथ पर परेड देखने पहुंचती है. अगर आप भी इस बार परेड देखने जा रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरुरी है कि कौन सी चीजें आप अपने साथ ले जा सकते हैं और कौन सी नहीं ले जा सकते.

परेड में प्रतिबंधित सामान

जानकारी के मुताबिक गणतंत्र दिवस परेड देखने जा रहे दर्शक इन चीजों को साथ नहीं ले जा सकते हैं.

  • खाने-पीने का सामान, कोई थैला या ब्रीफकेस
  • रेडियो, ट्रांजिस्टर, टेपरिकॉर्डर
  • पेजर, कैमरा, दूरबीन और हैंडकैम
  • ज्वलनशील पदार्थ या सिगरेट, बीड़ी, लाइट शराब, इत्र या किसी तरह का स्प्रे
  • नुकीला हथियार, तलवार, पेंचकस, डिजिटल डायर, पाम टॉप कंप्यूटर, पॉवर बैंक, मोबाइल चार्जर
  • हेड फोन, रिमोट कंट्रोल कार, थर्मस फ्लास्क, पानी की बोतल, रेजर, कैंची और छाता
  • परेड स्थल पर अनधिकृत तस्वीरें क्लिक नहीं कर सकते
  • वीडियोग्राफी करने पर भी रोक

इन चीजों को क्यों नहीं ले जा सकते?

परेड में देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री समेत कई मंत्री और दुनियाभर के कई वीवीआईपी मेहमान शामिल होते हैं. जिसको लेकर यहां की सुरक्षा बेहद ही चाक चौंबद रहती है ताकि यहां परिंदा भी पर न मार सके. इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से कई चीजों को ले जाना मना होता है.

10,000 पुलिसकर्मी तैनात

दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की है, जिसके तहत नई दिल्ली क्षेत्र में लगभग 10,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और एआई आधारित स्मार्ट चश्मे तथा सीसीटीवी कैमरों सहित उन्नत निगरानी टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है.

कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नयी दिल्ली) देवेश कुमार महाला ने बताया, राष्ट्रीय आयोजन के दौरान प्रतिभागियों और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं.

उन्होंने कहा, सुरक्षा के लिए लगभग 10,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है. जांच चौकियां, बैरिकेड और अन्य मानक संचालन प्रक्रियाएं लागू हैं. तैनाती योजनाओं, बिंदुवार ब्रीफिंग और आकस्मिक उपायों के बारे में सभी कर्मचारियों को समझाया गया है और पूर्वाभ्यास भी किए गए हैं.

3,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे

महाला के मुताबिक, उन्नत निगरानी तंत्र के तहत परेड मार्ग और आसपास के हिस्सों सहित पूरे नई दिल्ली क्षेत्र में वीडियो एनालिटिक्स और फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) जैसी टेक्नोलॉजी से लैस 3,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. उन्होंने बताया कि लगभग 150 कर्मियों वाले 30 से अधिक कंट्रोल रुम 24 घंटे इन कैमरों से मिलने वाले लाइव फीड की निगरानी करेंगे.

वीडियो एनालिटिक्स से लैस एआई चश्मे

महाला के अनुसार, क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को एफआरएस और वीडियो एनालिटिक्स से लैस एआई चश्मे भी प्रदान किए जाएंगे. उन्होंने कहा, भारत में निर्मित ये उपकरण पुलिस डेटाबेस में अपराधियों, संदिग्धों और घोषित अपराधियों के बारे में उपलब्ध डेटा वास्तविक समय में उपलब्ध कराएंगे, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में उनकी तुरंत पहचान संभव हो पाएगी. अगर किसी का चेहरा हमारे डेटाबेस से मेल खाता है, तो हम उसे तुरंत पहचान लेंगे.

Khabar Monkey
the authorKhabar Monkey