रणवीर सिंह की धुरंधर 2 के धमाकों ने फिल्म इंडस्ट्री की धड़कनें तेज कर दी हैं. भविष्य की फिल्मों के आगे कलेक्शन का टारगेट सेट कर दिया. धुरंधर के प्रोपेगेंडा से सहमति, असहमति और झूठ-सच का विवाद अपनी जगह है लेकिन इसने बॉक्स ऑफिस पर एक उन्माद कायम करने में कामयाबी पाई है, इसमें कोई दो राय नहीं है. धुरंधर 2 के कलेक्शन ने हिंदुस्तान के फिल्म इतिहास में नया रिकॉर्ड बना दिया है. गुरुवार को धुरंधर 2 भारत की पहली हिंदी फिल्म बन गई, जिसका घरेलू कलेक्शन 1000 करोड़ पार कर गया. इसमें लगातार बढ़ोत्तरी जारी है. यह नंबर कहां जाकर रुकेगा, फिलहाल कयास ही लगाया जा सकता है.

इससे पहले धुरंधर पहले भाग ने भी भारत में करीब 831 करोड़ का कलेक्शन किया था. यानी फिल्म ने कमाई का नया मानक तैयार करने में बड़ी सफलता पाई है. धुरंधर दूसरे भाग ने अपने ही पहले भाग का रिकॉर्ड तोड़ दिया. लेकिन अब ने जो कमाई का आंकड़ा जुटाया है, वह केवल आंकड़ा नहीं रह गया बल्कि बॉलीवुड में सफल होने वाली फिल्मों के आगे एक माइलस्टोन तैयार कर दिया है. धुरंधर 2 के बाद अब कौन?
कहां जाकर रुकेगा धुरंधर 2 का कलेक्शन!
सबसे अहम सवाल यही है. इंडस्ट्री के अंदर और बाहर गॉसिप का बाजार गर्म है कि धुरंधर 2 के दिए नए टारगेट को आखिर कौन पूरा कर पाएगा? रणवीर सिंह की फिल्म का ये पहाड़-सा रिकॉर्ड क्या कभी टूट पाएगा? कौन डायरेक्टर और एक्टर हो सकते हैं, जिनसे उम्मीद करें कि वह धुरंधर 2 के कलेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ सकेंगे. इस मु्द्दे पर कयास लगाएं लेकिन उससे पहले बताएं कि धुरंधर पहले भाग ने वर्ल्डवाइड करीब 1300 करोड़ के आस-पास कलेक्शन किया था, और अब धुरंधर 2 ने इस लेख के लिखे जाने तक करीब 1700 करोड़ के आस-पास का कलेक्शन हासिल किया है.
फिलहाल वर्ल्डवाइड दंगल से पीछे धुरंधर 2
भारत के अंदर हिंदी की पहली 1000 करोड़ पार कमाई करने वाली फिल्म बनी, साथ ही 2026 में अब तक दुनिया की टॉप टेन सबसे ज्यादा कलेक्शन करने वाली फिल्म भी बन गई है. डायरेक्टर आदित्य धर की यह फिल्म रिकॉर्ड का नया पड़ाव है. हालांकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन के मामले में धुरंधर 2 अब भी आमिर खान की 2016 में आई दंगल से पीछे है, जिसने करीब 2000 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था. लेकिन रणवीर की फिल्म के कलेक्शन की रफ्तार अब भी बरकरार है. इस बात का इंतजार रहेगा कि धुरंधर 2 का कलेक्शन दंगल के वर्ल्डवाइड कलेक्शन के पास पहुंचता है या नहीं.
इन फिल्मों का भी जबरदस्त कलेक्शन
वैसे साउथ के अल्लू अर्जुन जैसे सुपरस्टार की पुष्पा आदि फिल्मों के इतर हाल की हिंदी में बनी कुछ ब्लॉकबस्टर फिल्मों के कलेक्शन पर एक नजर डालें तो तस्वीर मोटे तौर पर साफ हो जाती है. विकी कौशल की छावा, शाहरुख खान की जवान और पठान, रणबीर कपूर की एनिमल, आमिर खान की सीक्रेट सुपरस्टार, राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की स्त्री 2, कार्तिक आर्यन-विद्या बालन-माधुरी दीक्षित की भूल भुलैया 3, अनीत पड्डा-अहान पांडे की सैयारा, विवेक अग्निहोत्री की द कश्मीर फाइल्स और इससे काफी पहले 2015 में आई सलमान खान-करीना कपूर की बजरंगी भाईजान आदि कुछ ऐसी फिल्में हैं, जिसने अपने-अपने समय में बॉक्स ऑफिस शानदार कलेक्शन किया था. ये फिल्में दर्शकों को भी काफी पसंद आईं. लेकिन धुरंधर 2 ने सबके रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए.
उरी से जोश हाई, तो धुरंधर से उन्माद
गौरतलब है कि धुरंधर ने हाल के सालों की तमाम फिल्मों के बीच सबसे अलग स्थान बनाया है. पहली बार भारतीय दर्शकों को पाकिस्तान की अंदरुनी कहानी इतने विस्तार से देखने को मिली. पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली हो या फिर कश्मीर में आतंक को समर्थन देने वाले मुद्दे- ऐसे विषयों पर बनी हिंदी फिल्में हमेशा से भारत के अंदर खूब लोकप्रियता बटोरती रही हैं. इतिहास में झांककर देखें तो यह सिलसिला जेपी दत्ता की 1997 की बॉर्डर के ब्लॉकबस्टर होने बाद और तेजी से आगे बढ़ा. आमिर खान की सरफरोश हो या फिर ऋतिक रोशन की फिजां, मिशन कश्मीर आदि- पहले भी ऐसी फिल्में खूब कामयाब होती रही हैं. लेकिन आदित्य धर की ही विकी कौशल अभिनीत उरी-द सर्जिकल स्ट्राइक ने इसे और भी आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाया. जिससे दर्शकों में जोश हाई देखा गया.
अब धुरंधर एक प्लान की तरह सामने आई जिसमें पाकिस्तान की अपराध कथा की डिटेलिंग ने भारतीय दर्शकों को उन्माद से भर दिया. उरी ने जोश जगाया, तो धुरंधर ने उन्माद पैदा कर दिया. कहानी और तथ्यों का तार्किक-अतार्किक होना बहस का विषय हो सकता है लेकिन भारतीय दर्शकों को यह बात पसंद आई कि पाकिस्तान की अपराध कथा में भारत से नफरत की बुनियाद छिपी है. जिसका ध्वस्तीकरण उसी तरह से होना जरूरी है, जैसा कि फिल्म में रणवीर सिंह के किरदार हमजा अली बनाम जसकीरत सिंह रांगी ने किया. पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से आक्रोशित भारतीय दर्शकों की नब्ज़ को फिल्म का यह नैरेटिव काफी पसंद आया और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपने नाम को चरितार्थ कर गई.
धुरंधर 2 का रिकॉर्ड क्या टूटेगा?
गौरतलब है कि आज भारतीय फिल्म दर्शकों का मिजाज तेजी से बदल रहा है. वह अपने समय और आस-पास की राजनीतिक-सामाजिक-सांस्कृतिक घटनाओं से इतनी आंदोलित है कि उसे सिनेमा के पुराने प्रतिमान पसंद नहीं आते. उसे सैयारा जैसी फौरी राहत प्रदान करने वाला हल्का फुल्का टाइमपास म्यूजिकल इमोशन भी चाहिए तो बाहुबली, एनिमल, पठान, जवान, पुष्पा, कांतारा, छावा या धुरंधर जैसी लार्जर दैन लाइफ आक्रामकता भी. उसे द कश्मीर फाइल्स, द केरल स्टोरी या हक जैसै झकझोरने वाले सब्जेक्ट भी चाहिए. मतलब बड़े पर्दे पर जाकर अगर कोई फिल्म देखनी है तो उसे उम्मीद से बढ़कर, अनुमान से ज्यादा या कल्पना से भी परे और वह सब कुछ मिलना चाहिए जो हॉलीवुड की फिल्मों और ओटीटी पर मिलता है. प्रोपेगेंडा के आरोप और विवाद अपने मोर्चे पर अलग हैं लेकिन दर्शकों के लिए सिल्वर स्क्रीन पर बस जादू घटित होना चाहिए.
लंबे समय के बाद शाहरुख खान की पठान और जवान को मिली कामयाबी इसी बात का संकेत था. अब शाहरुख अपनी आने वाली फिल्म किंग की तैयारी में हैं. किंग से भी काफी उम्मीदें हैं. उससे पहले सलमान खान की मातृभूमि आने वाली है. सलमान क्या पुराने जादू जगा पाते हैं-ये देखना दिलचस्प रहेगा. इनके अलावा आमिर भी बड़े प्रोजेक्ट में संलग्न हैं तो रणबीर कपूर की रामायण भी दो पार्ट में दस्तक देने जा रही है. रामायण ने अभी से ही माहौल बना दिया है. वह बहुत बड़े बजट की फिल्म है. देखना होगा कि कौन से एक्टर-डायरेक्टर आदित्य-रणवीर की जोड़ी की धुरंधर 2 के कलेक्शन का रिकॉर्ड ब्रेक कर पाते हैं. इंतजार रहेगा.





