झारखंड के सरायकेला जिले के चौका थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में पुलिस ने सोयना मुंडा के भाई और दो भतीजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में पता चला कि 57 वर्षीय सोयना मुंडा की हत्या जादू-टोना और अंधविश्वास के कारण की गई थी। यह घटना 6 नवंबर को ग्राम मुटुदा में हुई थी, जहां मृतक का क्षत-विक्षत शव गांव में ही पाया गया था। घटना के बाद सोयना मुंडा के भाई हागड़ो मुंडा ने अज्ञात लोगों के खिलाफ चौका थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस के मुताबिक, मृतक के भाई हागड़ो मुंडा ने अपने दो भतीजों पगला मुंडा और मोहन मुंडा के साथ मिलकर सोयना मुंडा की हत्या की। जांच में सामने आया कि यह हत्या डायन-भूत और अंधविश्वास पर आधारित थी। आरोपियों को यह भ्रम था कि सोयना मुंडा उनके परिवार पर “काला जादू” कर रहा है और इसी डर और अंधविश्वास के चलते उन्होंने मिलकर उस पर हमला किया।
घटना के बाद तीनों आरोपियों ने हत्या को बाहरी हमले के रूप में दिखाने के लिए पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराई। शुक्रवार को पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मोहन मुंडा ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लकड़ी के हत्थे वाला लोहे का फरसा बरामद किया, जिसका इस्तेमाल वारदात में किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।


