: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 2 से 7 अक्टूबर तक सिंगापुर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे भारतसिंगापुर विकास एवं कारोबार सम्मेलन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के दौरे का मुख्य फोकस छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश बढ़ाने और प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने रखने पर रहेगा।

वैश्विक निवेशकों और उद्योगपतियों से करेंगे मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सिंगापुर में वैश्विक निवेशकों और उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे छत्तीसगढ़ में उपलब्ध निवेश के अवसरों और प्रदेश की औद्योगिक क्षमता की जानकारी साझा करेंगे। सरकार की ओर से निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने और नई परियोजनाओं के लिए उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया जाएगा।
उद्योग और परिवहन क्षेत्र में निवेश पर फोकस
सीएम के सिंगापुर दौरे के दौरान उद्योग , परिवहन और नई तकनीक के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने पर विशेष जोर रहेगा। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए संभावित निवेशकों के साथ चर्चा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में नए निवेश के साथ रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
भारतसिंगापुर विकास एवं कारोबार सम्मेलन में होंगे शामिल
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भारतसिंगापुर विकास एवं कारोबार सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री यहां छत्तीसगढ़ की निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत करेंगे और प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल की जानकारी वैश्विक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को देंगे।
नई तकनीक में निवेश बढ़ाने की कोशिश
छत्तीसगढ़ सरकार नई तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ाने पर जोर दे रही है। सिंगापुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में तकनीकी क्षेत्र से जुड़े निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी प्रस्तावित हैं। सरकार का फोकस प्रदेश में आधुनिक तकनीक के साथ उद्योगों के विस्तार और निवेश के नए अवसर तैयार करने पर रहेगा।
2 से 7 अक्टूबर तक सिंगापुर में रहेंगे सीएम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 2 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक सिंगापुर में रहेंगे। इस दौरान वे सम्मेलन में भाग लेने के साथ निवेशकों और उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। सरकार की कोशिश है कि इस दौरे के जरिए छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया जाए और प्रदेश में उद्योग, परिवहन तथा नई तकनीक से जुड़े निवेश के अवसर बढ़ाए जाएं।