
Chat Gpt HealthImage Credit source: Getty images
हाल ही में ChatGPT Health सर्विस की शुरुआत की गई है. यह नया टूल ChatGPT और OpenAI की टेक्नोलॉजी पर आधारित है. इसके जरिए लोगों को हेल्थ से जुड़ी सभी जानकारी मिलेगी. ये टूल शुरुआती सलाह से लेकर लैब टेस्ट रिपोर्ट्स तक की जानकारी तक दे सकेगा. पिछले कुछ सालों में स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियों को लेकर लोग जागरूक भी हो रहे हैं. जब से ChatGPT आया है इसपर हेल्थ से संबंधित लाखों सवाल रोज पूछे रहे हैं. अपने लक्षणों के बारे में बताकर बीमारी की जानकारी हासिल कर रहे हैं. इस बढ़ते चलन और रिस्पांस को देखते हुई हीChatGPT Health को लाया गया है, लेकिन क्या यह तकनीक फायदेमंद होगी या इसके नुकसान भी हैं?
ChatGPT Health के फायदों की बात करें तो यह लोगों के लिए 24×7 उपलब्ध है. ये तुरंत प्रतिक्रिया देता है और आसान भाषा में जानकारी समझाता है. लोग बिना डॉक्टर के पास जाए ही बीमारियों के कारण, लक्षणों के आधार पर टेस्ट डाइट जैसी जानकारी तुरंत पा सकते हैं. डॉक्टर के पास जाने से पहले लोग AI की मदद से जान सकते हैं कि क्या टेस्ट कराने हैं और किस बीमारी के लिए कौन से डॉक्टर से मिलना है. लोग डायबिटीज, हाई बीपी, हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों के लक्षणों से लेकर कारणों तक को जान सकते हैं, लेकिन क्या इस तकनीक पर ज्यादा निर्भर रहना ठीक है? इस बारे में एक्सपर्ट्स से जानते हैं.
ChatGPT का ज्यादा यूज खतरनाक
दिल्ली एम्स में पीडियाट्रिक विभाग में डॉ. हिमांशु भदानी बताते हैं कि उनके पास इलाज के लिए बच्चे आते हैं. उनके साथ माता- पिता होते हैं. इनमें से कई ऐसे होते हैं जो पहले ही बीमारी के बारे में जानकारी लेकर आते हैं और कुछ मामलों में तो यह तक कहते हैं कि सर ये समस्या नहीं है या हमें ये दवा लिख दीजिए. कहने का मतलब है कि लोग अब खुद ही डॉक्टर बनने की कोशिश कर रहे हैं. ये सब ChatGPT के ज्यादा यूज से हो रहा है. लोग इसपर बीमारी के बारे में पढ़ते हैं और फिर डॉक्टर के पास आते हैं. लेकिन इस तकनीक का ज्यादा यूज अच्छा नहीं है.
डॉ हिमांशु कहते हैं कि AI डेटा पर आधारित सलाह देता है, लेकिन अगर इनपुट गलत दिया गया या सीमित जानकारी मिली, तो वह गलत सुझाव भी दे सकता है. कई मामलों में मरीज को अनावश्यक डर भी हो सकता है, चूंकि हर मरीज का शरीर अलग होता है तो इलाज भी उसके हिसाब से होता है, लेकिन एआई के लिए सब एक ही है. आप जैसे लक्षण उसको बताएंगे वह सभी लोगों के लिए उसका एक जैसा
जवाब ही देगा, जो ठीक नहीं है. ऐसे में यह जरूरी है कि कोई भी स्वास्थ्य समस्या हो तो आप डॉक्टर के पास ही जाएं, और तकनीक का यूज करना भी है तो सीमित ही करें.
डॉक्टर की जगह नहीं ले सकता ChatGPT
दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में न्यूरो सर्जन डॉ. राकेश कुमार बताते हैं कि ChatGPT का यूज इस कदर बढ़ गया है कि कुछ लोग तो इसपर लक्षण डालकर दवाएं तक खोज रहे हैं और उनको मेडिकल से लाकर खा भी रहे हैं. ऐसे कई केस आते हैं जहां मरीज बताते हैं कि उनको परेशानी हुई और उन्होंने मेडिकल से दवा लाकर खाली. जब पूछा की दवा किसने लिखी तो वह बताते हैं कि ये उन्होंने चैट जीपीटी से पढ़ा था.
डॉ. कुमार कहते हैं कि ये चलन बहुत ही खतरनाक है और फायदे की जगह नुकसान कर सकता है. गलत दवा और डोज जानलेवा भी साबित हो सकती है, ऐसे में स्वास्थ्य से जुड़ी चीजों के लिए डॉक्टर पर ही भरोसा करें,ChatGPT Health एजुकेशन के लिए अच्छा है, लेकिन ये डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है. आपको अपनी किसी भी परेशानी में डॉक्टर से मिलना जरूरी है. क्योंकि तकनीक की मदद से
जानकारी तो मिल जाएगी, लेकिन इलाज डॉक्टर ही करेंगे, किसी भी बीमारी में टेस्ट और ट्रीटमेंट के लिए पेशेवर हेल्थकेयर ही आवश्यक है.






