
अकासा एयर
हवाई यात्रा करने वाले आम मुसाफिर के लिए सबसे बड़ा डर क्या होता है? शायद यही कि कहीं ऐन मौके पर उसकी फ्लाइट रद्द न हो जाए या एयरलाइन हाथ खड़े न कर दे. भारतीय एविएशन सेक्टर में आए दिन होने वाली उथल-पुथल के बीच, अकासा एयर ने एक ऐसा भरोसा दिलाया है जो यात्रियों के लिए राहत की खबर हो सकती है. शनिवार को ‘ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2026’ के मंच से अकासा एयर के सीईओ विनय दुबे ने साफ कर दिया कि उनकी कंपनी ‘मौकापरस्त’ होकर नहीं, बल्कि एक ठोस और लंबी रणनीति के साथ बाजार में उतरी है.
भीड़ देखकर नहीं बदलती अकासा की नीतियां
अक्सर देखा जाता है कि जब त्योहारों का मौसम आता है या छुट्टियों में यात्रियों की भीड़ बढ़ती है, तो कई कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए अस्थायी तौर पर लीज पर विमान ले लेती हैं. उनका मकसद होता है कि ‘बहती गंगा में हाथ धो लिए जाएं’. लेकिन अकासा एयर के सीईओ विनय दुबे ने इस सोच को सिरे से खारिज कर दिया है.
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अकासा एयर अवसरवादी रवैया नहीं अपनाती. इसका मतलब यह है कि कंपनी सिर्फ इसलिए अपने बेड़े में अतिरिक्त विमान शामिल नहीं करती क्योंकि मांग के कुछ महीने ऊंचे रहने वाले हैं. एक यात्री के तौर पर यह आपके लिए इसलिए मायने रखता है क्योंकि जो एयरलाइन हड़बड़ी में विस्तार नहीं करती, उसका मैनेजमेंट ज्यादा स्थिर होता है. दुबे का कहना है कि वे मांग कम होने पर विमानों को खड़ा कर देने या वापस भेजने की ‘यूज एंड थ्रो’ वाली नीति में विश्वास नहीं रखते.
मुश्किल वक्त के लिए ‘वैकल्पिक व्यवस्था’ का मास्टरप्लान
किसी भी एयरलाइन की असली परीक्षा तब होती है जब हालात सामान्य न हों. विनय दुबे ने अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि अकासा एयर ‘राजकोषीय अनुशासन’ (Fiscal Discipline) को अपना मूल मंत्र मानती है. दुबे ने एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही कि एयरलाइन के लिए ‘अतिरिक्त व्यवस्था’ (Redundancy) का निर्माण करना बेहद जरूरी है. चाहे वह पूंजी यानी पैसों की अतिरिक्त व्यवस्था हो या फिर कर्मचारियों की. इसका सीधा असर आपकी यात्रा पर पड़ता है. जब एयरलाइन के पास बैकअप में पर्याप्त स्टाफ और फंड होता है, तो छोटी-मोटी परिचालन संबंधी दिक्कतों का असर उड़ानों पर नहीं पड़ता. यानी अगर कोई संकट आता है, तो अकासा के पास उससे निपटने का ‘बफर’ मौजूद है, जिससे आपकी फ्लाइट के कैंसिल होने या लेट होने की गुंजाइश कम हो जाती है.
अगस्त 2022 से अब तक, सधी हुई रफ़्तार
अकासा एयर ने भारतीय आसमान में अपनी उड़ान अगस्त 2022 में शुरू की थी. तब से लेकर अब तक कंपनी ने बहुत ही सधे हुए कदमों से अपना विस्तार किया है. फिलहाल अकासा एयर के बेड़े में 33 विमान शामिल हैं और बहुत जल्द एक और विमान इस परिवार का हिस्सा बनने वाला है.






