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CBSE 12th Board Exam: पहली बार डिजिटली चेक होंगी 12वीं की कॉपियां? एक्सपर्ट ने 8 सवालों के जवाब में बताया पूरा प्रोसेस

CBSE 12th Board Exam: पहली बार डिजिटली चेक होंगी 12वीं की कॉपियां? एक्सपर्ट ने 8 सवालों के जवाब में बताया पूरा प्रोसेस
CBSE 12th Board Exam: पहली बार डिजिटली चेक होंगी 12वीं की कॉपियां? एक्सपर्ट ने 8 सवालों के जवाब में बताया पूरा प्रोसेस

सीबीएसई का बड़ा फैसला

CBSE 12th Board Exam: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने इस बार बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत 12वीं बोर्ड एग्जाम की कॉपियां यानी उत्तर पुस्तिकाएं अब डिजिटल स्क्रीन पर चेक होंगी. इसकी शुरुआत 2026 बोर्ड एग्जाम से होने जा रही है. सीबीएसई ने कहा है कि इससे मूल्यांकन यानी कॉपी चेक करने की व्यवस्था में पारदर्शता आएगी. साथ ही गलती होने की संभावनाएं खत्म होंगी. साथ ही रिजल्ट भी समय से जारी होगा. सीबीएसई के इस फैसले का पैरेंट्स और स्टूडेंट्स स्वागत कर रहे हैं, लेकिन इसको लेकर कई तरह की शंकाएं भी हैं. इस बात को ध्यान में रखते हुए TV9 भारतवर्ष ने दिल्ली के लवली पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. भावना से विस्तार से बातचीत की. उन्होंने 8 सवाल के जवाब में डिजिटल स्क्रीन में 12वीं बोर्ड की काॅपियां चेक करने का पूरा प्रोसेस बताया है.

आइए जानते हैं कि डिजिटल स्क्रीन में 12वीं बोर्ड की काॅपियां चेक करने का प्रोसेस क्या होगा? जानेंगे कि कैसे डिजिटल मार्किंग या चेकिंग से समय की भी बचत होगी? ऐसे तमाम सवालों के जवाब तलाशने की काेशिश करते हैं.

सवाल : डिजिटल एग्जाम कॉपी को कैसे चेक किया जाएगा,क्या प्रोसेस होगा?

जवाब: भारत ने पिछले 5 वर्ष में बहुत कुछ डिजिटल किया है. इसमें एजुकेशन को बिल्कुल पीछे नहीं रहना चाहिए. इस समय ऐसे बदलाव जरूरी है. इसी कड़ी में सीबीएसई ने पहले फेस में 12वीं बोर्ड एग्जाम की कॉपियां डिजिटल स्क्रीन में चेक करने का फैसला लिया है, जिसका नोटिफिकेशन जारी हो चुका है. इसमें यह कहा गया है कि ऑन स्क्रीन पीडीएफ फॉर्म में आंसर शीट स्कूल रिसीव करेगा और उसको चेक किया जाएगा. सारा काम ऑन स्क्रीन होगा. बहुत सारे स्कूल (छोटे स्कूल भी शामिल ) का स्टाफ भी अपना योगदान देगा.

सवाल : 12th के स्टूडेंट्स एग्जाम के बाद एग्जामिनेशन हाल में अपनी कॉपी जमा कराते हैं. उसके बाद इसका प्रोसेस किस तरीके से होगा? थोड़ा समझाइए.

जवाब: इस प्रक्रिया में स्टेप बहुत सारे हैं. सिक्योरिटी के रीजन से पूरा प्रोसेस बताना संभव नहीं है. हालांकि ये स्पष्ट है कि एग्जाम के बाद आंसर शीट हमें सीबीएसई में जमा करानी हैं. सीबीएसई के मुख्य सेंटर में बहुत हाइली AI जेनरेटेड टीम होगी. शायद ये टीम सभी आंसर शीट को पीडीएफ फॉर्म में कन्वर्ट करेगी. उसके बाद जो सेंटर्स (6 महीने पहले ही बना दिए गए थे) बने हैं, वहां से 20 दिन पहले सूचना आएगी कि किस स्कूल और किस प्रिंसिपल के अंडर में कॉपियां चेक होनी हैं.

पहले की व्यवस्था में चेक होने वाली कॉपियों की रोजाना लिस्ट बनानी होती थी. अब कॉपी चेक करने के लिए कोड मिलेंगे. उन कोड को हम उन्हें शेयर करेंगे, जो उसे सब्जेक्ट के चेकर हैं. इस दौरान जितनी भी कॉपियां हम चेक करेंगे. उसको हम देख सकेंगे की एक समय में कितनी कॉपियां चेक हो गई है. AI के जरिए चेकिंग के दौरान टोटल हो जाएगा. काॅपी को चेक सबमिट करने के दौरान कापी की टोटल में गलती नहीं होगी.

सवाल: डिजिटल मार्किंग या चेकिंग से समय की भी बचत होगी क्या?

जवाब; डिजिटल मार्किंग से समय की बचत होगी. मैनपावर की बचत होगी. ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा बचेगा. अब टीचर अपने स्कूल में अपने समय के अनुसार उस स्कूल में आंसर सीट को चेक कर पाएंगे. ये स्कूल के लिए भी अच्छा है और टीचर के लिए भी अच्छा है.

सवाल: किसी स्टूडेंट को अपनी कॉपी रिजल्ट के बाद दोबारा चेक करनी है तो क्या डिजिटल होने के बाद यह संभव हो पाएगा.

जवाब; बिल्कुल होगा. उसकी इन्फॉर्मेशन भविष्य में जारी होगी. एक स्टेप पूरा होने के बाद नोटिफिकेशन आता है. डेट्स आती हैं और यह प्रक्रिया रिजल्ट के बाद की ही है. अभी तो सिर्फ चेकिंग का प्रक्रिया शुरू हुई है. जब रिजल्ट घोषित होगा. फिर उसके लिए अलग से नोटिफिकेशन आएगा. अगर टोटल में एरर के बारे में होगा तो उसमें समय नहीं लगेगा. कुछ घंटे में ही गलतियां सामने आ जाएंगी.

सवाल:डिजिटल का जमाना है. हर क्षेत्र में हैकर फ्रॉड करते हैं तो क्या इस क्षेत्र में भी हैकर सिस्टम को तोड़ने की या हैक करने की कोशिश नहीं करेंगे.

जवाब;हर साल लाखों की संख्या में बच्चे एग्जाम देते हैं. ऐसा नहीं है सीबीएसई ने इस तरह विषय को लेकर कुछ सोचा ना हो या रोकथाम को लेकर कोई प्लान नहीं तैयार किया हो.

सवाल : एक साथ लाखों बच्चों की कॉपियों को कैसे डिजिटली चेक करेंगे. इसका प्रोसेस कैसे होगा? क्या इसमें AI का पूरा इस्तमाल किया गया होगा?

जवाब;इसके लिए एक बहुत बड़ी टीम होगी. मेरा मानना है कि सीबीएसई बहुत स्ट्रॉन्ग यूनिट है और इसको देखा गया होगा. ये AI जनरेटेड ही है. बहुत स्ट्रॉन्ग सॉफ्टवेयर लिया गया होगा.

सवाल : एग्जाम के ठीक पहले बच्चों की कॉपी में चेकिंग का लेकर इस तरीके का बदलाव बच्चों के अंदर कहीं ना कहीं डर या सवाल तो नहीं खड़े कर रहे होंगे.

जवाब;बच्चों के अंदर ऐसे बदलाव को लेकर उत्सुकता होताी है. स्कूल के टीचर और पैरेंट्स उन्हें संतुष्ट करते रहते हैं.

सवाल : एक अभिभावक और टीचर होने के नाते आप डिजिटल स्क्रीन पर कॉपियां चेक करने के प्रक्रिया पर क्या सोचती हैं?

जवाब; मैं इसका स्वागत करती हूं. यह बहुत अच्छा कदम है. यह बढ़िया स्टेप है और वैसे भी कई बड़े एग्जाम हैं, जो बच्चों को पता है कि कंप्यूटर पर ही एग्जाम देना है. कंप्यूटर पर ही चेक हो जाना है. ऐसा नहीं है कि बच्चे इससे अलग है या अंजान है. उनको पता है कि डिजिटल कॉपी हो चेक होंगी.

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