अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण के सामने आने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार 6 जुलाई को होने वाली बैठक कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मणिरामदास जी की छावनी में दोपहर तीन बजे होने वाली इस बैठक में पहली बार सभी ट्रस्टी एक साथ बैठेंगे. बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास करेंगे. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि की ओर से जारी एजेंडे के अनुसार बैठक की शुरुआत पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र के त्यागपत्र पर विचार से होगी.

इसके बाद राम मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त चढ़ावे की गणना में सामने आई अनियमितताओं की जांच कर रही तीन सदस्यीय एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट ट्रस्ट के समक्ष रखी जाएगी. रिपोर्ट के प्रमुख बिंदुओं से सभी ट्रस्टियों को अवगत कराया जाएगा और आगे की कार्रवाई पर चर्चा होगी.
आठ आरोपी जेल में
ये बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब चढ़ावा चोरी मामले में गणना कार्य से जुड़े आठ आरोपी जेल में हैं और मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. इस प्रकरण में पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र भी आरोपों के चलते चर्चा के केंद्र में रहे हैं. ऐसे में ट्रस्ट की इस बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं.
सूत्रों के अनुसार, बैठक में राम मंदिर की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी विचार किया जा सकता है. इनमें मंदिर के लिए एक पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति पर चर्चा हो सकती है. माना जा रहा है कि सीईओ की नियुक्ति से मंदिर के संचालन, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था को ज्यादा व्यवस्थित और पेशेवर स्वरूप देने की दिशा में कदम उठाया जाएगा.
आगे के बदलाव के रास्ते पर चर्चा
बैठक में एसआईटी की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर भविष्य की कार्यप्रणाली, चढ़ावे की गणना व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही तय करने और मंदिर प्रबंधन को मजबूत बनाने के उपायों पर भी बड़े स्तर पर मंथन होने की संभावना है.
राम मंदिर ट्रस्ट की ये बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसके फैसले न केवल चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट की आगे की रणनीति तय करेंगे, बल्कि मंदिर की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव का रास्ता भी खोल सकते हैं.




