Business

Budget 2026: सोना-चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर, बजट से टैक्स और नियमों में राहत की उम्मीद

Budget 2026: सोना-चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर, बजट से टैक्स और नियमों में राहत की उम्मीद

पिछले बजट के बाद से सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. ऐसे में बजट 2026 को लेकर लोग खासतौर पर यह जानना चाहते हैं कि सरकार इन सुरक्षित निवेश विकल्पों को लेकर क्या कदम उठाती है. जैसे-जैसे बजट नजदीक आ रहा है, भारत का सोने के प्रति लगाव एक बार फिर चर्चा में है. सवाल उठ रहे हैं क्या 1 फरवरी, रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोने को लेकर कोई बड़ा ऐलान करेंगी?

क्या घर में रखने वाले सोने की मात्रा पर कोई नई सीमा तय होगी? या फिर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में सोने की जानकारी देने के लिए कोई नया नियम आएगा? इन सवालों पर बाद में बात करेंगे. पहले यह समझते हैं कि सोने-चांदी की कीमतों में उछाल का निवेशकों पर क्या असर पड़ा है.

सोना-चांदी का प्रदर्शन

सोने और चांदी की कीमतें अब तक के सारे अनुमान पार कर चुकी हैं. भारत में 24 कैरेट सोना करीब 1.67 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है, जबकि चांदी का भाव 3.47 लाख रुपये प्रति किलो तक चला गया. ये MCX के स्पॉट रेट हैं. शुक्रवार को कीमतों में थोड़ी गिरावट जरूर आई, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि आगे फिर तेजी आ सकती है, बीच-बीच में हल्का करेक्शन होता रहेगा.

अगर पिछले बजट से तुलना करें, तो बजट 2025 के दिन दिल्ली में सोना 84 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 99,600 रुपये प्रति किलो थी. यानी एक साल में सोना करीब 100% और चांदी करीब 250% चढ़ चुकी है.

भारतीय परिवारों के पास कितना सोना?

अनुमान है कि भारतीय परिवारों के पास 34,600 टन से ज्यादा सोना है, जो दुनिया के सभी सेंट्रल बैंकों के कुल सोने से भी ज्यादा है. दिसंबर 2025 तक सेंट्रल बैंकों के पास कुल 32,140 टन सोना था. RBI भी हाल के वर्षों में लगातार सोना खरीद रहा है और उसके पास अब रिकॉर्ड 880.2 टन सोना है. सोने की कीमत बढ़ने से भारतीय घरों में रखे सोने की कुल कीमत कई गुना बढ़ चुकी है. कुछ आकलनों के मुताबिक, यह मूल्य करीब 3.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है.

घर में कितना सोना रखना कानूनी है?

इनकम टैक्स कानून के मुताबिक, अगर सोना वैध और घोषित आय या विरासत से खरीदा गया है, तो उसे रखने की कोई सीमा नहीं है. सरकार ने यह भी साफ किया है कि तलाशी के दौरान शादीशुदा महिलाओं के 500 ग्राम, अविवाहित महिलाओं के 250 ग्राम और पुरुषों के 100 ग्राम तक के गहने जब्त नहीं किए जाएंगे. जरूरत पड़ने पर परिवार की परंपराओं को देखते हुए इससे ज्यादा सोना भी न जब्त किया जा सकता है. शादी के बाद वर्षों में मिला स्त्रीधन भी इसमें शामिल नहीं होता.

क्या नियम बदल सकते हैं?

टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि घर में रखे जाने वाले सोने की सीमा में बड़ा बदलाव होने की संभावना कम है. हालांकि, रिपोर्टिंग या जानकारी देने से जुड़े नियमों में बदलाव हो सकता है. मुमकिन है कि ITR में सोने की जानकारी और ज्यादा साफ तौर पर देनी पड़े.

सोने पर टैक्स के नियम

विरासत में मिले सोने पर कोई टैक्स नहीं है. लेकिन 2 लाख रुपये से ज्यादा का सोना खरीदने पर PAN देना जरूरी है. इस सीमा को बढ़ाया जा सकता है. सोने की खरीद पर 3% GST लगता है, और गहनों पर मेकिंग चार्ज पर 5% अतिरिक्त GST देना होता है. अगर दो साल बाद सोना बेचा जाता है, तो 12.5% LTCG टैक्स लगता है. दो साल से पहले बेचने पर 20% शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है. गोल्ड ETF पर भी होल्डिंग पीरियड के हिसाब से टैक्स लगता है. बजट 2026 से सोने को लेकर काफी उम्मीदें हैं. अब देखना होगा कि सरकार भारतीय परिवारों को सोने के जरिए संपत्ति बनाने में कैसे मदद करती है.

AI की मदद से बनाएं देश बजट

Khabar Monkey
the authorKhabar Monkey