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BTech vs Polytechnic: 12वीं के बाद बीटेक या पॉलिटेक्निक… जानें इंडस्ट्री में किसके लिए ज्यादा नौकरियां

BTech vs Polytechnic: 12वीं के बाद बीटेक या पॉलिटेक्निक… जानें इंडस्ट्री में किसके लिए ज्यादा नौकरियां
BTech vs Polytechnic: 12वीं के बाद बीटेक या पॉलिटेक्निक... जानें इंडस्ट्री में किसके लिए ज्यादा नौकरियां

12वीं के बाद बीटेक करें या पॉलिटेक्निक?Image Credit source: Freepik

12वीं के बाद इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की सोच रहे छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि बीटेक करें या पॉलिटेक्निक. दोनों ही कोर्स तकनीकी शिक्षा से जुड़े हैं, लेकिन इनकी पढ़ाई, अवधि, खर्च और नौकरी के अवसर अलग-अलग होते हैं. कई छात्र डिग्री को ज्यादा अहम मानते हैं, तो कई जल्दी नौकरी और स्किल्स पर फोकस करते हैं. मौजूदा समय में इंडस्ट्री की जरूरतें भी बदल रही हैं, जहां सिर्फ डिग्री नहीं बल्कि प्रैक्टिकल नॉलेज और काम करने की क्षमता को महत्व दिया जा रहा है. ऐसे में सही फैसला लेना बेहद जरूरी हो जाता है.

बीटेक और पॉलिटेक्निक में क्या है अंतर?

बीटेक और पॉलिटेक्निक को मोटे तौर पर डिग्री बनाम डिप्लोमा कहा जा सकता है. बीटेक चार साल का इंजीनियरिंग डिग्री कोर्स है, जबकि पॉलिटेक्निक तीन साल का डिप्लोमा प्रोग्राम होता है. बीटेक में छात्रों को इंजीनियरिंग के विषयों की गहराई से थ्योरी, डिजाइन और रिसर्च सिखाई जाती है. वहीं पॉलिटेक्निक में तकनीकी विषयों की बुनियादी जानकारी के साथ ज्यादा जोर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट पर होता है. बीटेक पढ़ने वाले छात्रों को मैनेजमेंट और लीडरशिप से जुड़े रोल्स के लिए तैयार किया जाता है, जबकि पॉलिटेक्निक छात्रों को फील्ड वर्क और तकनीकी काम में दक्ष बनाया जाता है.

एक्सपर्ट क्या मानते हैं बेहतर विकल्प?

दिल्ली टेक्निकल एजुकेशन के पूर्व मीडिया एडवाइजर मनोज वर्गीज के अनुसार बीटेक और पॉलिटेक्निक की सीधी तुलना करना सही नहीं है. दोनों की अपनी अलग पहचान और जरूरत है. बीटेक की डिग्री की अपनी वैल्यू है, तो पॉलिटेक्निक डिप्लोमा इंडस्ट्री की रीढ़ माना जाता है. मौजूदा समय में सरकारें भी स्किल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दे रही हैं, इसलिए पॉलिटेक्निक कोर्स को खास महत्व दिया जा रहा है.

नौकरी के मौके किसमें ज्यादा?

एक्सपर्ट मानते हैं कि पॉलिटेक्निक डिप्लोमा होल्डर्स को नौकरी जल्दी मिल जाती है, क्योंकि इंडस्ट्री में तकनीकी और हैंड्स-ऑन काम करने वालों की मांग ज्यादा है. बीटेक से आमतौर पर व्हाइट कॉलर जॉब मिलती है, लेकिन हाल के वर्षों में बीटेक डिग्रीधारियों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ी है. एक प्रोजेक्ट में जहां एक बीटेक ग्रेजुएट टीम लीड करता है, वहीं उसकी टीम में कई डिप्लोमा होल्डर काम करते हैं.

सैलरी की बात करें तो बीटेक के बाद औसतन 56 लाख रुपये सालाना पैकेज मिल सकता है, जबकि पॉलिटेक्निक के बाद करीब 3 लाख रुपये सालाना की नौकरी आसानी से उपलब्ध हो जाती है और अनुभव के साथ ग्रोथ भी होती है.

पॉलिटेक्निक के बाद बीटेक का रास्ता

अगर कोई छात्र जल्दी नौकरी के साथ अनुभव लेना चाहता है, तो पॉलिटेक्निक एक अच्छा विकल्प है. खास बात यह है कि पॉलिटेक्निक के बाद भी बीटेक किया जा सकता है. लैटरल एंट्री परीक्षा पास करके छात्र सीधे बीटेक के दूसरे वर्ष में दाखिला ले सकते हैं. इस तरह छात्र स्किल और डिग्री दोनों का फायदा उठा सकते हैं.

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