
दौसा। दौसा से करीब बीस किलोमीटर दूर कालाखो गांव स्तब्ध है। हर आंख नम है। हर तरफ मां की चीत्कार व बहनों का रुदन सुनाई दे रहा है। गांव के बड़े बुजुर्ग अपनों से छोटों को दिलासा दे रहे हैं, लेकिन अकेले में जाकर वे भी अपने आंसू पोंछ रहे हैं। दौसा-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कैलाई गांव के निकट हादसे में कालाखो गांव के छह युवा दोस्तों की मौत के बाद बुधवार को माहौल गमगीन रहा।
जिन घरों से कल तक हंसी-खुशी की आवाजें आती थीं, वहां आज सन्नाटा पसरा है। दोपहर को एक साथ छह अर्थियां उठने का दृश्य देखकर ग्रामीणों का कलेजा कांप उठा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मां-बाप अपने जवान बेटों को खोने का गम सह नहीं पा रहे। गांव में चूल्हे नहीं जले और बाजार बंद रहे। मरने वाले सभी पढाई के साथ प्राइवेज जॉब भी करते थे।
दो बहनों का बुधवार को जाना था लगन
नवीन कुमार की दो बहनों का लगन बुधवार को जाने वाला था, लेकिन शादी का खुशी वाला घर मातम में डूब गया। बहनों की शादी से पहले भाई की अर्थी उठी। इस हादसे में पांच लोग एक ही परिवार में चाचा-भतीजे लगते थे। पांचों लोगों की अर्थी एक जगह से व एक की दूसरी जगह से उठी।
नवीन कुमार योगी: अपने परिवार में इकलौता बेटा था । इसके चार बहन है। दो बहनों की शादी 19 फरवरी को प्रस्तावित है। यह कपड़े की दुकान करता था ।
अंकित बैरवा: अपने परिवार में इकलौता बेटा था। एक बहन की शादी हो गई। इसके एक बेटा है। अंकित मजदूरी करता था।
लोकेश योगी: सात भाई व दो बहन हैं। यह सबसे छोटा था। इसकी शादी देव उठनी पर हुई थीं।
. दिलखुश योगी: चार भाई व दो बहन हैं। ये बडा भाई था। इसकी शादी हो गई। इसके एक बेटी है।
मनीष योगी: दो बहन व दो भाई हैं। इसकी शादी हो गई। इसके एक बेटी है।
समय सिंह योगी: दो भाई व तीन बहन थे। इसकी अप्रेल में शादी होने वाली थी।
मेरे भाई का चेहरा आखिरी बार दिखा दो..
इकलौते भाई के मौत की खबर सुनकर दोनों बहनें बेसुध हो गई। दोनों बस यही कहती रही कोई मेरे भाई का आखिरी बार चेहरा दिखा दो….
कार डिवाइडर पार कर ट्रक से टकराई
दरअसल, जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कैलाई गांव के निकट मंगलवार देर रात तेज रफ्तार एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर दूसरी ओर से जा रहे ट्रक से जा टकराई। हादसे में छह युवकों की मौत हो गई। छह दोस्त नजदीकी गांव कांदोली के दोस्त की शादी में आभानेरी गांव से घर लौट रहे थे। हादसा इतना खतरनाक था कि सभी लोग कार में बुरी तरह से फंस गए। जिसको पास के होटल कर्मचारियों व ग्रामीणों व पुलिस प्रशासन की सहायता से कार को क्रेन से खींचकर बाहर निकाला।
आखिरी क्लिक
दोस्तों ने हादसे से पहले खाना खाते हुए एक साथ फोटो भी क्लिक करवाई थी। किसी को नहीं पता था कि यह फोटो उनकी आखिरी फोटो होगी।






