
करीब तीन हफ्ते पहले जब बांग्लादेश की टीम जिम्बाब्वे दौरे पर पहुंची थी, तब उसका आत्मविश्वास काफी ऊंचा था। टीम ने इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज और पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज की थी। हालांकि जिम्बाब्वे पहुंचने के बाद हालात तेजी से बदले और अब दोनों टीमें टी20 सीरीज के निर्णायक मुकाबले में आमनेसामने हैं।
बता दें कि बांग्लादेश ने एकमात्र टेस्ट मुकाबले में हार का सामना किया था। इसके बाद एकदिवसीय सीरीज में भी जिम्बाब्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 21 से जीत हासिल की। टी20 सीरीज में भी मेजबान टीम ने मजबूत शुरुआत की थी, लेकिन बांग्लादेश ने वापसी करते हुए मुकाबले को रोमांचक बना दिया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, पिछले मुकाबले में जिम्बाब्वे की खराब फिल्डिंग ने बांग्लादेश को बड़ा फायदा पहुंचाया था। जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों ने कई आसान कैच छोड़े, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। अब आखिरी मुकाबले में टीम की सबसे बड़ी चुनौती अपनी फील्डिंग में सुधार करना होगी।
जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी भी चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले दो मुकाबलों में टीम की ओर से कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका है। सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर 44 रन रहा है, जो ब्रायन बेनेट ने पहले मैच में बनाया था। वहीं दूसरे मुकाबले में मिल्टन शुंबा और सिकंदर रजा के बीच भी 44 रनों की साझेदारी हुई थी।
हालांकि टी20 क्रिकेट में छोटी लेकिन तेज पारियां अहम होती हैं, लेकिन जिम्बाब्वे को जीत के लिए किसी एक बल्लेबाज का लंबे समय तक क्रीज पर टिकना जरूरी होगा। टीम के गेंदबाजों ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है और 170 से 180 रन के लक्ष्य का बचाव करने की क्षमता दिखाई है।
इस मुकाबले में सबसे ज्यादा नजरें सिकंदर रजा पर रहेंगी। जिम्बाब्वे के कप्तान रजा बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। पिछले मुकाबले में उन्होंने मुश्किल स्थिति में आकर 12 गेंदों में 28 रन की तेज पारी खेली थी।
वहीं बांग्लादेश के रिशाद हुसैन भी अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। उन्होंने वापसी करते हुए पिछले मैच में शानदार गेंदबाजी की और चार विकेट हासिल किए। उनकी लेग स्पिन गेंदबाजी जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।
बांग्लादेश की टीम में तेज गेंदबाज नईद राणा की फिटनेस पर भी नजर रहेगी। पिछले मुकाबले में गेंदबाजी करते समय उन्हें परेशानी हुई थी। अगर वह खेलने के लिए फिट नहीं होते हैं तो शोरिफुल इस्लाम को मौका मिल सकता है।
गौरतलब है कि इस सीरीज में टॉस जीतने वाली टीमों ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है, लेकिन दोनों मुकाबलों में उन्हें हार मिली है। ब्रैड इवांस भी इस मुकाबले में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 50 विकेट पूरे करने से सिर्फ दो विकेट दूर हैं।
दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला सिर्फ सीरीज जीतने का मौका नहीं बल्कि दौरे का अंत जीत के साथ करने की बड़ी चुनौती भी है, जहां छोटी गलतियां भी नतीजों को पूरी तरह बदल सकती हैं।