
आशीर्वाद के नियम
Why Do We Use Right Hand For Blessings: हम लोग हमेशा ही मांगलिक कामों या पूजा-पाठ के बाद अपने से बड़े का आशीर्वाद लेते हैं. भारतीय संस्कृति में ये परंपरा बहुत महत्वपूर्ण और शुभ मानी जाती है. आशीर्वाद देते समय हमारे बड़े हमेशा दाहिने हाथ का उपयोग करते हैं. किसी को दान भी दिया जाता है, तो भी दाहिने हाथ से ही दिया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि बाएं हाथ की बजाय दाहिने हाथ को ही इतनी प्रधानता क्यों दी गई है?
आइए जानते हैं कि किसी को आशीर्वाद देने के लिए हमेशा आखिर दाहिने हाथ का उपयोग क्यों किया जाता है? इससे जुड़े ज्योतिषीय और वैज्ञानिक कारण क्या हैं?
शुभता से है विशेष संबंध
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि व्यक्ति के दाहिने भाग को सूर्य ग्रह प्रभावित करता है. यही नहीं दाहिने भाग पर सिंह राशि का असर भी दिखता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य को उर्जा, प्रकाश, आत्मा ओर जीवन शक्ति का कारक माना जाता है. दाहिने हाथ से आशीर्वाद देता व्यक्ति अपनी सौर उर्जा और शुभता सामने वाले व्यक्ति को स्थानांतरित कर रहा होता है. ये प्रक्रिया सौर मंडल की सकारात्मकता से जुड़ी होती है.
धार्मिक मान्यता है कि इंसान के शरीर के दो भाग अलग-अलग उर्जाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं. शरीर का दाहिना भाग सक्रिय, शक्तिशाली और सकारात्मक उर्जा का केंद्र है. वहीं शरीर का बायां हिस्सा शांत और सौम्य होता है. आशीर्वाद देने के लिए जब दाहिना हाथ किसी के सिर पर रखा जाता है, तो भीतर की संचित तरंगें आशीर्वाद लेने वाले के शरीर में जाती हैं, जिससे उस पर शुभ प्रभाव पड़ता है.
योग विज्ञान और अध्यात्म के अनुसार…
योग विज्ञान और अध्यात्म के अनुसार, इंसान के दाहिने हाथ का जुड़ाव पिंगला नाड़ी से होता है. यह नाड़ी अधिक सक्रिय और प्राणशक्ति से भरी होती है. बाएं भाग की तुलना में दाहिना ज्यादा सक्रिय और पावन होता है. यही कारण है कि किसी भी संकल्प या आशीर्वाद के लिए दाहिने हाथ का प्रयोग किया जाता है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.






