Viral

आज रात ईरान पर हमला करेगा अमेरिका! व्हाइट हाउस की सीक्रेट मीटिंग में…

आज रात ईरान पर हमला करेगा अमेरिका! व्हाइट हाउस की सीक्रेट मीटिंग में…

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. अमेरिकी नौसेना का यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ईरान के जल क्षेत्र के बेहद करीब पहुँच चुका है, जिसके बाद सवाल तेज हो गया है कि क्या अमेरिका वाकई ईरान पर सैन्य हमला करने की तैयारी कर रहा है. इस माहौल में पेंटागन में अचानक बढ़ी पिज्जा की बिक्री को देखकर लोग अनुमान लगा रहे हैं कि हमला होगा या नहीं. और इसी वजह से एक बार फिर ‘पेंटागन पिज्जा इंडेक्स’ की थ्योरी की चर्चा है. और पढ़ें

क्या है ये थ्योरी

पेंटागन पिज्जा इंडेक्स एक पुरानी, अनऑफिशियल लेकिन दिलचस्प थ्योरी है जो दशकों से सुनी जाती रही है. इसके अनुसार जब पेंटागन में देर रात तक पिज्जा की डिमांड बढ़ने लगती है, खासकर तब जब सुरक्षा या विदेश नीति से जुड़ी मीटिंग्स लगातार चल रही हों, तो माना जाता है कि कोई बड़ा फैसला या संभावित सैन्य ऑपरेशन नजदीक है. वजह यह है कि संकट के समय पेंटागन में देर रात तक मीटिंग्स होती हैं, अधिकारी बाहर से जल्दी खाना मंगाते हैं और पिज्जा हमेशा सबसे आसान विकल्प माना जाता है.

व्हाइट हाउस के बंद कमरे में हुई सीक्रेट मीटिंग

ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर मिडिल ईस्ट की राजनीति में बड़ा मोड़ सामने आया है. सऊदी अरब ने पर्दे के पीछे अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए उकसाया है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने वॉशिंगटन में एक निजी ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ दी गई धमकियों पर अमल नहीं किया, तो ईरानी शासन और ज्यादा मजबूत होकर उभरेगा. और पढ़ें

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि, यह ब्रीफिंग व्हाइट हाउस में हुई, जिसमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन मौजूद थे. बैठक का मुख्य एजेंडा ईरान पर संभावित अमेरिकी स्ट्राइक और उसके क्षेत्रीय प्रभावों को लेकर था.

यह सऊदी रुख इसलिए भी अहम है क्योंकि हाल के हफ्तों में सार्वजनिक रूप से रियाद लगातार संयम और कूटनीति की बात करता रहा है. तीन हफ्ते पहले ही सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से क्षेत्रीय युद्ध के खतरे को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद अमेरिका ने हमले का फैसला टाल दिया था. लेकिन अब सऊदी नेतृत्व के भीतर सोच में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है.

एमबीएस ने US को सऊदी के एयरस्पेस के इस्तेमाल से रोका

यहां तक कि मोहम्मद बिन सलमान की तरफ से भी ऐलान किया गया था कि वे ईरान पर हमले के लिए अमेरिका को सऊदी अरब के एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा. यह प्रतिबंध सबसे पहले अप्रैल 2025 में लगाया गया था, जब अमेरिका ईरान के न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाने की योजना बना था. बाद में उसे अपने अन्य एयरबेस का इस्तेमाल करना पड़ा था. अब जबकि ईरान में सत्ता परिवर्तन के टारगेट के साथ हमले की योजना है, तब भी सऊदी समेत अन्य खाड़ी मुल्कों ने अमेरिका को एयरस्पेस के इस्तेमाल से रोक दिया है.

बंद कमरे में सऊदी-अमेरिका की मीटिंग

हालिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रिंस खालिद ने बंद कमरे की बैठकों में कहा कि अगर अमेरिका पीछे हटता है तो इससे ईरान को यह संदेश जाएगा कि वह दबाव के बावजूद बच सकता है. इससे तेहरान का हौसला बढ़ेगा और वह क्षेत्र में और आक्रामक रुख अपना सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि किसी भी सैन्य कार्रवाई से क्षेत्रीय तनाव भड़कने का खतरा रहेगा.

Khabar Monkey
the authorKhabar Monkey