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Ajab Gajab: मरने के ठीक बाद सुनाई देते हैं ये भयानक शब्द, डॉक्टर ने किया ऐसा खुलासा, चौंक गए लोग – Khabar Monkey

Ajab Gajab: मरने के ठीक बाद सुनाई देते हैं ये भयानक शब्द, डॉक्टर ने किया ऐसा खुलासा, चौंक गए लोग – Khabar Monkey
Ajab Gajab: मरने के ठीक बाद सुनाई देते हैं ये भयानक शब्द, डॉक्टर ने किया ऐसा खुलासा, चौंक गए लोग

डॉक्टर ने किया चौंकाने वाला रिसर्चImage Credit source: Pixabay (प्रतीकात्मक तस्वीर)

डॉक्टर कहते हैं कि इंसान जब मर जाता है, उसके बाद भी कुछ समय के लिए दिमाग जिंदा रहता है. इसी सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के एक डॉक्टर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. न्यूयॉर्क के इस प्राइमरी केयर डॉक्टर ने ‘लाइफ ऑफ्टर डेथ’ को फिर से परिभाषित किया है. उन्होंने पाया कि किसी इंसान के दिल के रुक जाने के बाद भी उसका दिमाग एक्टिव रहता है. इसे रेससिटेशन नामक पत्रिका में प्रकाशित भी किया गया है और इस रिसर्च के बारे में विस्तार से बताया गया है.

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, मर चुका इंसान संभवतः डॉक्टरों द्वारा पुनर्जीवन की कोशिश बंद करने के बाद उसकी मृत्यु के समय के शब्द सुन सकता है. न्यूयॉर्क के एनवाईयू लैंगोन मेडिकल सेंटर के डॉ. सैम पर्निया ने इस भयावह खुलासे को सामने लाया. उन्होंने उन मरीजों से बात की जिन्हें मेडिकल रूप से मृत घोषित किए जाने के बाद पुनर्जीवित किया गया था यानी जब उनके दिल की धड़कन रुक गई थी और बाद में वो फिर से जिंदा हो गए थे. उन्होंने पाया कि वो मरीज अपने कमरे में घटी घटनाओं को एकदम सटीकता के साथ याद करने में सक्षम थे, जो कि बहुत आश्चर्य की बात है.

53 मरीजों के दिमाग की हुई जांच

डॉ. सैम पर्निया और उनकी टीम ने अमेरिका और ब्रिटेन में स्थित 25 अस्पतालों में हृदय गति रुकने से मृत घोषित किए जा चुके और उसके बाद फिर से जिंदा हुए 53 मरीजों के दिमाग की गतिविधि और जागरूकता की जांच की. डॉ. पर्निया ने कहा, ‘मौत के बाद उन्हें ये अहसास होता है कि वो अपने शरीर से अलग हो गए हैं और फिर वो इधर-उधर घूम सकते हैं, लेकिन वो उस अस्पताल के कमरे में ही होते हैं और जानकारी जुटा रहे होते हैं. उन्हें ऐसा महसूस होता है कि वो पूरी तरह से सचेत हैं’.

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मस्तिष्क तरंगों में देखी गई वृद्धि

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच के दौरान मेडिकल रूप से मृत घोषित किए गए मरीजों में गामा, डेल्टा, थीटा, अल्फा और बीटा मस्तिष्क तरंगों में वृद्धि देखी गई, जो इंसान की सोच और जागरूकता से संबंधित होती हैं और ये वृद्धि इंसान के हृदय के रुकने के 35 से 60 मिनट बाद तक मौजूद थीं. इससे डॉ. पर्निया ने यह निष्कर्ष निकाला कि मस्तिष्क आश्चर्यजनक रूप से टिकाऊ होता है.

उन्होंने कहा, ‘हालांकि डॉक्टरों का लंबे समय से मानना ​​था कि दिल द्वारा मस्तिष्क को ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद करने के लगभग 10 मिनट बाद मस्तिष्क को स्थायी क्षति पहुंचती है, लेकिन हमारे शोध से पता चला है कि मस्तिष्क लगातार सीपीआर के दौरान भी विद्युत रूप से ठीक होने के संकेत दिखा सकता है’ यानी इस रिसर्च का निष्कर्ष ये निकला कि मरने के बाद भी दिमाग न सिर्फ जीवित रहता है बल्कि काम भी करता है.

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