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वायुसेना को मिलेगी मजबूती, 114 राफेल को DAC की मंजूरी! P8i पेट्रोल और टोही एयरक्राफ्ट पर भी मुहर

वायुसेना को मिलेगी मजबूती, 114 राफेल को DAC की मंजूरी! P8i पेट्रोल और टोही एयरक्राफ्ट पर भी मुहर
वायुसेना को मिलेगी मजबूती, 114 राफेल को DAC की मंजूरी! P8i पेट्रोल और टोही एयरक्राफ्ट पर भी मुहर

राफेल फाइटर जेट

सीमा पर बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए भारत अपने वायु क्षेत्र को लगातार सुरक्षित करने के साथ-साथ मजबूत करने में जुटा है. सरकार ने भारतीय वायुसेना (IAF) की ताकत बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में राफेल फाइटर प्लेन खरीदने का फैसला लिया है. रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने वायुसेना के लिए 114 राफेल फाइटर प्लेन और भारतीय नौसेना के लिए छह P8i पेट्रोल और टोही एयरक्राफ्ट को मंजूरी दे दी है.

इससे पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल गुरुवार को होने वाली एक अहम बैठक में वायुसेना के लिए 114 और राफेल फाइटर जेट की मंजूरी देने के लिए पूरी तरह तैयार है. आज की बैठक में इस पर अपनी मंजूरी दे दी है. करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की इस बड़ी डील के तहत ज्यादातर राफेल का निर्माण भारत में ही किया जाएगा. इसमें करीब 30% कलपुर्जे और तकनीक स्वदेशी होगी.

MRFA प्रोग्राम के तहत मंजूरी

बैठक में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए सेना की लड़ाकू क्षमताओं को और मजबूत करने पर विचार किया गया. काउंसिल ने मीडियम-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोग्राम के तहत भारतीय वायुसेना के लिए 114 और डसॉल्ट राफेल जेट की मंजूरी पर फैसला लिया है.

इस प्रपोजल को लेकर पिछले महीने डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड ने अपनी मंजूरी दे दी थी. इसके बाद इसे रक्षा मंत्री की अगुवाई वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल के पास लाया गया. यहां से सहमति मिलने के बाद राफेल जेट की खरीद को क्लीयरेंस के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) को भेजा जाएगा.

स्क्वाड्रन की संख्या में कमी दूर करने पर विचार

कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार स्क्वाड्रन की संख्या में कमी को दूर करने पर विचार कर रही है. राफेल जेट खरीदने के साथ, सरकार वायुसेना की स्क्वाड्रन की संख्या में कमी को दूर करने पर विचार कर रही है. एक समय स्क्वाड्रन की संख्या 42 हुआ करती थी, लेकिन अब इसमें कामी आई है और घटकर 29 तक पहुंच गई है. एक्स्ट्रा जेट के आने के साथ भी, यह अंतर कम होने की उम्मीद नहीं है.

MRFA प्रोजेक्ट 2007 के मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (MMRCA) कॉम्पिटिशन से निकला है. कहा जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के तहत राफेल फाइटर जेट पसंदीदा विकल्प के रूप में उभरा. डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) हाई-एल्टीट्यूड स्यूडो-सैटेलाइट्स (HAPS) खरीदने पर विचार कर सकता है. ये सोलर पावर्ड अनमैन्ड सिस्टम हैं, जो स्ट्रैटोस्फेरिक सर्विलांस करने में सक्षम हैं.

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