ढाका: बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल2 ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग से जुड़े सात नेताओं को मौत की सजा सुनाई। अदालत ने यह फैसला 2024 के जुलाईअगस्त जनआंदोलन के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामले में सुनाया।

मौत की सजा पाने वालों में अवामी लीग के महासचिव और पूर्व मंत्री ओबैदुल कादेर, संयुक्त महासचिव एएफएम बहाउद्दीन नसीम, पूर्व सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री मोहम्मद अली अराफात, जुबो लीग अध्यक्ष शेख फजले शम्स पराश, जुबो लीग महासचिव मैनुल हुसैन खान निखिल, बांग्लादेश छात्र लीग अध्यक्ष सद्दाम हुसैन और महासचिव शेख वाली आसिफ एनान शामिल हैं।
अदालत की कार्यवाही में सभी सात आरोपी गैरहाजिर रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी सातों फिलहाल फरार हैं। इस फैसले के साथ जुलाईअगस्त 2024 की घटनाओं से जुड़े मामलों में बांग्लादेश के इस ट्रिब्यूनल द्वारा मौत की सजा पाने वालों की कुल संख्या 22 हो गई है।
शेख हसीना भी पा चुकी हैं मौत की सजा
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भी नवंबर 2025 में बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी। वह 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद भारत में हैं।
हसीना ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। जुलाई 2026 में उन्होंने रॉयटर्स से कहा था कि वह दिसंबर के आसपास बांग्लादेश लौटने और अदालत के सामने पेश होने की योजना बना रही हैं।