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सऊदी अरब के दावे से दुनिया में हलचल​

रियाद/मदीना: सऊदी अरब ने एक बड़े खनिज संसाधन की खोज का दावा किया है, जिसने वैश्विक ऊर्जा और खनन क्षेत्र में चर्चा तेज कर दी है। सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सम्मेलन में बताया कि मदीना क्षेत्र के जबल सईद प्रोजेक्ट में करीब 11 करोड़ टन अयस्क […]

रियाद/मदीना: सऊदी अरब ने एक बड़े खनिज संसाधन की खोज का दावा किया है, जिसने वैश्विक ऊर्जा और खनन क्षेत्र में चर्चा तेज कर दी है। सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सम्मेलन में बताया कि मदीना क्षेत्र के जबल सईद प्रोजेक्ट में करीब 11 करोड़ टन अयस्क मिला है, जिसमें यूरेनियम के साथ भारी दुर्लभपृथ्वी तत्वों की भी महत्वपूर्ण मात्रा मौजूद है।

11 करोड़ टन का मतलब क्या है?

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 11 करोड़ टन का आंकड़ा शुद्ध यूरेनियम का वजन नहीं है। यह उस खनिजअयस्क का अनुमानित कुल संसाधन है, जिसमें यूरेनियम और दुर्लभपृथ्वी तत्व मौजूद हैं। इसलिए इसे सीधे 11 करोड़ टन यूरेनियम का भंडार कहना सही नहीं होगा।

MBS के विजन को मिल सकता है बड़ा सहारा

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का विजन2030 तेल पर निर्भरता कम करके खनन, उद्योग, तकनीक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को मजबूत करने पर जोर देता है। यूरेनियम और दुर्लभपृथ्वी खनिजों का यह संसाधन सऊदी अरब की इसी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परमाणु ऊर्जा की दिशा में बढ़ते कदम

सऊदी अरब लंबे समय से घरेलू परमाणु ऊर्जा और परमाणु ईंधन से जुड़ी क्षमता विकसित करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में घरेलू स्तर पर यूरेनियम संसाधन की उपलब्धता उसके परमाणु कार्यक्रम के लिए रणनीतिक महत्व रख सकती है। हालांकि खोज से तुरंत परमाणु ईंधन उत्पादन या परमाणु ऊर्जा क्षमता तैयार नहीं हो जाती—इसके लिए आगे खनन, प्रसंस्करण, आर्थिक व्यवहार्यता और नियामकीय प्रक्रियाओं की जरूरत होगी।

क्यों अहम है यह खोज?

दुर्लभपृथ्वी तत्व आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स और कई उच्च तकनीकी उद्योगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं यूरेनियम परमाणु ऊर्जा के लिए प्रमुख ईंधन है। ऐसे में सऊदी अरब के लिए यह खोज केवल खनन क्षेत्र की खबर नहीं, बल्कि ऊर्जा और आर्थिक विविधीकरण की बड़ी रणनीति का हिस्सा बन सकती है।

निष्कर्ष: मदीना क्षेत्र की यह खोज सऊदी अरब की खनन और परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को नई ताकत दे सकती है। लेकिन अभी इसे “11 करोड़ टन शुद्ध यूरेनियम” कहना सही नहीं होगा। असली क्षमता का पता संसाधन की गुणवत्ता, यूरेनियम की मात्रा और उसे आर्थिक रूप से निकालने की व्यवहार्यता से चलेगा।

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संपादकीय टीम

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