सुंदर दिखने की चाहत में लोग अक्सर बिना सोचेसमझे किसी भी ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने लगते हैं. लेकिन आपकी यही आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है. भारत की ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने दो ऐसी कॉस्मेटिक क्रीम को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है, जो सीधे पाकिस्तान से ताल्लुक रखती हैं. इन क्रीम के नाम ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ और ‘चांदनी वाइटनिंग क्रीम’ हैं. सरकार ने साफ कर दिया है कि इन दोनों प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल पूरी तरह से असुरक्षित है.

बाजार में इन क्रीम की मौजूदगी ने पूरे सिस्टम पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इन प्रोडक्ट्स को लेकर सरकार सख्त कदम उठा रही है, लेकिन ये ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए घरघर तक पहुंच रही थीं. इस पूरे मामले ने ईकॉमर्स कंपनियों की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है.
बिना इजाजत भारतीय बाजार में एंट्री
सीडीएससीओ ने 8 सितंबर को एक पब्लिक नोटिस जारी कर इस पूरे मामले का खुलासा किया. इस नोटिस में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि इन दोनों पाकिस्तानी कॉस्मेटिक्स को भारत में बेचने या इंपोर्ट करने के लिए किसी भी सक्षम अधिकारी की तरफ से कोई रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है. ये प्रोडक्ट गैरकानूनी तरीके से भारतीय बाजार में उतारे गए हैं.
सबसे डराने वाली बात ये है कि सरकारी जांच में इन क्रीम के अंदर भारी धातुओं की मात्रा तय सीमा से बहुत ज्यादा पाई गई है. ये जहरीले तत्व आपकी स्किन के साथसाथ शरीर के अंदरूनी हिस्सों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं. इन क्रीम के लगातार इस्तेमाल से कई तरह के टॉक्सिक इफेक्ट्स सामने आ सकते हैं. जानकारी के मुताबिक गोरी ब्यूटी क्रीम को लाहौर स्थित गोरी कॉस्मेटिक्स बनाती है. वहीं चांदनी वाइटनिंग क्रीम को लाहौर की ही एसजे एंटरप्राइजेज तैयार करती है.
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया राजीव रघुवंशी ने जुलाई 2026 में भी एक सर्कुलर जारी किया था. इस सर्कुलर के जरिए सभी राज्यों की ड्रग रेगुलेटरी व पोर्ट अथॉरिटी को निगरानी बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए थे. इसमें कहा गया था कि बिना वैध रजिस्ट्रेशन वाले किसी भी प्रोडक्ट की बिक्री को रोका जाए.
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की बड़ी लापरवाही
सरकार के इतने कड़े नियमों के बावजूद एक बड़ा सवाल ईकॉमर्स साइट्स पर खड़ा हो रहा है. बाजार में बैन होने के बावजूद ये पाकिस्तानी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट अमेज़न, फ्लिपकार्ट, मीशो, टाटा 1mg जैसे बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध थे. चौंकाने वाली बात ये है कि इन साइट्स पर इन क्रीम को ‘मेड इन इंडिया’ बताकर ग्राहकों को धोखा दिया जा रहा था. कई मामलों में तो इन्हें बनाने वाले, बेचने वाले या पैक करने वाले की कोई जानकारी ही नहीं दी गई थी. tradeindia, shopclues जैसी साइट पर ये क्रीम अभी भी बेची जा रही है. जियो मार्ट पर भी कुछ सेलर इसका नाम बदल कर बेच रहे हैं.
इस पूरे मामले पर अमेज़न के एक प्रवक्ता ने सफाई पेश की. उन्होंने कहा कि अमेज़न एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस है जहां थर्डपार्टी सेलर अपना सामान बेचते हैं. अमेज़न ने ये भी दावा किया कि वो सेलर्स से भारतीय कानूनों का पालन करने की उम्मीद करते हैं. अमेज़न के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जो कंपनी साइट पर ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ बेच रही थी, उसने खुद को ‘नेहा ऑर्गेनिक’ के नाम से रजिस्टर किया था. उसने क्रीम को भारत का प्रोडक्ट बताया था. गलत जानकारी देने पर इस प्रोडक्ट को प्लेटफॉर्म से तुरंत हटा दिया गया.
फ्लिपकार्ट व मीशो ने भी मामले की भनक लगते ही अपनी साइट से इन गैरकानूनी प्रोडक्ट्स को हटाना शुरू कर दिया. फ्लिपकार्ट के एक सूत्र ने बताया कि वे नॉनकंप्लायंट प्रोडक्ट्स को हटाने के लिए लगातार काम करते हैं. वहीं मीशो के एक अधिकारी ने माना कि सेलर ने सिस्टम को चकमा देने के लिए देश का नाम भारत लिख दिया था. मीशो ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए इस क्रीम को अपनी लिस्टिंग से हटा दिया है.
भारत कैसे पहुंच रहा अवैध सामान
पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने पाकिस्तान से आने वाले सामानों पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी. फिर भी ये कॉस्मेटिक्स भारत कैसे पहुंच रहे हैं, ये एक बड़ा मुद्दा बन गया है. कंप्लायंस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर कंपनी टीमलीज रेगटेक के सीईओ ऋषि अग्रवाल का कहना है कि पाकिस्तान की कई कंपनियां अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का गलत इस्तेमाल कर रही हैं. ये कंपनियां सीधे भारत में सामान भेजने के बजाय यूएई व नेपाल जैसे मित्र देशों के रास्ते अपने प्रोडक्ट भारतीय बाजार में पहुंचा रही हैं.
बिजनेस स्टैंडर्ड एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक रिटायर्ड ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि इंपोर्ट की जाने वाली खेप पर मूल देश का नाम लिखना जरूरी होता है. लेकिन नियमों से बचने के लिए कई बार यूएई में प्रोडक्ट की पैकेजिंग में थोड़े बदलाव कर दिए जाते हैं, ताकि ऐसा लगे कि वो सामान वहीं बना है. ये एक बहुत बड़ा लूपहोल है जिसका फायदा उठाकर अवैध कॉस्मेटिक्स भारत में घुसपैठ कर रहे हैं.
जनता के लिए सरकार की सलाह
सीडीएससीओ ने अपनी इस चेतावनी में ग्राहकों को साफ हिदायत दी है कि वे भूलकर भी इन क्रीम को न खरीदें. अगर किसी ने पहले से इन्हें खरीद लिया है, तो तुरंत इनका इस्तेमाल बंद कर दें. सरकार ने सभी रेगुलेटरी एनफोर्समेंट इकाइयों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपनेअपने इलाकों में इस बात की कड़ी निगरानी करें कि ऐसे बिना मान्यता वाले कॉस्मेटिक्स न बिकें.
अगर किसी प्रोडक्ट के लेबल पर नियमों का उल्लंघन दिखता है, तो लोग इसकी शिकायत सीधे राज्य के ड्रग कंट्रोलर या डीसीजीआई से कर सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र व राज्य के ड्रग रेगुलेटर्स को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स व रिटेलर्स की एक लिस्ट बनानी चाहिए.