US Fed Meeting: अमेरिका में जल्द ही मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं. सियासी हलचल के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व की बैठक से ठीक पहले एक बड़ा मुद्दा छेड़ दिया है. आयरिश ओपन गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी बात बेबाकी से रखी. ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि महंगाई से जुड़े आंकड़े चाहे जो भी कहें, अमेरिका की ब्याज दरें दुनिया में सबसे कम होनी चाहिए. उनका साफ मानना है कि ऊंची ब्याज दरों की वजह से दूसरे देश अमेरिका की कीमत पर अमीर हो रहे हैं. फेड की बैठक से पहले ट्रंप का ये बयान अमेरिकी राजनीति से लेकर अर्थव्यवस्था तक एक नई बहस छेड़ चुका है.

फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी नजरें
फेडरल रिजर्व की अहम बैठक इसी हफ्ते होने जा रही है. इस बैठक से करीब एक हफ्ते पहले श्रम विभाग ने कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़े जारी किए हैं. शुक्रवार को आए इन आंकड़ों के मुताबिक, बुनियादी महंगाई दर में पिछले चार महीनों की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इन आंकड़ों ने इस बात की आशंका काफी बढ़ा दी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में इजाफा कर सकता है. खुद ट्रंप को भी इस बात का सटीक अंदाजा नहीं है कि नीति निर्माता ब्याज दरें बढ़ाएंगे या नहीं. लेकिन उन्होंने अपनी मांग पूरी मजबूती से रखी है. उनका कहना है कि दुनिया में सबसे अच्छी क्रेडिट रेटिंग होने के बावजूद हम बेवजह दूसरे देशों को अमीर बना रहे हैं. ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि वो अर्थशास्त्र के फॉर्मूले के बारे में किसी से भी ज्यादा अच्छी समझ रखते हैं.
मिडटर्म चुनाव के बीच गिरती लोकप्रियता
ये बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में बस कुछ ही हफ्ते बचे हैं. इन चुनावों में ही ये तय होना है कि अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी अपना बहुमत बरकरार रख पाएगी या नहीं. रॉयटर्स और इप्सोस के हालिया सर्वे के मुताबिक, अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं तो आम लोगों की रोजमर्रा के खर्चों को लेकर चिंताएं काफी बढ़ जाएंगी. लंबे समय से बनी हुई महंगाई के कारण ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में पहले ही भारी गिरावट आई है. जनता महंगाई से परेशान है. ऐसे में ब्याज दरों में कोई भी बढ़ोतरी रिपब्लिकन पार्टी की राजनीतिक मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा सकती है. इसी वजह से ट्रंप ब्याज दरों को कम रखने का भारी दबाव बना रहे हैं.
व्यापार रोकने की मिल चुकी है धमकी
डोनाल्ड ट्रंप अक्सर पूर्व फेड प्रमुख जे पॉवेल की खुलकर आलोचना करते रहे हैं. लेकिन जब से उनके खुद के चुने हुए अधिकारी केविन वॉर्श ने फेड प्रमुख की कमान संभाली है, ट्रंप का रवैया थोड़ा समर्थन वाला रहा है. इसके बावजूद ट्रंप ने हाल ही में अपनी मांगें काफी आक्रामक तरीके से दुनिया के सामने रखी हैं. करीब दो हफ्ते पहले ही उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि अगर दरें कम नहीं की गईं, तो वो उन देशों के साथ व्यापार पूरी तरह रोक देंगे जिनके साथ अमेरिका का व्यापार घाटा चल रहा है. नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के निदेशक केविन हैसेट ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि फेडरल रिजर्व चाहे जो भी फैसला ले, ट्रंप केविन वॉर्श की स्वतंत्रता का पूरा बचाव करेंगे. लेकिन हैसेट ने ये भी साफ तौर पर माना कि अगर ब्याज दरों में बढ़ोतरी होती है, तो ट्रंप इस फैसले से बिल्कुल भी खुश नहीं होंगे.