स्टोन की समस्या अगर किसी हेल्दी फूड की वजह से हो, तो ये बहुत चौंकाने वाला है. यहां हम देसी घी और गॉल ब्लैडर में स्टोन के बीच क्या कनेक्शन है, ये आपको बताने जा रहे हैं. सवाल है कि क्या ज्यादा देसी घी खाने से पित्त की थैली में पथरी की शिकायत हो सकती है. गॉल ब्लैडर में स्टोन कैसे बनता है ये जान लेना जरूरी है. एक्सपर्ट बताते हैं कि शुरुआत में हमारी पित्त की थैली में एक लेयर बनने लगती है.

मेडिकली इसे कोलेस्ट्रॉल की लेयर कहा जाता है. देसी घी ज्यादा खाया जाए तो कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने की शिकायत भी हो सकती है. इसलिए सवाल उठता है कि क्या गॉल ब्लैडर में स्टोन का कारण देसी घी भी है. चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं…
क्या देसी घी बतना है पथरी की वजह?
डॉक्टर जतींदर सिंह भोगल कहते हैं कि ज्यादा घी खाने से सीधे गॉल ब्लैडर में पथरी हो जाएगी, ऐसा जरूरी नहीं है. पथरी तब बनती है जब पित्त में कुछ चीजों का संतुलन बिगड़ जाता है. पित्त हमारे शरीर में फैट को पचाने में मदद करता है और ज्यादातर पथरी कोलेस्ट्रॉल से बनती है.
लेकिन ज्यादा घी खाना भी ठीक नहीं है. घी में सैचुरेटेड फैट और कैलोरी काफी होती हैं. अगर लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा फैट और कैलोरी ली जाएं, तो वजन बढ़ सकता है और कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ सकता है. ये दोनों चीजें गॉल ब्लैडर में पथरी का खतरा बढ़ा सकती हैं. इसलिए सिर्फ घी को पथरी की वजह नहीं कह सकते, लेकिन इसे जरूरत से ज्यादा खाना जरूर नुकसान कर सकता है.
अगर किसी को पहले से पथरी है, तो ज्यादा घी खाने के बाद परेशानी शुरू हो सकती है. फैटी चीजें खाने पर गॉल ब्लैडर सिकुड़ता है और पित्त बाहर निकालता है. इस दौरान पथरी हिलकर रास्ता रोक सकती है, जिससे अचानक तेज दर्द हो सकता है.
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज दर्द हो, दर्द पीठ या दाहिने कंधे तक जाए, बुखार आए, बार बार उल्टी हो या आंखें और त्वचा पीली पड़ने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें. ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और जांच करवाएं.
देसी घी खाने से बढ़ते हैं लक्षण
डॉक्टर अनिल अरोड़ा कहते हैं कि गॉल ब्लैडर स्टोन डिजीज एक मेटाबॉलिक प्रॉब्लम से होता है. सब नहीं जानते कि ये डिजीज लिपिड की वजह से होता है या ब्लड में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से होता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि लिपिड, ब्लड में कोलेस्ट्रॉल और ड्राई गिलिस्ट्राइड से गॉल ब्लैडर में स्टोन बनने का कोई तालूक नहीं है. लेकिन एक ये दिक्कत हो गई तो देसी घी खाने से लक्षण बढ़ सकते हैं.