वस्तु एवं सेवा कर यानी GST को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला हो सकता है. GST काउंसिल की 57वीं बैठक 12 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली है. इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी. बैठक से एक दिन पहले यानी 11 सितंबर को अधिकारियों की बैठक भी होगी. GST काउंसिल में केंद्र के साथ राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल होते हैं. खास बात यह है कि काउंसिल की यह बैठक एक साल से ज्यादा समय के अंतराल के बाद होने जा रही है. इससे पहले 3 और 4 सितंबर 2025 को बैठक हुई थी. उस बैठक में GST की दरों और स्लैब में बड़ा बदलाव किया गया था.

22 सितंबर 2025 से GST का नया सिस्टम लागू हुआ था. इसके तहत मुख्य रूप से 5% और 18% के दो टैक्स स्लैब बनाए गए हैं. वहीं, महंगी और कुछ विशेष वस्तुओं के लिए 40% GST रखा गया है. इससे पहले 5%, 12%, 18% और 28% के चार स्लैब लागू थे.
बड़े कारोबारियों के लिए आसान हो सकते हैं नियम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 12 सितंबर की बैठक में बड़े कारोबारियों के लिए GST रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने पर चर्चा हो सकती है. खासकर ऐसे कारोबार जिनमें हर महीने 2.5 लाख रुपये से ज्यादा का टैक्स क्रेडिट पास किया जाता है, उनके लिए प्रक्रिया सरल करने पर विचार किया जा सकता है. फिलहाल बड़े कारोबारियों के GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरे देश में एक जैसी नहीं है. केंद्र और अलगअलग राज्यों के GST विभाग अपनेअपने तरीके से प्रक्रिया अपनाते हैं. इससे कारोबारियों को परेशानी और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है.
छोटे कारोबारियों के लिए पहले ही आसान हुई प्रक्रिया
काउंसिल GST रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने की प्रक्रिया में भी ऑटोमेशन और दूसरे बदलाव करने पर विचार कर सकती है. इसका मकसद प्रक्रिया को ज्यादा आसान और एक जैसा बनाना है. सितंबर 2025 की बैठक में छोटे और कम जोखिम वाले कारोबारियों के लिए सरल GST रजिस्ट्रेशन स्कीम को मंजूरी दी गई थी. यह व्यवस्था 1 नवंबर से लागू हुई थी. GST सिस्टम के डेटा के आधार पर जिन कारोबारियों को छोटा और कम जोखिम वाला माना जाता है, वे इस योजना का फायदा उठा सकते हैं. इसके अलावा वे कारोबारी भी इस स्कीम को चुन सकते हैं, जिनकी हर महीने की आउटपुट टैक्स देनदारी 2.5 लाख रुपये तक है. फिलहाल देश में करीब 1.68 करोड़ कारोबार GST के तहत रजिस्टर्ड हैं. ऐसे में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बदलाव का बड़ी संख्या में कारोबारियों पर असर पड़ सकता है.