Chandra Grahan Pregnancy Rules: साल का अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त, शुक्रवार को होने जा रहा है। हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ये काम करने से गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा असर हो सकता है। हालांकि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। आगे जानिए कौनसे हैं ये 5 काम…
गर्भवती महिलाएं न निकले घर से बाहर
धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय वातावरण में हानिकारक किरणों का प्रभाव बहुत अधिक हो जाता है। इसी वजह से गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने और घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इन हानिकारक किरणों का असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर हो सकता है। इसलिए गर्भती महिलाएं ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलने से बचती हैं।
चाकूकैंची का इस्तेमाल न करें
कई जगहों पर मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को चाकू, कैंची या किसी नुकीली चीज जैसे सुई आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से गर्भ में पल रहे शिशु के अंगों पर बुरा असर हो सकता है। हालांकि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
सिलाईकढ़ाई करने से भी बचें
मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई या कपड़े काटने जैसे काम नहीं करने चाहिए। दिखने में ये काम भले ही साधारण लगे लेकिन हिंदू मान्यताओं में इन कामों को गर्भवती महिला के लिए अशुभ माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इसका असर बच्चे पर पड़ सकता है।
चंद्रमा को सीधे न देखें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा को सीधे देखने से बचने की सलाह दी जाती है। गर्भवती महिलाओं को भी इस नियम का पालन करना चाहिए। ग्रहण के दौरान सीधे ग्रहण को देखने से भविष्य में कईं तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी मान्यता है।
इन कामों से भी बचें
चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सोना नहीं चाहिए। चाहें तो कुछ देर आराम कर सकते हैं। यदि बहुत जरूरी न हो तो भोजन आदि करने से भी बचना चाहिए। ये काम भी ग्रहण के दौरान करना ठीक नहीं माने जाते।