Sunday, February 22, 2026
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रमज़ान में खजूर से क्यों खोलते हैं रोज़ा, जानिए ये फल सेहत पर कैसा करता है असर

रमज़ान में खजूर से क्यों खोलते हैं रोज़ा, जानिए ये फल सेहत पर कैसा करता है असर

क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया भर में करोड़ों लोग रमज़ान के दौरान अपना रोज़ा सिर्फ खजूर से ही क्यों खोलते हैं? यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे विज्ञान का एक ऐसा गहरा राज़ छिपा है जो आपके शरीर को चंद मिनटों में नई ऊर्जा से भर देता है। 12 से 14 घंटे के कड़े उपवास के बाद जब शरीर में एनर्जी का स्तर गिरने लगता है, तब खजूर एक सुपरफूड की तरह काम करती है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक साइंस तक खजूर के गुणों की सराहना करते हैं। अब सवाल ये उठता है कि आखिर दिन भर के रोज़े के बाद खजूर का सेवन क्या बॉडी को डिटॉक्स करता है,कमजोरी को दूर करता है।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर रूपाली जैन ने बताया खजूर दिन भर की कमजोरी को दूर करती है और बॉडी को ताकत देती है। इसका सेवन करने से शरीर की गर्मी और पित्त शांत होता है। आइए जानते हैं इफ्तार की थाली में सजे इस छोटे से फल में ऐसा क्या है जो दुनियाभर के लोग इसे इफ्तार में खाते हैं।

मेडिकल साइंस खजूर के बारे में क्या कहता है?

मेडिकल साइंस के नजरिए से खजूर को पोषक तत्वों का पावर हाउस (Nutritional Powerhouse) माना जाता है। इफ्तार के समय खजूर से रोज़ा खोलना केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक कारण हैं। 12-14 घंटे के रोजे के बाद शरीर में ग्लाइकोजन (जमा हुई ऊर्जा) खत्म हो जाती है, जिससे सुस्ती और सिरदर्द होता है। खजूर में प्राकृतिक रूप से सरल शर्करा (Simple Sugars) जैसे ग्लूकोज और फ्रुक्टोज होते हैं। ये खून में मिलकर मस्तिष्क और नसों को 30 मिनट के अंदर ऊर्जा पहुंचा देता है।  खजूर खाने से तुरंत बॉडी को एनर्जी मिलती है।

खजूर में नेचुरल शुगर,फ्रुक्टोज और सुक्रोज मौजूद होता है जो ब्लड में गिरे हुए शुगर के स्तर को हाई करता है। इफ्तार में दो खजूर का सेवन करने से बॉडी को तुरंत एनर्जी मिलती है जिससे दिन भर की कमजोरी और थकान दूर होती है। खजूर का सेवन ब्रेन की हेल्थ में भी सुधार करता है।

खजूर का पाचन पर असर

इफ्तार में खजूर का सेवन पाचन तंत्र के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है। रमजान में पाचन से जुड़ी दिक्कतों से बचाव करने में खजूर का सेवन बेहद असरदार साबित होता है। खजूर में डाइटरी फाइबर भरपूर मौजूद होता है जो आंतों की गति में सुधार करता है। इसका सेवन करने से कब्ज से बचाव होता है और आंतों में गुड बैक्टीरिया बढ़ते हैं। खजूर में कार्बोहाइड्रेट मौजूद होता है जो फास्ट के दौरान बॉडी में कार्बोहाइड्रेट की कमी को पूरा करता है। इसका सेवन करने से मीठा खाने की क्रेविंग कंट्रोल होती है।  न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक इफ्तार के दौरान खजूर खाने से भूख कम लगती है और उपवास के बाद अत्यधिक खाने से बचने में मदद मिलती है, जिससे पाचन संबंधी विकार और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

आयुर्वेद में खजूर के फायदे

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर रूपाली जैन ने बताया आयुर्वेद में खजूर को गुरु यानी भारी माना जाता है। ये स्निग्ध यानी चिकनाई देने वाली होती है। मधुर रस वाला और शीतवीर्य यानी ठंडी तासीर वाला फल इसे बताया गया है। ये विशेष रूप से वात और पित्त दोष को संतुलित करने में मददगार माना गया है। खजूर आयरन, कैल्शियम, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत है। यह रिफाइंड शुगर का बेहतर विकल्प माना जाता है और सामान्य मात्रा में लेने पर फैट या कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ाता। खजूर को आयुर्वेद में वातहर और मस्तिष्क बलदायक कहा गया है।
ये नसों की कमजोरी दूर करने में असरदार साबित होती है। इसका सेवन करने से बॉडी में एकाग्रता बढ़ती है। चक्कर आने, एकाग्रता बढ़ाने,साइटिका, जोड़ों और कमर दर्द जैसी वात संबंधी समस्याओं में खजूर का सेवन उपयोगी है। आयुर्वेद के मुताबिक खजूर आयरन से भरपूर होती है जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मददगार है। इसका सेवन करने से एनीमिया का इलाज होता है। नाक से खून आना या बवासीर जैसी समस्याओं में ये फल उपयोगी है।

डिस्क्लेमर:

ये जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है, किसी भी विशेष स्वास्थ्य स्थिति के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लें।

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