रविवार, 19 जुलाई 2026 ब्रेकिंग
पहले फावड़े से काटा 4 साल का मासूम बेटा, फिर घर के अंदर ही जलाने लगी लाश… कातिल मां को उम्रकैद की सजा​ | Horoscope 19 July 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल​ | 12 बजे उठना, 5 बजे जिम और 7 बजे सजाते थे महफिल…CM योगी ने अखिलेश पर साधा निशाना​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

शेतफल में इंसानों से ज्यादा सांप! यहां जहरीले कोबरा से खेलते हैं बच्चे, यह परंपरा जान आप रह जाएंगे हैरान​

Shetphal Snake Village: क्या आपने कभी ऐसे गांव के बारे में सुना है, जहां जहरीले सांप लोगों के घरों में खुलेआम रहते हों, बच्चे उनसे खेलते हों और फिर भी सर्प दंश जैसी घटना लगभग सुनने को न मिलती हो? महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का शेतफल गांव अपनी इसी अनोखी परंपरा के कारण देशविदेश में […]

Shetphal Snake Village: क्या आपने कभी ऐसे गांव के बारे में सुना है, जहां जहरीले सांप लोगों के घरों में खुलेआम रहते हों, बच्चे उनसे खेलते हों और फिर भी सर्प दंश जैसी घटना लगभग सुनने को न मिलती हो?

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का शेतफल गांव अपनी इसी अनोखी परंपरा के कारण देशविदेश में चर्चित है। पुणे से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित शेतफल को सांपों का गांव भी कहा जाता है। यहां किंग कोबरा, वाइपर, क्रेट और रेसर जैसे कई प्रकार के सांप प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं। खास बात यह है कि ग्रामीण इन्हें डर की नजर से नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान के साथ देखते हैं।

यहां हर घर में सांपों के लिए बना देवस्थान

गांव के लगभग हर घर में सांपों के लिए एक विशेष स्थान बनाया जाता है, जिसे देवस्थान कहा जाता है। मान्यता है कि यहां आने वाले सांप परिवार की रक्षा करते हैं और घर में सुखसमृद्धि का आर्शीवाद देते हैं। यही वजह है कि ग्रामीण सांपों को नुकसान पहुंचाने के बजाय उनकी पूजा करते हैं।

घर, गलियों, खेतों, दुकानों में सांप ही सांप

शेतफल में सांपों की मौजूदगी केवल घरों तक सीमित नहीं है। वे गांव की गलियों, खेतों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर भी आसानी से दिखाई देते हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह सामान्य जीवन का हिस्सा है और बच्चे भी बचपन से ही सांपों के साथ सावधानीपूर्वक रहना सीखते हैं।

नाग पंचमी का पर्व यहां का विशेष उत्सव

ग्रामीणों का विश्वास है कि यदि सांपों का सम्मान किया जाए तो मनुष्य और सरीसृपों के बीच संघर्ष की स्थिति नहीं बनती। इसी परंपरा के चलते नाग पंचमी का पर्व यहां विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर नाग देवता की पूजा कर दूध, फूल और मिठाइयां अर्पित की जाती हैं।

सिद्धेश्वर मंदिर में होता हैं सर्पदंश का इलाज

गांव में स्थित सिद्धेश्वर मंदिर भी लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर सर्पदंश से जुड़े उपचार के लिए प्रसिद्ध रहा है। महाराष्ट्र गजेटियर विभाग के पुराने अभिलेखों में उल्लेख मिलता है कि वर्ष 1974 में यहां कई सर्पदंश पीड़ितों को लाया गया था, हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें काटने वाले सांप विषैले थे या नहीं।

गांव की जनसंख्या 5772, इनसे ज्यादा सांप

2011 की जनगणना के अनुसार, शेतफल की आबादी 5772 है, जिसमें 3055 पुरुष और 2717 महिलाएं शामिल हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि गांव में इंसानों की तुलना में सांपों की संख्या अधिक है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY