मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड की नियमित सुनवाई इन दिनों जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत (न्यायालय) में चल रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को अभियोजन पक्ष की ओर से हत्याकांड से संबंधित महत्वपूर्ण बयानों को अदालत के समक्ष पेश किया गया। इन बयानों के माध्यम से अदालत में इस खौफनाक और दिल दहला देने वाले हत्याकांड की सिलसिलेवार कड़ियों को सामने रखा गया।
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दोपहर ठीक एक बजे अदालत की कार्यवाही शुरू होने पर जिला शासकीय अधिवक्ता (DGC) फौजदारी केके चौबे ने अभियोजन का पक्ष पुरजोर तरीके से रखा। उन्होंने मामले की पूरी जानकारी देते हुए अदालत को मृतक सौरभ की मां रेनू के बयान पढ़कर सुनाए। इसके साथ ही, उन्होंने सौरभ के दोस्त और ड्रम बेचने वाले सैफुद्दीन के बयानों को भी अदालत के सम्मुख पढ़ा। सैफुद्दीन ने अपने बयान में बेहद अहम खुलासा करते हुए बताया था कि मुख्य हत्यारोपी ने उससे एक ड्रम खरीदा था, जिसका इस्तेमाल शव को ठिकाने लगाने के लिए किया गया था।
यह था पूरा मामला
यह सनसनीखेज मामला मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके का है। यहाँ की रहने वाली मुस्कान रस्तोगी उर्फ सोभी ने साल 2016 में इंदिरानगर के निवासी सौरभ राजपूत से प्रेम विवाह (लव मैरिज) किया था। साल 2019 में मुस्कान ने एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन इसी दौरान उसकी मुलाकात अपने पुराने सहपाठी साहिल से हुई। साहिल और मुस्कान के बीच नजदीकियां बढ़ीं, तो मुस्कान ने पति सौरभ से तलाक लेने का मन बना लिया।
इस बीच, सौरभ मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़कर लंदन चला गया। सौरभ की अनुपस्थिति में साहिल और मुस्कान एक-दूसरे के और करीब आ गए। जब सौरभ लंदन से वापस मेरठ लौटा, तो मुस्कान और साहिल ने मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। क्रूरता की हदें पार करते हुए दोनों ने सौरभ के शव के टुकड़े किए और उसे सैफुद्दीन से खरीदे गए ड्रम में रखकर ऊपर से सीमेंट भरकर जमा दिया ताकि बदबू न आए और राज दफन रहे। पुलिस ने इस खौफनाक घटना का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वर्तमान में दोनों आरोपी जेल में बंद हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नियमित रूप से उनकी न्यायालय में पेशी कराई जा रही है।












