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प्यार के लिए बदला धर्म, बरेली की मैजवीन से बनीं ‘लक्ष्मी’; विशाल संग हिंदू रीति-रिवाज से रचाई शादी

प्यार के लिए बदला धर्म, बरेली की मैजवीन से बनीं ‘लक्ष्मी’; विशाल संग हिंदू रीति-रिवाज से रचाई शादी

Bareilly Unique Love Story: उत्तर प्रदेश के बरेली में एक प्रेम कहानी चर्चा का विषय बन गई, जब अलग-अलग धर्म से ताल्लुक रखने वाले युवक-युवती ने तमाम सामाजिक और पारिवारिक मुश्किलों के बीच एक-दूसरे का हाथ थाम लिया. शीशगढ़ क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय मैजवीन ने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन कर अपना नाम लक्ष्मी रख लिया और इसके बाद अपने प्रेमी विशाल के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया. शादी अगस्त्य मुनि आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार और सात फेरों के साथ संपन्न हुई.

प्यार के लिए बदला धर्म, बरेली की मैजवीन से बनीं ‘लक्ष्मी’; विशाल संग हिंदू रीति-रिवाज से रचाई शादी
प्यार के लिए बदला धर्म, बरेली की मैजवीन से बनीं ‘लक्ष्मी’; विशाल संग हिंदू रीति-रिवाज से रचाई शादी

दरअसल, शीशगढ़ थाना क्षेत्र के बल्ली गांव की रहने वाली मैजवीन और जाफरपुर गांव के रहने वाले विशाल की पहचान बचपन से थी. दोनों एक ही स्कूल में आठवीं कक्षा तक साथ पढ़े थे. इसी दौरान दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई. बाद में पढ़ाई के लिए दोनों अलग-अलग स्कूलों में चले गए, लेकिन बातचीत और मुलाकात का सिलसिला जारी रहा. समय के साथ यह दोस्ती प्यार में बदल गई. दोनों ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद शादी करने का फैसला किया.

परिवार ने किया शादी का विरोध

हालांकि, उनके अलग-अलग धर्म होने की वजह से यह रिश्ता परिवारों के लिए आसान नहीं था. विशाल के मुताबिक, शुरुआत में उनके घर वालों को भी आपत्ति थी, लेकिन बाद में वे मान गए. दूसरी ओर मैजवीन के परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया और शादी के लिए सहमति नहीं दी. मैजवीन ने बताया कि जब परिवार के लोग तैयार नहीं हुए तो उन्होंने घर छोड़कर शादी करने का फैसला किया.

मैजवीन बनीं लक्ष्मी

दोनों बरेली पहुंचे और यहां उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से अगस्त्य मुनि आश्रम की जानकारी मिली. इसके बाद वे आश्रम पहुंचे और वहां विवाह की प्रक्रिया शुरू करवाई. मैजवीन ने बताया कि उन्होंने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन का आवेदन प्रशासन के समक्ष दिया और अपना नया नाम लक्ष्मी रखा. उनका कहना है कि इस फैसले में किसी प्रकार का दबाव नहीं था. उन्होंने बताया कि उन्हें सनातन धर्म की परंपराएं और रीति-रिवाज पसंद हैं. वह अपनी मर्जी से यह निर्णय ले रही हैं.

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4 साल से चल रहा था प्रेम-प्रसंग

लक्ष्मी ने बताया कि वह लंबे समय से विशाल के संपर्क में थीं और दोनों एक-दूसरे को जीवनसाथी मान चुके थे. फोन पर बातचीत और समय-समय पर मुलाकातों के जरिए उनका रिश्ता करीब चार साल तक चला. इसी दौरान दोनों ने तय कर लिया था कि वे शादी करेंगे और जीवनभर साथ रहेंगे. अगस्त्य मुनि आश्रम में आयोजित शादी समारोह में वैदिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया. शादी के दौरान विशाल ने लक्ष्मी को वरमाला पहनाई, मांग में सिंदूर भरा और मंगलसूत्र पहनाया. इसके बाद दोनों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और सात वचनों के साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत की.

आश्रम के पंडित केके शंखधार ने बताया कि युवती ने धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद विवाह की इच्छा जताई थी. इसके बाद वैदिक परंपराओं से शुद्धिकरण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए. सभी आवश्यक धार्मिक विधियां पूरी होने के बाद दोनों का विवाह कराया गया.

khabarmonkey@gmail.com

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