तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देकर अपने नए राजनीतिक सफर की शुरुआत का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब वह एक नए राजनीतिक आंदोलन के माध्यम से जनता के बीच काम करेंगे और देश में स्वच्छ, पारदर्शी तथा जनभागीदारी आधारित राजनीति को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

नए राजनीतिक आंदोलन की घोषणा
अन्नामलाई ने बताया कि उनके नए राजनीतिक आंदोलन का नाम “We The Leader” होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल आम लोगों को राजनीति से जोड़ने और नैतिक मूल्यों पर आधारित नेतृत्व तैयार करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। उन्होंने जनता से इस अभियान में शामिल होने की अपील भी की।
राजनीतिक सफर का किया जिक्र
अपने राजनीतिक जीवन को याद करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि वर्ष 2009 में उन्होंने डीएमडीके (DMDK) के साथ इंटर्नशिप की थी। इसके बाद वर्ष 2020 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। अब उन्होंने नई राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ने का फैसला लिया है।
Khabar Monkey
रजनीकांत ने दिया था पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव
अन्नामलाई ने एक अहम खुलासा करते हुए बताया कि 24 अगस्त 2020 को भाजपा में शामिल होने से पहले अभिनेता रजनीकांत ने उन्हें फोन कर अपनी संभावित राजनीतिक पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, उन्होंने बताया कि वह भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष को पहले ही अपनी सहमति दे चुके थे, इसलिए उन्होंने रजनीकांत का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया।
राजनीति में नैतिक नेतृत्व तैयार करने पर जोर
उन्होंने कहा कि “APJ Abdul Kalam Ethics in Politics” नामक संस्था के माध्यम से उनके आंदोलन से जुड़ने वाले लोगों को राजनीतिक और नैतिक नेतृत्व का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनका मानना है कि राजनीति में मूल्यों और जवाबदेही को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
परिवारवाद पर अंकुश लगाने की तैयारी
अन्नामलाई ने कहा कि भविष्य में जब उनकी राजनीतिक पार्टी का गठन होगा तो उसमें कार्यकाल सीमा (टर्म लिमिट) लागू की जाएगी। उनका उद्देश्य परिवारवाद और वंशवादी राजनीति को सीमित करना है ताकि नए लोगों को अवसर मिल सके।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जताया सम्मान
पूर्व भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मुद्दे पर उनके विचार भाजपा से अलग होंगे तो वह उन्हें खुलकर सामने रखेंगे। अन्नामलाई ने यह भी कहा कि तीन-भाषा नीति का उन्होंने भाजपा में रहते हुए भी विरोध किया था।
अमित शाह से मुलाकात के बाद दिया इस्तीफा
अन्नामलाई ने बताया कि इस्तीफा देने से पहले उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने पार्टी में महसूस की गई कमियों और अपने विचारों को विस्तार से साझा किया। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों में नहीं हैं जो दूर बैठकर इस्तीफा भेज दें, बल्कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखकर सम्मानजनक तरीके से अलग होने का निर्णय लिया।











