गाजियाबाद: दिल्ली से सटे खोड़ा में बकरीद के दिन किशोर सूर्या चौहान की असद ने चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। रविवार तड़के गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी असद को एनकाउंटर में मार दिया। असद के एनकाउंटर पर सपा प्रवक्ता ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय मिला, अच्छी बात है, लेकिन अगर इसकी जांच हो तो सच्चाई पता चलेगी।

सपा प्रवक्ता अमीक जामेई ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि असद का एनकाउंटर हुआ और सूर्या के परिवार को न्याय मिला, लेकिन अगर जांच की जाए तो पता चलेगा कि गाजियाबाद में नाबालिग असद और सूर्या दोस्त थे और एक ही गली में रहते थे। सूर्या, असद की बहन से दोस्ती रखता था, जो असद को पसंद नहीं था और इसी वजह से दोनों के बीच विवाद चल रहा था। इसके बाद असद का परिवार अपना मोहल्ला बदल कर रहने लगा, लेकिन दोस्ती नहीं टूटी। यही मुद्दा सूर्या की जान के लिए खतरा बन गया।
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सपा प्रवक्ता ने कहा कि हम देखते हैं कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में, चाहे दलित हो, मुस्लिम हो, ब्राह्मण हो या यादव, किसी भी हत्यारे को मीडिया नफरत का बड़ा मुद्दा बना देती है। क्या यह सच नहीं है कि असद को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में उसका एनकाउंटर किया गया? जौनपुर दूल्हे की हत्या के मामले में आरोपी को आज भी भाजपा से संबंधों की वजह से संरक्षण मिल रहा है। जब तक सरकार वोट बैंक, जाति और धर्म से ऊपर उठकर कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं देगी, अपराध नहीं रुकेगा। चाहे इसके लिए आप गृह सचिव बदल दीजिए, फिर भी अराजकता नहीं रुकेगी।











