चेहरे पर होने वाली टैनिंग से छुटकारा पाने के लिए प्रोडक्ट्स और होम रेमेडीज खूब ट्राई किए जाते हैं. लेकिन हाथ-पैरों की टैनिंग को ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. जानें आप किन नेचुरल तरीकों को आजमाकर टैनिंग को नेचुरली कम या दूर कर सकते हैं.
Khabar Monkey

टैनिंग क्यों होती है– सन टैन तब ज्यादा बढ़ता है जब हमारी स्किन अल्ट्रावॉयटेल रेडिएशन के संपर्क में ज्यादा आती है. इस वजह से स्किन में ज्यादा मेलानिन बनता है. ये एक तरह का पिगमेंट है जो यूवी किरणों को एब्जॉर्ब करता है. यही मेलानिन हमारी अंदर की लेयर को नुकसान से बचाने के लिए यूवी रेव्स को एब्जॉर्ब करता है. इसलिए हमारी स्किन डार्क होने लगती है. ऐसे में जब हमारा स्किन का कोई भी हिस्सा धूप के संपर्क में बार-बार आता है तो मेलानिन की मात्रा बढ़ती है और टैनिंग होने लगती है.
टैनिंग से जुड़ी गलतियां– अगर आपको टैनिंग से स्किन को बचाना है तो सनस्क्रीन न लगाना, सुबह 10 से 4 के बीच ही बाहर निकलना, हाथ-पैरों को ज्यादा धोना और फिर इन पर सनस्क्रीन न लगाना जैसी गलतियों से बचना चाहिए. मॉइस्चराइजेशन को इग्नोर करना भी एक बड़ी गलती है. इसके अलावा कुछ लोगों की बॉडी में ज्यादा मेलानिन बनता है.
नींबू का रस और शहद– नींबू में सिट्रिक एसिड होता है जो स्किन को माइल्ड एक्सफोलिएट करता है. इसके अलाव इसमें ब्राइटनिंग प्रॉपर्टीज भी है और शहद से डीप मॉइस्चराइजेशन मिलता है. एक चम्मच नींबू के रस में शहद को मिलाकर लगाएं. ऐसा हफ्ते में दो से तीन बार करें और फर्क देखें.
योगर्ट और हल्दी का मास्क– ये एक आयुर्वेदिक कॉम्बिनेशन है जो स्किन को ब्राइटनिंग बेनिफिट्स देता है. दो चम्मच प्लेन योगर्ट में थोड़ी सी हल्दी मिलाएं. टैनिंग वाली स्किन पर लगाएं. योगर्ट से डेड स्किन हटती है और हल्दी के एंटी इंफ्लामेटरी गुण सूरज से हुई रेडनेस को कम करते हैं.
टमाटर का नुस्खा– इस लाल सब्जी में लाइकोपेन नाम का एंटीऑक्सीडेंट होता है जो यूवी डैमेज से लड़ता है और पिगमेंटेशन को कम करता है. आप चाहे तो रोजाना टमाटर के पल्प को अपनी स्किन पर लगाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ सकते हैं. टमाटर के गुण स्किन को चमकाने में कारगर हैं.
एलोवेरा जेल– अपनी कूलिंग और हीलिंग प्रॉपर्टीज के लिए जाने वाला एलोवेरा सन डैमेज और पिंगमेंटेशन को कम करता है. एलोवेरा को सीधे स्किन पर लगाकर भी टैनिंग दूर की जा सकती है. एलोवेरा में मौजूद एलोइन (Aloin) और एलोसिन (Aloesin) जैसे कंपाउंड मेलानिन के निर्माण को रोकने में मदद करते हैं.












