महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में मौजूद मशहूर एयर इंडिया बिल्डिंग को, एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (AIAHL) से 1,601 करोड़ रुपये में खरीद लिया है. उम्मीद है कि इस कदम से राज्य सरकार के कई विभागों को लंबे समय से हो रही जगह की कमी की समस्या को सुलझाने में मदद मिलेगी. राज्य सरकार की योजना अपने कई दफ्तरों को एयर इंडिया बिल्डिंग में शिफ्ट करने की है. इनमें से कई दफ्तर अभी मुंबई भर में किराए की जगहों से काम कर रहे हैं. लोक निर्माण विभाग (PWD) बिल्डिंग के अंदरूनी हिस्से की मरम्मत का काम करेगा और उसका लक्ष्य है कि एक साल के अंदर बिल्डिंग को इस्तेमाल के लिए तैयार कर दिया जाए. इस खरीद के साथ, सरकार को मंत्रालय (राज्य का प्रशासनिक मुख्यालय) के पास लगभग 46,470 वर्ग मीटर का दफ्तर का स्पेस मिल जाएगा.

सरकार की समस्या होगी हल
मंत्रालय और उसकी एनेक्स बिल्डिंग में कई सालों से दफ्तर की जगह की कमी बनी हुई थी. 2012 में मंत्रालय परिसर में लगी एक बड़ी आग के बाद यह समस्या और भी गंभीर हो गई थी, जिसके चलते कई विभागों को वहां से बाहर जाना पड़ा था. तब से, सरकार के कई दफ्तर मुंबई में अलग-अलग जगहों से काम कर रहे हैं, जिनमें से कुछ तो राज्य सचिवालय से काफी दूर हैं. सरकार इन दफ्तरों के लिए काफी किराया भी चुका रही थी. केंद्र सरकार ने 2024 में एयर इंडिया बिल्डिंग की बिक्री को मंजूरी दी थी. इसके बाद, नवंबर 2025 में महाराष्ट्र कैबिनेट ने इस खरीद को अपनी मंज़ूरी दे दी. उम्मीद है कि इस खरीद से कई विभाग मंत्रालय के और करीब आ जाएंगे, जिससे प्रशासनिक तालमेल बेहतर होगा.
दावेदारों में ये कंपनियां भी थी शामिल
एयर इंडिया ने 2018 में, अपना मुख्यालय नई दिल्ली शिफ्ट करने के बाद, अपनी ‘एसेट मोनेटाइजेशन’ (संपत्ति से कमाई करने) की योजना के तहत इस बिल्डिंग को बेचने का फैसला किया था. उस समय, एयर इंडिया ने इस प्रॉपर्टी के लिए 2,000 करोड़ रुपये की मांग की थी. महाराष्ट्र सरकार ने 1,400 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया था. बोली लगाने वाले दूसरे दावेदारों में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी शामिल थी, जिसने 1,375 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया था. और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) शामिल था, जिसने 1,200 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया था.
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2022 में फडणवीस ने किया था अनुरोध
महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद, राज्य सरकार ने अपने प्रस्ताव की रकम बढ़ाकर 1,601 करोड़ रुपए करने का फैसला किया. इसके साथ ही, सरकार ने लगभग 300 करोड़ रुपए की बकाया रकम माफ करने पर भी सहमति जताई. यह बकाया मुख्य रूप से लीज पर दी गई जमीन से होने वाली ‘अनरियलाइज़्ड इनकम’ (ऐसी आय जो अभी तक मिली नहीं है) और उस पर लगने वाले ब्याज से जुड़ा था.
2022 में, तत्कालीन उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाक़ात की थी और उनसे अनुरोध किया था कि इस इमारत की बिक्री में महाराष्ट्र सरकार को प्राथमिकता दी जाए. अब जब यह सौदा पूरा हो चुका है, तो राज्य सरकार को उम्मीद है कि एयर इंडिया की यह इमारत दक्षिण मुंबई में अपने दफ्तर की जगह की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी.












