केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल में बदल गया है. OSM में टेंडर की प्रक्रिया में बदलाव की वजह से CBSE की लगातार किरकिरी हो रही थी. ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए मोदी सरकार ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है. सरकार ने सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव (सेक्रेटरी) हिमांशु गुप्ता दोनों को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है. लंबे समय से सुलग रहे इस विवाद के बाद हुई इस कार्रवाई ने शिक्षा जगत से लेकर आम जनता तक सबको चौंका दिया है.

जांच समिति का किया गया गठन
सरकार ने न सिर्फ दोनों शीर्ष अधिकारियों का तबादला किया है, बल्कि इस पूरे खरीद (Procurement) मामले की तह तक जाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति (Inquiry Committee) का भी गठन कर दिया है. यह कमेटी जांच करेगी कि ओएसएम सेवाओं के टेंडर और अलॉटमेंट में कहां और क्या खामियां थीं.
इस समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) की अध्यक्ष सुश्री एस. राधा चौहान करेंगी. बता दें कि समिति की अध्यक्ष को आवश्यकतानुसार, अन्य कार्यालयों के अधिकारियों से सहायता प्राप्त करने का अधिकार होगा.
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इसके अलावा समिति को सचिवालयी सहायता क्षमता निर्माण आयोग द्वारा प्रदान की जाएगी. और यह समिति अपनी रिपोर्ट एक माह के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel & Training) के सामने प्रस्तुत करेगी.










