Kanpur Central Railway Station Closed: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा अपडेट रेलवे की तरफ से जारी किया गया है. ये रेलवे स्टेशन 21 जून 2026 को पूरी तरह से बंद रहेगा. रेलवे स्टेशन से न तो कोई ट्रेन गुजरेगी और न ही यहां से कोई गाड़ी खुलेगी. रेलवे यात्रियों के लिए यह बेहद जरूरी खबर है. यह बंदी रेलवे में तकनीकी कार्यों के कारण रखी गई है. कानपुर सेंट्रल 24 घंटे के लिए पूरी तरह बंद रहेगा.

इस दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों को गोविंदपुरी और चंदारी स्टेशन पर डायवर्ट किया गया है. एक दिन की इस व्यवस्था के बाद 22 जून से सभी सेवाएं सामान्य हो जाएंगी.
आपको बता दें कि कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सिग्नलिंग सिस्टम और इंटरलॉकिंग अपग्रेड के काम के चलते 21 जून 2026 को पूरे 24 घंटे के लिए ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा. रेलवे ने वैकल्पिक स्टेशनों पर अचानक भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए यात्रियों को घर से थोड़ा पहले निकलने और अपनी यात्रा को सुगम बनाने की सलाह जारी की है.
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 24 घंटे के इस बड़े शटडाउन के दौरान यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह रहेगी कि कानपुर सेंट्रल से आने-जाने वाली ट्रेनों को उन्हें गोविंदपुरी और चंदारी रेलवे स्टेशन से पकड़ना पड़ेगा. यात्रियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि यदि वे उस दिन यात्रा कर रहे हैं तो टिकट पर स्टेशन का नाम जरूर जांच लें. इसके अलावा, यात्रा से पहले ट्रेन का अपडेट जरूर देख लें और स्टेशन समय से पहले पहुंचें.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस 24 घंटे के बंद के पीछे रेलवे के इंटरलॉकिंग और सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड करने का उद्देश्य है, जिससे ट्रेनों की सुरक्षा और संचालन को और बेहतर बनाया जा सके. 24 घंटे के इस बंद के दौरान किसी भी ट्रेन का ठहराव कानपुर सेंट्रल पर नहीं होगा. वहीं, कई ट्रेनों को डायवर्ट किया जाएगा और यात्रियों को दूसरे स्टेशन से यात्रा करनी पड़ सकती है.
इस दौरान सेंट्रल स्टेशन की जगह गोविंदपुरी स्टेशन से मेमू ट्रेनें चलाई जाएंगी. दिल्ली-हावड़ा रूट की ट्रेनों को गोविंदपुरी और चंदारी से संचालित किया जाएगा. हावड़ा-दिल्ली रूट की ट्रेनें चंदारी और गोविंदपुरी होकर दिल्ली जाएंगी. वहीं, लखनऊ की ओर जाने वाली कुछ ट्रेनें सेंट्रल स्टेशन की बजाय गाजियाबाद और मुरादाबाद होकर जाएंगी.
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सेंट्रल स्टेशन पर इंटरलॉकिंग का कार्य पूरा हो जाने के बाद ट्रेनों का संचालन और बेहतर तरीके से किया जा सकेगा. इस प्रणाली को इलेक्ट्रिक आधारित व्यवस्था की बजाय कंप्यूटर आधारित बनाया जाएगा. इससे सिग्नल फेल होने जैसी समस्याएं नहीं रहेंगी और इलेक्ट्रिक प्रणाली में होने वाली तकनीकी चूक की संभावना भी कम हो जाएगी.












