भले ही पिछला हफ्ते शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली हो, लेकिन अगले हफ्ते शेयर बाजार तीन अहम फैक्टर्स के दम पर रिएक्ट करेगा. विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका-ईरान स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों और RBI के ब्याज दर के फैसले से जुड़े घटनाक्रम, आने वाले हफ्ते में इक्विटी बाजार के रुझान को तय करेंगे. इसके अलावा, उन्होंने बताया कि मैक्रोइकोनॉमिक डेटा की घोषणाएं, विदेशी निवेशकों की चाल और रुपया-डॉलर का ट्रेंड इक्विटी के लिए कोर ड्राइवर्स के रूप में काम करेंगे.

पीएमआई के आंकड़े
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च के SVP, अजीत मिश्रा ने कहा कि बाजार के प्रतिभागी अमेरिका-ईरान स्थिति से जुड़े वैश्विक घटनाक्रमों और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर बारीकी से नजर रखेंगे, जो महंगाई की उम्मीदों, करेंसी स्थिरता और विदेशी प्रवाह के लिए लगातार महत्वपूर्ण बने हुए हैं. मई महीने के लिए HSBC मैन्युफैक्चरिंग PMI के अंतिम आंकड़े सोमवार को जारी किए जाएंगे, जिसके बाद बुधवार को सर्विसेज PMI और कम्पोजिट PMI के आंकड़े आएंगे. उन्होंने कहा कि ये इंडीकेटर्स विभिन्न क्षेत्रों में मांग के ट्रेंड, व्यावसायिक गतिविधियों और विकास की मजबूती के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देंगे.
जीडीपी के आंकड़े
मिश्रा ने आगे कहा कि इस हफ़्ते की सबसे महत्वपूर्ण घटना शुक्रवार को होने वाली RBI की मौद्रिक नीति की घोषणा होगी. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, निवेशक आर्थिक गति और बाहरी क्षेत्र की स्थिरता के बारे में और अधिक स्पष्टता पाने के लिए भारत के GDP विकास के आंकड़ों और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे. पिछले हफ़्ते, BSE का बेंचमार्क सेंसेक्स 639.61 अंक, यानी 0.84 प्रतिशत गिरा, और NSE का निफ़्टी 171.55 अंक, यानी 0.72 प्रतिशत नीचे आया.
जियो पॉलिटिकल टेंशन
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म Enrich Money के CEO, पोनमुडी आर ने कहा कि इस हफ्ते बाजार पर भू-राजनीतिक और मैक्रोइकोनॉमिक घटनाक्रमों का गहरा असर पड़ने की उम्मीद है. निवेशकों का ध्यान मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान के बीच चल रही बातचीत, मध्य-पूर्व में हो रहे व्यापक कूटनीतिक घटनाक्रमों और कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर केंद्रित रहेगा. उन्होंने आगे कहा कि भू-राजनीति के अलावा, निवेशक बाज़ार की आगे की दिशा तय करने के लिए रुपए के उतार-चढ़ाव, संस्थागत निवेश के रुझान, वैश्विक इक्विटी बाज़ार के रुझान और प्रमुख मैक्रोइकोनॉमिक संकेतकों पर भी बारीकी से नजर रखेंगे.
Khabar Monkey
आरबीआई एमपीसी
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के रिसर्च हेड, संतोष मीणा ने कहा कि इस हफ्ते की मुख्य घरेलू घटना RBI एमपीसी की बैठक होगी, जिसकी घोषणा शुक्रवार को होनी है. महंगाई बढ़ने की चिंताओं और करेंसी से जुड़े घटनाक्रमों के बीच, बाजार के पार्टिसिपेंट्स महंगाई, तरलता और ब्याज दरों पर RBI के रुख पर बारीकी से नजर रखेंगे. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, मई महीने के लिए ऑटोमोबाइल बिक्री के मासिक आंकड़े 1 जून को जारी किए जाएंगे, जिनसे इस क्षेत्र में मांग के रुझान के बारे में जानकारी मिलेगी.
Geojit Investments Limited के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा कि आगे देखें तो, भारतीय इक्विटीज़ के लिए नजदीकी भविष्य की दिशा दो आपस में जुड़ी हुई वजहों पर निर्भर करती है: RBI का मॉनेटरी पॉलिसी फैसला और भारत के GDP डेटा का जारी होना. वहीं, भारत का PMI और IIP डेटा Q1FY27 की शुरुआत में औद्योगिक गति के बारे में पहली अहम जानकारी देगा.












