Palmistry: जिस तरह ज्योतिष शास्त्र में राशि और कुंडली के भाव ग्रहों से संबंध रखते हैं उसी तरह हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर बने पर्वत ग्रहों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में आज हम आपको शनि पर्वत और इस पर बने कुछ चिह्नों के बारे में जानकारी देंगे। शनि पर्वत पर बने ये चिह्न राजयोग की तरह फल व्यक्ति को दे सकते हैं। आइए विस्तार से जान लेते हैं इन चिह्नों के बारे में।

शनि पर्वत
हथेली में शनि पर्वत मध्यमा उंगली यानि बीच वाली उंगली के मूल भाग को कहा जाता है। यह पर्वत हर किसी के हाथ में अलग-अलग प्रकार का हो सकता है कुछ लोगों के हाथ में शनि पर्वत उभरा होता है तो कुछ लोगों के हाथों में दबा हुआ। आइए जान लेते हैं इस पर्वत कौन से चिह्न बेहद शुभ माने जाते हैं।
मछली का निशान
शनि पर्वत पर अगर दो रेखाएं मिलकर ऐसी आकृति बना रही हों जो मछली की तरह लगे तो इसे बेहद शुभ संकेत माना जाता है। शनि पर्वत पर मछली का निशान होने से व्यक्ति को करियर में जबरदस्त लाभ मिलता है। ऐसे लोगों को कारोबार के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता मिलने के योग होते हैं। कम मेहनत करके भी ये जबरदस्त लाभ जीवन में पा सकते हैं। ऐसे लोग राजा की तरह जीवन जीते हैं।
त्रिशूल का निशान
त्रिशूल भगवान शिव का शस्त्र है और शनि देव, भगवान शिव के परम भक्त। ऐसे में हथेली में शनि पर्वत पर त्रिशूल का निशान बेहद शुभ संकेतक माना जाता है। ऐसे लोग बौद्धिक रूप से अत्यधिक विकसित और विवेकशील होते हैं। ऐसे लोगों को जीवन में धन-धान्य की प्राप्ति होती है और साथ ही राजनीति के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता ऐसे लोग पाते हैं। शनि देव के प्रभाव से ऐसे लोगों को सामाजिक स्तर पर भी मान-सम्मान प्राप्त होता है।
त्रिकोण का निशान
शनि पर्वत पर त्रिकोण या त्रिभुज का निशान होना भी राजयोग का संकेत माना जाता है। ऐसे लोगों को जीवन में खूब धन लाभ प्राप्त होता है। अनजान स्रोतों से भी ये धन कमाते हैं। करियर के क्षेत्र में भी इनको कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता। ऐसे लोगों की वाणी में भी मिठास देखने को मिलती है। जीवन के शुरुआती दौर में भले ही कुछ चुनौतियां इनके जीवन में हों लेकिन 25 साल के बाद ये राजा की तरह सुख भोग सकते हैं और करियर में बड़ी सफलता इनको मिलती है।
Khabar Monkey
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)





