Chronic Kidney Disease Diet tips: किडनी से जुड़ी समस्याओं में खान-पान का चुनाव सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अक्सर हम फलों को सेहत के लिए सुरक्षित मानते हैं, लेकिन किडनी के मरीजों के लिए हर फल फायदेमंद नहीं होता। विशेष रूप से वो फल जिनमें पोटैशियम (Potassium) की मात्रा अधिक होती है। ऐसे फल किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं और स्थिति को गंभीर बना सकते हैं।

दिल्ली के आकाश हेल्थकेयर मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. विक्रम कालरा के अनुसार गर्मी के फल केले, आम, तरबूज,खरबूजा और संतरा पोटैशियम से भरपूर होते हैं, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए, खासकर उन मरीजों को जो क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के मिड या एडवांस स्टेज में हैं या डायलिसिस पर हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि क्रॉनिक किडनी डिजीज के मरीज गर्मी में कौन-कौन से फलों से परहेज करें और उनके लिए Safe Options क्या हो सकते हैं।
किडनी के मरीजों में पोटैशियम का बढ़ना कैसे खतरनाक है?
गर्मी के मौसम में ठंडा-ठंडा तरबूज,खरबूजा,संतरा और आम खाने का अपना ही मज़ा है लेकिन अगर किसी को किडनी की बीमारी है, तो उसे फलों के चुनाव में सावधानी बरतनी चाहिए। जिन फलों में पोटैशियम की मात्रा ज्यादा है वो फल किडनी के मरीजों में परेशानी बढ़ा सकते हैं। किडनी के मरीजों में पोटैशियम का स्तर बढ़ना सेहत के लिए बेहद खतरनाक होता है। शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ने से मांसपेशियों में कमजोरी होने लगती हैं, दिल की धड़कन अनियमित होने लगती है और नौबत यहां तक आ सकती है कि हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है।
क्या किडनी मरीज फल खा सकते हैं?
कई लोग मानते हैं कि किडनी मरीजों को फल बिल्कुल नहीं खाने चाहिए, लेकिन यह गलत है। सही फलों का चुनाव और सही मात्रा में खाना किडनी के मरीजों के लिए जरूरी है। डॉक्टर ने बताया फल पूरी तरह खाना बंद करने से शरीर को फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट नहीं मिल पाते। किडनी के मरीजों के लिए सभी नेचुरल फल सुरक्षित नहीं होते, कुछ फलों में पोटैशियम बहुत ज्यादा होता हैं जो किडनी के मरीजों के लिए मुसीबत बन सकता है। एक्सपर्ट ने बताया जिन लोगों को किडनी की परेशानी है वो फलों के जूस की जगह फलों का सीधा सेवन करें, क्योंकि जूस में फाइबर कम और शुगर ज्यादा होती है
एक्सपर्ट ने बताया जिन लोगों को किडनी से जुड़ी परेशानी है अगर वो किडनी-फ्रेंडली फल भी ज्यादा मात्रा में खाते हैं तो नुकसान कर सकते हैं। तरबूज जैसे फल पानी से भरपूर होते हैं, लेकिन जिन मरीजों का डायलिसिस हो रहा है उनमें यह फ्लूइड ओवरलोड का कारण बन सकते हैं।
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किडनी के मरीजों के लिए कौन-कौन से फल सुरक्षित हैं?
किडनी मरीज सीमित मात्रा में सेब, अनाना, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और अंगूर जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं।
- बात करें सेब की तो इसमें लो पोटैशियम और हाई फाइबर होता है, जिससे किडनी पर दबाव नहीं पड़ता। इसमें ‘पेक्टिन’ नामक फाइबर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। चूंकि डायबिटीज और हाई बीपी किडनी खराब होने के बड़े कारण हैं, इसलिए सेब दोहरा फायदा पहुंचाता है। डॉक्टर के मुताबिक आप सेब का सेवन अच्छे से धोकर कर छिलकों के साथ करें।
- अनानास में पोटेशियम बहुत ज्यादा होता है, लेकिन अनानास एक बेहतरीन अपवाद है। अनानास में ब्रोमेलैन होता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह किडनी की सूजन कम करने और Stone के खतरे को घटाने में मदद करते है। यह फल उन मरीजों के लिए बेस्ट है जिन्हें संतरे या केला खाने की मनाही है।
- स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी भी किडनी के मरीजों के लिए बेस्ट ऑप्शन है। ब्लूबेरी और स्ट्रॉबेरी में एंथोसायनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाता है। किडनी मरीजों को फास्फोरस कम लेना होता है, और बेरीज में यह बहुत कम मात्रा में पाया जाता है। ये फल शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं वो भी बिना किडनी को थकाए।
- अंगूर एक ऐसा फल है जो हाइड्रेटिंग और लो पोटैशियम वाला है। लाल अंगूर में यह खास तत्व होता है, जो किडनी की नसों में सूजन कम करता है और किडनी डैमेज की रफ्तार को धीमा करता है। इनमें पानी की मात्रा अच्छी होती है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखती है।
क्रॉनिक किडनी डिजीज के अलग-अलग स्टेज में फलों का डाइट प्लान
स्टेज 1 और 2 जब हल्की किडनी बीमारी होती है
- सुबह: 1 छोटा सेब
- दोपहर: 1 कप पपीता या तरबूज
- कभी-कभी: 2–3 स्लाइस आम या 1छोटा केला
स्टेज 3 किडनी की बीमारी का मध्यम स्तर
- सुबह: सेब या नाशपाती
- दोपहर: ½ कप अनानास या अंगूर
- सीमित करें: आम, केला, संतरा
स्टेज 4 यानी एडवांस स्टेज
- रोज 1 सर्विंग:
- 1 छोटा सेब
- या ½ कप अनानास
- या 6–8 अंगूर
स्टेज 5 डायलिसिस से पहले
- 1 छोटी सर्विंग:सेब या ½ कप स्ट्रॉबेरी/ब्लूबेरी
- ज्यादा पोटैशियम वाले फल पूरी तरह अवॉइड करें
स्टेज 5 यानी डायलिसिस पर
- 1–2 छोटी सर्विंग डॉक्टर की सलाह के अनुसार
- तरबूज और आम बहुत सीमित मात्रा में लें
जरूरी सलाह
- अपने पोटैशियम लेवल की नियमित जांच कराएं
- डाइट प्लान डॉक्टर या डाइटिशियन से बनवाएं
- हर स्टेज में डाइट अलग होती है, इसलिए खुद से बदलाव न करें
- सही जानकारी और संतुलित डाइट के साथ किडनी मरीज भी मौसमी फलों का आनंद सुरक्षित तरीके से ले सकते हैं।
डिस्क्लेमर : किडनी की बीमारी के अलग-अलग Stages होते हैं। यह जानकारी सामान्य किडनी डाइट पर आधारित है। यदि आप डायलिसिस पर हैं या आपकी Creatinine रिपोर्ट बहुत बढ़ी हुई है, तो किसी भी फल को खाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।





