उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार (30 मई) ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का उद्घाटन हुआ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी इसका उद्घाटन किया. इस मौके पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक भी उपस्थित थे. यह कार्यक्रम इकाना स्टेडियम के पास आयोजित किया गया. भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और तकनीकी क्षमता को समर्पित यह वाटिका सीजी सिटी में विकसित की गई है. यहां रिटायर्ड युद्धपोत INS को भी स्थापित किया गया है. जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण होगा.

नौसेना शौर्य वाटिका को भारतीय नौसेना और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के सहयोग से एक ओपन-एयर नौसैनिक संग्रहालय के रूप में विकसित किया गया है. इस सुविधा का मकसद पर्यटकों को सेवामुक्त नौसैनिक संपत्तियों, व्याख्यात्मक प्रदर्शनों और इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों के जरिए से भारत की समुद्री विरासत की समझ प्रदान करना है. इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा और समुद्री अभियानों में नौसेना की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है.
#WATCH | लखनऊ, उत्तर प्रदेश: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन किया।
इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। pic.twitter.com/YdwXXkO9cD
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 30, 2026
‘लखनऊ की पहचान बनेगा नौसेना शौर्य वाटिका’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटित होना, उनके लिए बड़े सम्मान और गौरव का क्षण है. उन्होंने कहा कि मेरा विश्वास है कि आने वाले समय में नौसेना शौर्य वाटिका लखनऊ के लिए एक प्रेरणा स्थल और tourist hub बनने के साथ-साथ लखनऊ की पहचान बनेगा. उन्होंने कहा कि हमारी Navy पूरे देश का asset है. उसकी ताकत, देश के हर नागरिक के संकल्प और विश्वास से आती है, चाहे वह समुद्र के पास रहता हो या हज़ारों किलोमीटर दूर लखनऊ में रहता हो.
रक्षा मंत्री ने कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका कोई साधारण पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रेरणा स्थल है. उन्होंने कहा कि यह शौर्य वाटिका, आने वाली पीढ़ियों को बताएगी, कि आजादी और सुरक्षा की कीमत क्या होती है. उन्होंने कहा कि यह शौर्य वाटिका हमें एक बार रुककर, ठहरकर सोचने पर मजबूर करेगी कि जिन लोगों की वजह से, हमारी ये सारी ज़िंदगी सुरक्षित चल रही है, उनका योगदान हमारी ज़िंदगी में कितना बड़ा है. उनके प्रति हमारी नई पीढ़ी कृतज्ञता का अनुभव करेगी.
लखनऊ में निर्मित भव्य ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ के लोकार्पण समारोह में संबोधन। https://t.co/7XFmuSsvoX
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) May 30, 2026
रक्षा मंत्री ने किया पहलगाम हमले का जिक्र
पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले साल, पहलगाम में एक कायराना आतंकी हमला हुआ. आतंकियों ने धर्म पूछकर हमारे निर्दोष नागरिकों की हत्या की. उस घटना के बाद, पूरे देश का खून खौल उठा. उसके बाद, देश की तीनों सेनाओं ने मिलकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया. उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं ने सटीक हमले करके, पाकिस्तान में स्थित आतंकी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर दिया.
‘तीनों सेनाओं ने निभाई अहम भूमिका’
उन्होंने कहा कि देश की आर्मी और एयरफोर्स ने तो अपनी भूमिका निभाई ही, लेकिन जो हमारी नेवी ने निभाई, वो भी बहुत महत्त्वपूर्ण थी. उन्होंने कहा नेवी पूरी ताकत के साथ अरब सागर में उपस्थित थी. जिसने दुश्मन के मन में लगातार भय बनाए रखा. इसका नतीजा ये हुआ कि पाकिस्तान की पूरी नौसेना डर कर अपने बंदरगाहों में दुबक कर बैठ गई. उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं की ये ताकत, हमारी लगातार की गयी मेहनत और सतर्कता का नतीजा है. उन्होंने कहा कि 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार आई, तबसे ही इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि भारत सही मायने में तभी ताकतवर कहलाएगा, जब हमारी सेनाओं को हथियार के लिए दूसरे देशों पर निर्भर न रहना पड़े. इसलिए प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत का vision दिया.
‘भारत बन रहा आत्मनिर्भर ‘
रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने Make in India, Defence corridors, i-DEX, ADITI, तथा और भी कई initiatives के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि हम भारतीय सेनाओं के लिए अत्याधुनिक हथियार भारत में ही निर्मित करें और यदि संभव हो तो हम उसे भारत के बाहर निर्यात भी करें. उन्होंने कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र, अब पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर होने की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों में हमने जो मेहनत की है उसका परिणाम आज हमें मिल रहा है. 2014 में हमारा domestic defence production मात्र 46,000 करोड़ रूपए था यानि हमलोग भारत में सिर्फ 46,000 करोड़ रूपए के हथियार और साजो-सामान बना पाते थे, लेकिन आज वहीं बढ़कर डेढ़ लाख करोड़ रूपए से भी अधिक हो चुका है.
DRDO की प्रयोगशालाएं शुरू
राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती पहले से ही सेना में अपनी भागीदारी के लिए जानी जाती है. यहां के जवानों ने हर युद्ध में बढ़-चढ़कर, कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा की है. लेकिन हमने इसे और आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है. उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत हमने यहां DRDO की प्रयोगशालाएं शुरू की. उन्होंने कहा कि Defence corridor के माध्यम से उत्तर प्रदेश भारत के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बना रहा है. यहां लखनऊ में ब्रह्मोस का भी निर्माण हो रहा है एवं और भी कई तरह से उत्तर प्रदेश, defence manufacturing को मजबूत कर रहा है.
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यह वाटिका इकाना क्रिकेट स्टेडियम के गेट नंबर-5 के पास विकसित की गई है. करीब 19 करोड़ की लागत से 2 एकड़ से अधिक क्षेत्र में तैयार यह वाटिका भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और आधुनिक तकनीकी क्षमता को समर्पित की गई है. वाटिका का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय नौसेना का सेवानिवृत्त युद्धपोत INS गोमती है. यह युद्धपोत 28 मई 2022 को नौसेना सेवा से सेवानिवृत्त हुआ था,





