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ईशा से लेकर अनंत अंबानी तक को नहीं मिलती सैलरी, फिर भी कैसे कमा लेते हैं करोड़ों!

देश के सबसे चर्चित कारोबारी परिवारों में शामिल अंबानी फैमिली की नई पीढ़ी अब कारोबार संभाल रहे हैं, लेकिन उनके परिवार के बारे में एक दिलचस्प बात यह है कि कोई भी सैलरी नहीं लेता है. मुकेश अंबानी ने खुद लगातार 6वें साल कोई सैलरी नहीं ली है. साथ ही ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी को कंपनी से कोई फिक्स सैलरी नहीं मिलती है. इसके बावजूद उनकी कमाई करोड़ों में होती है. रिलायंस इंडस्ट्रीज की एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, अंबानी परिवार की आय का बड़ा हिस्सा डिविडेंड, कमीशन और शेयरहोल्डिंग से आता है. यही वजह है कि बिना वेतन भी उनकी दौलत लगातार बढ़ती जा रही है.

ईशा से लेकर अनंत अंबानी तक को नहीं मिलती सैलरी, फिर भी कैसे कमा लेते हैं करोड़ों!
ईशा से लेकर अनंत अंबानी तक को नहीं मिलती सैलरी, फिर भी कैसे कमा लेते हैं करोड़ों!

Reliance Industries के कारोबार में अब अंबानी परिवार की नई पीढ़ी तेजी से अपनी भूमिका मजबूत कर रही है. ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी को अक्टूबर 2023 में कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल किया गया था. हालांकि, खास बात यह है कि तीनों को कंपनी से कोई मासिक या सालाना सैलरी नहीं मिलती है.

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ऐसे होती है कमाई

इसके बावजूद अंबानी परिवार की कमाई करोड़ों रुपये में होती है. कंपनी की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड मीटिंग में शामिल होने के बदले आकाश और ईशा अंबानी को पांच-पांच लाख रुपये का बैठक शुल्क दिया गया. इसके अलावा उन्हें 2.5-2.5 करोड़ रुपये का कमीशन भी मिला. अनंत अंबानी को भी बोर्ड स्तर की जिम्मेदारियों के जरिए आर्थिक लाभ मिलता है.

दरअसल, अंबानी परिवार की सबसे बड़ी ताकत रिलायंस इंडस्ट्रीज में उनकी हिस्सेदारी है. कंपनी जब भी अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देती है, तब परिवार को करोड़ों रुपये की आय होती है. इसके अलावा रिलायंस के शेयरों की कीमत बढ़ने से उनकी नेटवर्थ में भी लगातार इजाफा होता रहता है. यही वजह है कि बिना सैलरी के भी अंबानी परिवार देश के सबसे अमीर परिवारों में शामिल है.

तेल के दाम पर भी जताई कंपनी ने चिंता

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी रिपोर्ट में वैश्विक बाजार को लेकर भी चिंता जताई है. कंपनी का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, आर्थिक सुस्ती और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की वजह से आने वाले समय में ग्लोबल ऑयल डिमांड प्रभावित हो सकती है. हालांकि, कंपनी ऊर्जा और मटेरियल सेक्टर में लंबे समय के अवसरों पर फोकस बनाए हुए है.

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