प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के मंच से AI के कारण नौकरी संकट पर दुनिया का डर दूर किया था। पीएम ने कहा था कि इतिहास हमें सिखाता है जब भी इनोवेशन होता है, नए मौके सामने आते हैं। उन्होंने कहा था कि एआई भी नई नौकरियां लेकर आएगा। अब OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन भी इसी नतीजे पर पहुंच गए हैं। सैम ने मंगलवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से नौकरियां पूरी तरह खत्म होने का कोई बड़ा खतरा नहीं है।
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सैम ऑल्टमैन ने सिडनी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि उन्हें शुरुआत में उम्मीद थी कि 2022 में OpenAI के ChatGPT लॉन्च होने के बाद बड़ी संख्या में कॉल सेंटर और कस्टमर सपोर्ट नौकरियां खत्म हो जाएंगी। हालांकि, उन्होंने कहा, “मुझे यह जानकर खुशी हुई कि मेरा अनुमान गलत साबित हुआ।” IANS की रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI ने AI की तकनीकी प्रगति की रफ्तार को लेकर लगभग सही अनुमान लगाया था, लेकिन इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को लेकर कंपनी काफी हद तक गलत साबित हुई।
उन्होंने माना कि नौकरियां खत्म होने को लेकर शुरुआती चिंताएं उस समय वास्तविक आशंकाओं पर आधारित थीं। ऑल्टमैन की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब कई दिग्गज कंपनियों ने बड़े पदों पर AI टूल्स का उपयोग शुरू कर दिया है।
हालांकि पीएम मोदी दुनिया को पहले ही यह संदेश दे चुके हैं कि एआई के कारण नई नौकरियों का सृजन होगा।
क्या कहा था PM मोदी ने?
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के मंच से पीएम मोदी ने कहा था कि AI एक ‘फोर्स मल्टीप्लायर’ है, जो संभावनाओं की सीमाओं को और आगे ले जाने में मदद करेगा। एआई का उपयोग करके डॉक्टर, वकील और शिक्षक पहले के मुकाबले कहीं बड़ी आबादी तक पहुंचेंगे और उनकी मदद कर पाएंगे।
अब खुद लिख रहा हूं अपने ‘ईमेल’
सैम ऑल्टमैन के अनुसार, इंसानी रिश्ते और बातचीत आज भी कई नौकरियों में बेहद अहम हैं और मशीनें उन्हें पूरी तरह नहीं बदल सकतीं। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने कुछ समय तक ईमेल के जवाब AI से लिखवाने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में वह खुद जवाब लिखने लगे।





