सोमवार को फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह पर बैन लगाने की घोषणा की। जिसके कुछ ही घंटों बाद एडिटर श्वेता वेंकट ने संगठन पर सवाल उठाए।

‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ (2012), ‘न्यूटन’ (2017) और ‘हसीन दिलरुबा’ (2021) जैसी फिल्मों के लिए मशहूर श्वेता का कहना है कि FWICE ने एक्सेल एंटरटेनमेंट के फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की याचिका पर रिवीलेंस के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की, लेकिन तीन साल पहले 242 मिनट्स ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है।
2023 से एडिटर्स की शिकायत लंबित
श्वेता वेंकट ने स्क्रीन से बातचीत में कहा, “काफी समय से इंडस्ट्री के एडिटर्स पे-स्केल, बकाया भुगतान और काम करने की परिस्थितियों जैसे मुद्दों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। हमें प्रोड्यूसर्स के साथ बातचीत की जरूरत थी।”
उन्होंने बताया कि कुछ एडिटर्स FWICE से मिलने भी गए थे, जहां उन्हें प्रोड्यूसर्स बॉडी के साथ मीटिंग कराने का आश्वासन दिया गया था। यह मामला 2023 का है, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हुई।
श्वेता ने आगे कहा, “242 एडिटर्स के साइन वाला एक पत्र भी FWICE को भेजा गया था, जिसमें सभी समस्याओं का जिक्र था। लेकिन उस मीटिंग के बाद से अब तक कोई जवाब या बातचीत नहीं हुई।”
उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर FWICE द्वारा रणवीर पर लगाए गए बैन को “क्यूट” बताते हुए लिखा कि जब एडिटर्स मदद मांग रहे थे तब संगठन की यही तेजी कहां थी।
उन्होंने लिखा, “जब फिल्म एडिटर्स प्रोड्यूसर्स के साथ बातचीत शुरू कराने के लिए आपके पास आए थे, तब यह एफिशिएंसी कहां थी? 3 साल हो गए। शायद हम इतने ‘कूल’ नहीं थे। मतलब या तो प्रोड्यूसर बनो या फिर एक्टर।” स्क्रीन ने FWICE प्रेसिडेंट बीएन तिवारी से भी संपर्क किया, लेकिन उनकी ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रणवीर सिंह पर FWICE ने क्यों लगाया बैन?
FWICE ने अपने 5 लाख से ज्यादा सदस्यों को निर्देश दिया है कि वे रणवीर सिंह के साथ किसी भी क्षमता में काम न करें, जब तक कि अभिनेता संगठन से मिलकर मामले का समाधान नहीं निकालते।
दरअसल, पिछले दिसंबर रणवीर सिंह ने कथित तौर पर शूटिंग शुरू होने से तीन हफ्ते पहले ‘डॉन 3’ छोड़ दी थी। इसके बाद एक्सल एंटरटेनमेंट ने अभिनेता से 45 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की, ताकि फिल्म की प्री-प्रोडक्शन लागत की भरपाई की जा सके।
Khabar Monkey
FWICE का दावा है कि रणवीर को हर 10 दिन में तीन बार नोटिस भेजा गया, लेकिन वह संगठन के सामने पेश नहीं हुए। वहीं रणवीर के प्रतिनिधि ने कहा कि इस मामले में FWICE का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। इसके बाद संगठन ने अभिनेता के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्रोड्यूसर्स बॉडी से भी अपील की कि विवाद सुलझने तक रणवीर को काम न दिया जाए।





