Sunday, May 31, 2026
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Adhik Maas 2026: अधिक मास की पद्मिनी एकादशी पूजा की महिमा अपरंपार, जानिए सही तिथि और विधिवत पूजा के विशेष नियम

Adhik Maas 2026: अधिक मास की पद्मिनी एकादशी पूजा की महिमा अपरंपार, जानिए सही तिथि और विधिवत पूजा के विशेष नियम

Padmini Ekadashi Kab Hai: भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा के लिए एकादशी का व्रत सबसे पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी व्रत रखा जाता है। इस बार अधिकमास की पद्मिनी एकादशी 27 मई को पड़ रही है। धर्म ग्रथों में अधिकमास में पड़ने वाली पद्मिनी एकादशी को अत्यंत दुर्लभ और महापुण्यदायी बताया गया है।

Adhik Maas 2026: अधिक मास की पद्मिनी एकादशी पूजा की महिमा अपरंपार, जानिए सही तिथि और विधिवत पूजा के विशेष नियम
Adhik Maas 2026: अधिक मास की पद्मिनी एकादशी पूजा की महिमा अपरंपार, जानिए सही तिथि और विधिवत पूजा के विशेष नियम

इसकी मुख्य वजह यह एकादशी हर साल नहीं आती, बल्कि तीन साल में एक बार आती है। इसलिए इस एकादशी का महत्व सनातन धर्म में अन्य एकादशी की तुलना में तीन गुणा अधिक बताया गया है।

कब है 2026 पद्मिनी एकादशी?

ज्योतिष एवं पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 2026 ज्येष्ठ अधिकमास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाने वाली पद्मिनी एकादशी का व्रत 27 मई 2026 बुधवार को रखा जाएगा।

पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ की एकादशी तिथि 26 मई सुबह 05:10 पर शुरू होगी और 27 मई सुबह 06:21 पर समाप्त हो जाएगी। उदयातिथि के अननुसार यह व्रत 27 मई को ही रखा जाएगा।

पद्मिनी एकादशी व्रत से जुड़े क्या है नियम ?

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पद्मिनी एकादशी व्रत से जुड़े नियमों का पालन करने से भगवान श्री हरि विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इस व्रत को विधि-विधान से करने पर जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

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  • तामसिक भोजन न करें

धार्मिक ग्रंथों में व्रत के दिन तामसिक भोजन करने की मनाही है। एकादशी व्रत के नियम एक दिन पहले यानी दशमी तिथि से ही शुरू हो जाते हैं। इसलिए एक दिन पहले से ही तामसिक भोजन न करें। इसके अलावा, दशमी तिथि को लहसुन-प्याज से बना भोजन भी न करें, केवल सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।

  • तुलसी जरूर चढ़ाएं

जैसा कि आप जानते है कि भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व होता है। लोक मान्यता है कि, तुलसी के बिना विष्णु पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए पद्मिनी एकादशी पूजा के एक दिन पहले ही तुलसी दल तोड़कर रख लें। ताकी पूजा के दिन तुलसी दल भगवान विष्णु को अर्पित्त कर श्री हरि भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त कर सकें।

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें

पद्मिनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का संकल्प लें।

  • क्रोध और नकारात्मकता से बचें

एकादशी व्रत केवल अन्न त्यागने का नाम नहीं है। इस दिन मन, वचन और कर्म की पवित्रता का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। झूठ बोलने, विवाद करने और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। ऐसा करने से भगवान श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और व्रत का पूर्ण फल मिलता है।

  • दान-पुण्य करें

पद्मिनी एकादशी पर जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे भगवान श्री हरि विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। व्रत का पारण करने से पहले ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देना भी शुभ फलदायी माना गया है।

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