दिल्ली के लाजपत नगर बाजार में खरीदारी करना हमेशा से एक थका देने वाला अनुभव रहा है. भीड़भाड़ वाली सड़कों पर घंटों चलना, मोलभाव करना, भारी बैग्स उठाकर मीलों तक पैदल चलना किसी चुनौती से कम नहीं है. अब इसी परेशानी को हमेशा के लिए खत्म करने के मकसद से दिल्ली स्थित एक नए स्टार्टअप ‘कैरीमेन’ (CarryMen) ने एक अनोखी सर्विस पेश की है. यह स्टार्टअप प्रति घंटे महज 149 रुपये के शुल्क पर एक ‘शॉपिंग असिस्टेंट’ मुहैया करा रहा है. यह कारोबारी पहल उन थके हुए पतियों, माताओं, आम खरीदारों के लिए एक संजीवनी बनकर उभरी है, जो बाजार जाते ही भारी सामान ढोने के नाम से ही परेशान हो जाते हैं.

खरीदारी का मज़ा बिना किसी बोझ के
. इस बिजनेस मॉडल की टैगलाइन बिल्कुल साफ है- “आप खरीदारी करें, सामान उठाने की जिम्मेदारी हमारी होगी.” यह सर्विस उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो भीड़भाड़ वाले बाजारों में घंटों बिताते हैं. अक्सर भारी बैग्स के कारण ग्राहकों की थकान इतनी बढ़ जाती है कि वे जल्दी वापस लौटने का फैसला करते हैं, जिससे दुकानदारों का भी नुकसान होता है. इस नई सर्विस से अब ग्राहकों के हाथ पूरी तरह से खाली रहेंगे. वे आराम से घूम सकते हैं, अपने पसंदीदा उत्पाद चुन सकते हैं, बिना किसी शारीरिक परेशानी के शॉपिंग को एन्जॉय कर सकते हैं.
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कैसे काम करती है यह सर्विस?
कैरीमेन ने अपनी इस सर्विस का किराया आम जनता को ध्यान में रखते हुए बेहद किफायती रखा है. ग्राहक 149 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से एक प्रशिक्षित सहायक बुक कर सकते हैं. ग्राहकों की सहूलियत के लिए 2, 3 या 4 घंटे के अलग-अलग पैकेज भी उपलब्ध कराए गए हैं. यह सहायक पूरे बाजार में ग्राहक के साथ-साथ चलता है. इसका काम सिर्फ शॉपिंग बैग्स उठाना ही नहीं है, बल्कि यह दुकानों का सही रास्ता खोजने, खाने-पीने की जगहों पर लंबी कतारों में खड़े होने, पार्किंग या मेट्रो स्टेशन तक ग्राहकों को सुरक्षित पहुंचाने में भी पूरी मदद करता है. यहां तक कि अगर ग्राहक थक जाए, तो यह सहायक उनके आराम से बैठने की जगह ढूंढने का काम भी करता है. हालांकि, कंपनी की पॉलिसी के अनुसार एक सहायक अधिकतम 12 किलोग्राम तक का ही वजन उठा सकता है. अगर सामान इससे ज्यादा होता है, तो ग्राहकों को एक अतिरिक्त सहायक को हायर करना होगा.
इस अनोखे स्टार्टअप की शुरुआत कैसे हुई?
इस स्टार्टअप को शुरू करने वाले दोनों संस्थापक दिल्ली के ही स्थानीय निवासी हैं. बचपन से ही उन्होंने अपने परिवारों के साथ इन भीड़भाड़ वाले बाजारों का दौरा किया था. उन्होंने करीब से महसूस किया कि लंबी पैदल यात्रा, खाने के स्टॉल पर लगने वाली भारी भीड़, हाथों में भारी बैग्स की वजह से होने वाली शारीरिक थकान अक्सर शॉपिंग की पूरी खुशी को खत्म कर देती है. इसी दैनिक समस्या को एक शानदार बिजनेस के अवसर में बदलते हुए उन्होंने इस स्टार्टअप की नींव रखी.
किन बाजारों में मिल रही है यह सुविधा?
कैरीमेन ने आधिकारिक तौर पर इसी साल अप्रैल महीने में अपना कामकाज शुरू किया है. अपने लॉन्च के पहले ही महीने में इस स्टार्टअप ने 50 से अधिक बुकिंग सफलता पूर्वक पूरी कर ली हैं. दिलचस्प कारोबारी पहलू यह है कि कंपनी ने इस सर्विस के प्रचार के लिए किसी भी महंगे विज्ञापन या इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग अभियान का सहारा नहीं लिया है. इसके बजाय, यह कॉन्सेप्ट माउथ-पब्लिसिटी (word-of-mouth) तथा ऑर्गेनिक सोशल मीडिया चर्चाओं के जरिए तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है. वर्तमान में यह सर्विस सिर्फ लाजपत नगर बाजार में संचालित हो रही है. लेकिन ग्राहकों की बढ़ती मांग व सकारात्मक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए कंपनी जल्द ही चांदनी चौक जैसे अन्य प्रमुख बाजारों में भी अपने कारोबार विस्तार की योजना पर काम कर रही है.












