आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल के कारण थायराइड (Thyroid) एक बेहद आम समस्या बन चुका है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के मुताबिक यह ग्रंथि (Gland) जब शरीर में जरूरत से ज्यादा या कम हार्मोन बनाने लगती है, तो शरीर कई तरह के शुरुआती संकेत देने लगता है। थायराइड गले के सामने मौजूद तितली के आकार की एक महत्वपूर्ण ग्रंथि होती है, जो श्वास नली के ऊपर स्थित रहती है। यह ग्रंथि शरीर में थायरोक्सिन हार्मोन बनाती है, जो मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने, ऊर्जा बनाए रखने और शरीर की कोशिकाओं के कामकाज को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाता है। जब थायराइड ग्रंथि सही तरीके से काम नहीं करती, तब थायराइड से जुड़ी समस्याएं जैसे घबराहट, मांसपेशियों में कमजोरी और लगातार बालों के झड़ने जैसी समस्याओं को सामान्य करना पड़ता है।

Ck Birla Hospitals में डायबिटीज एंड इंड्रोक्रॉयनोलोजी में अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंकुर गहलोत ने बताया थायराइड दो तरह का होता है, हाइपोथायरायडिज्म और हाइपोथायरायडिज्म। इस बीमारी के लक्षण बहुत हद तक उसकी गंभीरता और प्रकार पर निर्भर करते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक शरीर में थायराइड की समस्या बढ़ने पर कई शुरुआती संकेत दिखाई देने लगते हैं। अक्सर लोग इन लक्षणों को सामान्य थकान या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय रहते इनकी पहचान करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं थायराइड की बीमारी के दौरान शरीर में कौन-कौन से चेतावनी संकेत नजर आते हैं और उनके लक्षणों को कैसे पहचाना जा सकता है।
थायराइड के शुरुआती चेतावनी संकेत
थायराइड की समस्या होने पर शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है। इन लक्षणों को समय रहते पहचानना जरूरी है, क्योंकि लंबे समय तक नजरअंदाज करने पर परेशानी बढ़ सकती है। थायराइड के आम वार्निंग साइन
- अचानक वजन बढ़ना या तेजी से घटना
- हर समय चिंता, तनाव या डिप्रेशन महसूस होना
- स्वभाव में चिड़चिड़ापन आना और मूड बार-बार बदलना
- महिलाओं में पीरियड्स का अनियमित होना
- मौसम के प्रति ज्यादा संवेदनशील होना, जैसे सर्दी में ज्यादा ठंड लगना या गर्मी में अधिक गर्मी महसूस होना
- आंखों की रोशनी धुंधली लगना
- नींद पूरी न होना या अनिद्रा की समस्या
- बालों का तेजी से झड़ना और पतले होना
- दिल की धड़कन तेज होना या घबराहट महसूस होना
- मांसपेशियों में कमजोरी, दर्द या कंपकंपी होना
- गले में थायरॉइड ग्रंथि का सूजना या बढ़ा हुआ दिखाई देना शामिल है।
थायराइड की जांच कब करवानी चाहिए?
अगर शरीर में थायराइड से जुड़े लक्षण लगातार दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करवानी चाहिए। समय पर जांच कराने से बीमारी को शुरुआती चरण में ही कंट्रोल किया जा सकता है। इन परिस्थितियों में थायराइड टेस्ट जरूर करवाना चाहिए
- जब लगातार थकान, वजन में बदलाव या हार्मोनल समस्याएं महसूस हों
- प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले और गर्भावस्था के दौरान
- परिवार में किसी सदस्य को थायराइड की बीमारी रही हो
- ऑटोइम्यून डिजीज से पीड़ित लोगों को
- बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक वजन बढ़ने या घटने पर
- महिलाओं में पीरियड्स अनियमित होने या फर्टिलिटी से जुड़ी दिक्कत होने पर थायराइड स्पेशलिस्ट से सलाह लेकर जरूरी टेस्ट करवाना बेहतर माना जाता है।
थायराइड रोग में फायदेमंद सुपरफूड्स
नारियल
नारियल में मीडियम चेन फैटी एसिड्स (MCFA) पाए जाते हैं, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ थायराइड की वजह से होने वाली सुस्ती को कम करने में मददगार माना जाता है। नारियल पानी और नारियल तेल भी शरीर को हाइड्रेट और एक्टिव रखने में मदद कर सकते हैं।
अंडे खाएं
अंडे आयोडीन, सेलेनियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत माने जाते हैं। ये पोषक तत्व थायराइड हार्मोन के निर्माण और संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित मात्रा में अंडे खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और थकान व कमजोरी जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है।
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ब्राजील नट्स
ब्राजील नट्स में सेलेनियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो थायराइड ग्रंथि के सही कामकाज के लिए जरूरी मिनरल है। यह शरीर में हार्मोन संतुलन बनाए रखने और सूजन कम करने में मदद कर सकता है। सीमित मात्रा में इसका सेवन थायराइड हेल्थ को सपोर्ट करने के लिए फायदेमंद माना जाता है।
फलियां
फलियां फाइबर, आयरन, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। ये पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के साथ शरीर की ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती हैं। थायराइड रोग से जुड़ी कमजोरी और मेटाबॉलिज्म की समस्याओं को नियंत्रित करने में भी फलियों का सेवन उपयोगी माना जाता है।
पालक
पालक आयरन, आयोडीन और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत है, जो थायराइड हार्मोन के संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। यह शरीर में खून की कमी दूर करने और कमजोरी कम करने में भी सहायक होता है। नियमित रूप से पालक खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिल सकता है।
बेरीज
बेरीज में एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो थायराइड ग्लैंड को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। ये शरीर की इम्यूनिटी मजबूत करने और सूजन कम करने में भी फायदेमंद मानी जाती हैं। स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रास्पबेरी जैसी बेरीज हेल्दी विकल्प हो सकती हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें बताए गए उपाय, आहार और सुझाव किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं हैं। थायरॉइड या किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से परामर्श जरूर लें। किसी भी दवा, डाइट या उपचार को अपनाने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।












