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Pet Dog Care: पालतू डॉग को भी रहता है अर्थराइटिस का खतरा! ऐसे करें बचाव

Pet Dog Care: पालतू डॉग को भी रहता है अर्थराइटिस का खतरा! ऐसे करें बचाव

पालतू डॉग सिर्फ एक जानवर नहीं बल्कि परिवार का एक अहम हिस्सा भी होता है. जिसकी देखभाल हम अपने बच्चों की तरह ही करते हैं. ऐसे में पालतू डॉग की हर छोटी-छोटी समस्या को लेकर परिवार वाले चिंता में आ जाते हैं. हालांकि, कई बार अपने डॉग की केयर करते समय हम कुछ संकतों को नजरअंदाज कर देते हैं. दरअसल जैसे-जैसे डॉग की उम्र बढ़ती है, उसके शरीर और व्यवहार में कई बदलाव आने लगते हैं. आमतौर पर 5 साल की उम्र के बाद कई डॉग्स में उम्र बढ़ने के शुरुआती संकेत दिखाई देने लगते हैं, जिन्हें समय रहते समझना बहुत जरूरी होता है.

Pet Dog Care: पालतू डॉग को भी रहता है अर्थराइटिस का खतरा! ऐसे करें बचाव
Pet Dog Care: पालतू डॉग को भी रहता है अर्थराइटिस का खतरा! ऐसे करें बचाव

कई लोग यह सोचकर इन बदलावों को नजरअंदाज कर देते हैं कि यह आम बात है, लेकिन कई बार यही संकेत किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या की शुरुआत भी हो सकते हैं. जैसे की अर्थराइटिस का खतरा. ऐसे में चलिए जानते हैं कि कौन-कौन से संकेत बताते हैं कि आपको डॉग को अर्थराइटिस की समस्या हो रही है.

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

दक्षिण अफ्रीका के पशु चिकित्सक और एनिमल हेल्थ एजुकेटर डॉ. आमिर अनवरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर अमीर द वेट के नाम से जाना जाता है, इन दिनों पालतू कुत्तों की बढ़ती उम्र में होने वाली जोड़ों की समस्याओं को लेकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सही देखभाल और कुछ जरूरी आदतों को अपनाकर डॉग्स की जॉइंट हेल्थ को लंबे समय तक बेहतर रखा जा सकता है.

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डॉग्स का वजन कंट्रोल में रखें

डॉ. आमिर अनवरी बताते हैं कि बढ़ती उम्र में कुत्तों के जोड़ों को हेल्दी रखने के लिए उनका वजन कंट्रोल करना बेहद जरूरी होता है. क्योंकि डॉग थोड़ा भी ओवरवेट हो जाए तो उसके जोड़ों पर एक्सट्रा दबाव पड़ने लगता है, जिससे समय के साथ जोड़ों की घिसावट तेजी से बढ़ सकती है.

नियमित एक्सरसाइज बेहद जरूरी

डॉ. अनवरी का कहना है कि लगातार और बैलेंस एक्सरसाइज डॉग्स की जॉइंट हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है. ऐसे में रोजाना तय समय पर हल्की-फुल्की वॉक या स्विमिंग जैसी लो-इम्पैक्ट एक्टिविटी उनके शरीर को एक्टिव रखती है और जोड़ों को मजबूत बनाने में मदद करती है.

घर के माहौल में करें छोटे बदलाव

डॉग्स की जॉइंट हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए घर में कुछ छोटे बदलाव भी काफी मददगार साबित हो सकते हैं. फिसलन वाली टाइल्स या चिकने फर्श पर कुत्तों के फिसलने का खतरा ज्यादा रहता है, जिससे उनके जोड़ों पर एक्सट्रा दबाव पड़ सकता है. ऐसे में घर में कारपेट या रग्स बिछाना फायदेमंद होता है. ताकि उन्हें चलने में अच्छी पकड़ मिल सके.

समय रहते दें जॉइंट सपोर्ट न्यूट्रिएंट्स

डॉ. आमिर का मानना है कि डॉग्स को जॉइंट सपोर्ट सप्लीमेंट्स तब से देना शुरू कर देना चाहिए जब उनमें किसी तरह की समस्या दिखाई भी न दे. यानी इन्हें इलाज नहीं बल्कि बचाव के तौर पर इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद होता है. उन्होंने ओमेगा-3 सप्लीमेंट और जॉइंट सपोर्ट फॉर्मूला का कॉम्बिनेशन देने की सलाह दी.

khabarmonkey@gmail.com

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