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PM मोदी की एक ओर अपील ने फिर मचा दी खलबली, जानें विस्तार से

PM Narendra Modi On EV Sale And ICE Car: इलेक्ट्रिक व्हीकल्स फ्यूचर मोबिलिटी हैं, ये बात तो हर कोई जानना-बुझता और समझता है, लेकिन क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईवी अपनाने की अपील के बाद ICE, यानी पेट्रोल-डीजल और सीएनजी कारों की बिक्री प्रभावित होगी, यह सवाल इन दिनों काफी लाजिम हो गया है। दरअसल, ईरान की इस्राइल और अमेरिका से युद्ध के बाद दुनियाभर में तेल संकट की स्थिति और गहरा गई है। भारत में विदेशी मुद्रा भंडार ऐसी स्थिति में काफी ज्यादा प्रभावित हुआ है और इस सबसे ज्यादा आबादी वाले देश की तेल आयात पर निर्भरता का आने वाले समय में गंभीर परिणाम देखने के मिल सकता है।

PM मोदी की एक ओर अपील ने फिर मचा दी खलबली, जानें विस्तार से
PM मोदी की एक ओर अपील ने फिर मचा दी खलबली, जानें विस्तार से

क्या से क्या गया, देखते-देखते…
मौजूदा संकट की स्थिति के दुष्परिणाम भी बीते 10 दिनों के दौरान दिख गए हैं, जब 3 बार पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दाम बढ़े हैं। अब लोगों को पेट्रोल और डीजल 5 रुपये और सीएनजी 4 रुपये महंगे मिल रहे हैं। ये सारे हालात नए कार बायर्स को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं कि इन्हें पेट्रोल-डीजल और सीएनजी पावर्ड कार खरीदनी चाहिए या इलेक्ट्रिक कार? लेकिन परेशानी यह भी है कि ईवी को लेकर लोगों में इतनी ज्यादा अनिश्चितता की स्थिति है कि वो इससे उबर ही नहीं पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में पीएम मोदी की ईवी अपनाने की अपील का कुछ खास असर शायद दी दिखे और पेट्रोल-सीएनजी और डीजल, हाइब्रिड कारों की बिक्री की रफ्तार पर कुछ खास असर नहीं पड़ेगा।

बढ़ते तेल के दाम ने उड़ाई नींद
एक बात तो सत्य है कि मौजूदा कार बायर्स कुछ ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं और हालिया दिनों में फ्यूल प्राइस में बढ़ोतरी के बाद उनके फैसले प्रभावित हुए हैं। दरअसल, बाजार फिलहाल मल्टी-फ्यूल ट्रांजिशन के दौर में है। पीएम मोदी की अपील और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की क्वेरीज और बुकिंग में उछाल तो ला दिया है, लेकिन क्या ये सारे नंबर आखिरकार आने वाले समय में सड़कों पर दिखेंगे, ये बड़ा सवाल है।

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सेकेंड कार ईवी बनने वाली है…
खास तौर पर उन परिवारों में, जिनके पास पहले से एक पेट्रोल-डीजल या सीएनजी या हाइब्रिड कार है, वे अब सेकेंड कार के तौर पर ईवी को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि, सीएनजी और हाइब्रिड ज्यादातर ग्राहकों के लिए पेट्रोल-डीजल के अल्टरनेटिव व्हीकल के रूप में है। हालिया आंकड़ों की मानें तो पैसेंजर व्हीकल मार्केट में सीएनजी की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 24 फीसदी तक पहुंच गई है। हालांकि, पेट्रोल कारें अभी भी सबसे ज्यादा बिकती हैं।

ग्राहकों के लिए विकल्प क्या?
अब बात आती है कि आखिरकार ग्राहक करे तो क्या करे? ईवी के लिए माहौल बनाने से पहले ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और किफायती विकल्पों पर जोर देना ज्यादा जरूरी है। भारतीय ग्राहक हमेशा से वैल्यू फॉर मनी चीज खरीदना पसंद करते हैं। हालांकि, तेल की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी ने ग्राहकों के व्यवहार में बदलाव किए हैं। अब सामान्य ग्राहक केवल कार की खरीद कीमत नहीं, बल्कि उसकी रनिंग कॉस्ट को भी गहराई से देख रहे हैं। ऐसे में ईवी की कम रनिंग कॉस्ट उनके फैसले को प्रभावित करने में लगे हैं। जैसे-जैसे चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ रहा है और बैटरी की कीमतें कम हो रही हैं, इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ लोगों का झुकाव बढ़ेगा।

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